मीन

राशि पर

मीन

संस्कृत या वैदिक नाम : मीन

प्रमुख लक्षण : अनुवांशिक, रहस्यमय, रोमांटिक, इम्पेसिव, और इमेजिनेटिव

सबसे बड़ी इच्छा : अपने सपनों को हकीकत में बदलना

सबसे प्रमुख गुण : इमेजिनेशन, क्रिएटिव, सुख चाहने वाले, उदार, सरल, स्प्रिचुअल, अडाॅप्टेबल और नोलेजेबल

लाइफ फिलोसॉफी : बड़े सपने देखो

राशिचक्र में 331 से 360 डिग्री तक के क्षेत्र को मीन राशि के नाम से जाना जाता है। राशि क्रम में मीन का नंबर बारहवां है, और यह जल तत्व की अंतिम राशि है। मीन राशि के प्रकार या स्वभाव की बात करें तो यह एक म्यूटेबल मतलब द्विस्वभाव राशि है। मीन राशि के लोग स्वीट, सेंसेटिव और मिस्टिरियस होते हैंं।
मीन एक स्वतंत्र राशि है, यहां तक कि जब वे समूह में चल रहे हो तब भी उनके लिए अपनी स्वतंत्रता इंपोर्टेंट होती है। मीन राशि चक्र की उन राशियों में से एक है, जो बड़े सपना देखने वालों में से हैं और मीन सदैव अपनी काल्पनिक दुनिया में रहना पसंद करते हैं। वे अपनी लाइफ को एक अलग दृष्टिकोण से देखते हैं, जिसका वास्तविकता से सबंध हो भी सकता है और नहीं भी हो सकता हैं। जब वास्तविकता का सामना करना पड़ता है, तब आप सच्चाई का पूरी तरह सामना करने के बजाय कल्पना की अपनी दुनिया में वापसी करना चाहते हैं। मीन राशि के लोग आलसी और निष्क्रिय भी हो सकते हैं। वे स्वार्थी हो सकते हैं, और जब तक किसी काम में उनका हित नहीं होता तब तक वे अपने मित्रों के हितों की भी चिन्ता नहीं करते हैं।
मीन राशि के लोग इमोशनल होते हैं, लेकिन बेकार का दिखावा करने में विश्वास नहीं करते। उन्हें उनके दीर्घकालिक संबंधों के लिए भी जाना जाता है, वे बहुत बेहतरीन मित्र होते हैं। हालांकि उन्हें किसी पर भरोसा करने में थोड़ा समय लगता है, लेकिन एक बार भरोसा डवलप हो जाने के बाद उनके संबंध लंबे समय तक चलते हैं। उन्हें घूमना-फिरना और पढ़ना-लिखना पसंद होता है। उनका हाथ खर्चे में बहुत कसा हुआ होता है, वे बेहद सोच समझकर खर्च करते हैं। मीन राशि के लोग कम्युनिकेशन के दौरान भी सावधानी बरतने का काम करते हैं, और उन्हें अपने शब्दों को तालमोल कर बोलने के लिए जाना जाता है।

एक नजर डालें

मीन

राशि पर
मीन राशि चिह्न

मीन राशि चिह्न

मीन राशि का वैदिक चिह्न मछली है, यह राशि चक्र की अंतिम राशि हैं। मीन के साइन में दो मछलियां विपरीत दिशाओं में तैर रही हैं, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है। अपने अद्भुत चिह्न के कारण उनमें व्यापक तरह के दुर्लभ लक्षण पाये जाते हैं। वे समुद्र की शार्क की तरह खतरनाक हो सकते हैं, या तालाब की मछली तरह विनम्र।

मीन राशि का मास्टर प्लेनेट - गुरु

मीन के राशि स्वामी स्वयं देव गुरु बृहस्पति है। गुरू को ज्ञान, आध्यात्म और धर्म का कारक माना जाता है। प्रार्थना और भक्ति के स्वामी भी गुरु ही हैं। गुरु के प्रभाव के कारण ही मीन राशि के लोगों इमोशन और करुणा से भरे होते हैं। मीन स्वयं से किसी के लिए भले आगे न आएं, लेकिन पुकारे जाने पर वे मदद करने के लिए जरूर आगे आते हैं। मीन राशि के लोगों में गुरु से संबंधित कई सारे गुण देखने को मिलते हैं।

मीन राशि का मास्टर प्लेनेट - गुरु

मीन का रूलिंग हाउस - 12वां

कुंडली के 12वें घर पर मीन राशि का स्वामित्व होता है। पारंपरिक अर्थों की बात करें तो इसका संबंध अंत से लगाया जाता है, लेकिन यह सही नहीं इस हाउस का संबंध अंत से ना होकर पुनर्चक्रण से अधिक होता है। यह भावना, समर्पण, और रहस्य के बारे में भी हैं, यह एक स्थान हैं जहां आप अपनी सीमाओं के खिलाफ जा कर देख सकते हैं कि आपने क्या गलत किया हैं और उसे कैसे और बेहतर ढंग से किया जा सकता हैं।

मीन का रूलिंग हाउस - 12वां
मीन तत्व राशि - जल (वाटर)

मीन तत्व राशि - जल (वाटर)

मीन राशि चक्र का तीसरा और अंतिम वाटर साइन है, इसके अलावा वृश्चिक और कर्क भी जल तत्व की राशियां है। ज्योतिष में जल इमोशन को रिप्रेजेंट करता हैं, इसलिए आपके इमोशन या तो पानी की तरंगों की तरह होते हैं या किसी झील की तरह शांत होते हैं। अपने अंदर गहरे रहस्यों को छिपाकर रखने की कला भी मीन को जल तत्व से ही मिलती है। मीन की करूणा और आत्मज्ञान का संबंध भी जल तत्व से होता है। जल तत्व होने के कारण मीन राशि के लोग सेंसेटिव और स्पिरिचुअल भी होते हैं।

मीन राशि का प्रकार - म्यूटेबल

मीन एक म्यूटेबल साइन है, मीन के असमंजस वाले स्वभाव को दर्शाने का काम करता है। मीन राशिचक्र की अंतिम म्यूटेबल साइन है, जो मानव जीवन के परिवर्तन को दर्शाने का काम करता है। इसका सीधा मतलब मृत्यु के जीवन की ओर पलायन या अंधकार से प्रकाश की ओर होता है। म्यूटेबल साइन के अन्य संकेत जैसे मिथुन, कन्या और धनु हैं जिनमें मीन से मिलते जुलते कुछ गुण देखने को मिलते हैं।

मीन राशि का प्रकार - म्यूटेबल
मीन जन्म का रत्न - पुखराज (येलो सफायर)

मीन जन्म का रत्न - पुखराज (येलो सफायर)

मीन राशि के लोगों के लिए पुखराज भाग्यशाली रत्न माना जाता है। पुखराज का सीधा संबंध गुरु से होता है, पुखराज को अपना रंग और सुंदरता भी गुरु के प्रभाव से ही मिलती है। मीन राशि के लोगों के लिए पुखराज बेहद कारगार रत्न है, इसे धारण करने से उन्हे अपने मन के द्वंद को शांत करने में मदद मिलती है। इसी के साथ पुखराज मीन राशि के लोगों के मूडी नेचर को भी कंट्रोल करने का काम करता है। हालांकि किसी भी रत्न को बिना ज्योतिषीय सलाह के नहीं पहनना चाहिए।

मीन रंग - पीला (येलो)

मीन राशि के लिए पीला या येलो रंग को भाग्यशाली माना गया है। यदि मीन राशि के लोग अपनी डे टू डे की लाइफ में इस रंग का उपयोग करते हैं, तो उन्हे सीधे तौर पर इससे जुड़े लाभ अपनी लाइफ में देखने को मिलेंगे। गुरु जो मीन राशि के स्वामी है, उनका फेवरेट रंग भी येलो ही है।

मीन रंग - पीला (येलो)

मीन अनुकूलता

असंगत मिलान : मिथुन, तुला और धनु

तटस्थ मैच : कन्या और मीन

वैदिक ज्योतिष के अनुसार मीन के जल तत्व की अन्य राशियों जैसे वृश्चिक और कर्क के साथ बेहद मधुर संबंध होते हैं। इन राशियों के साथ वे अधिक आसानी से इमोशन और मेंटल कनेक्ट बना पाते हैं। अपनी तत्व राशि के अतिरिक्त मीन का पृथ्वी तत्व की मकर के साथ उत्तम मेल बनता है। वहीं अन्य राशियों में वृश्चिक के साथ भी मीन का मेल हो सकता है, क्योंकि मीन को सिक्योरिटी चाहिए और वृश्चिक को आना डोमिनेंस। इससे उन्हें अपने रिश्ते में अच्छा तालमेल बनाने में मदद मिलती है। नाॅर्मली पृथ्वी तत्व की मकर के साथ अच्छे से मेल खाने वाली मीन का मकर के साथ मैच बेहद कारगर हो सकता है। वहीं असंगत राशियों की बात करें तो मिथुन, तुला और धनु के साथ मीन का मेल बिल्कुल स्वभाविक नजर नहीं आता और उन्हें इसे आगे बढ़ाने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। तुला का मिलनसार नेचर मीन के मिस्टिरियस नेचर के साथ बिल्कुल भी मेल नहीं खाता है।

मीन लकी चार्म
लकी कलर: पीला
लकी स्टोन: पुखराज (येलो स्टोन)
भाग्यशाली दिन: मीन
लकी मेटल: सोना और पीतल

मीन प्लैनेटरी गवर्नर

राशि स्वामी - गुरु (जूपिटर)

मीन के स्वामी गुरु है, जो उन्हें सुरक्षित, पोषक, सहज, भावनात्मक और विस्तृत बनाने का कार्य करते हैं। मीन राशि को गुरु से मजबूत मानसिक क्षमता विस्तृत विजन देने का काम करते हैं। मीन की इमेजिनेशन पावर विस्तृत ज्ञान में भी गुरु का प्रभाव देखा जा सकता है।

मीन राशि में उच्च ग्रह - शुक्र (वीनस)

प्लेनेटरी पोजिशन के अनुसार मीन राशि में शुक्र को उच्च स्थान प्राप्त होता है। शुक्र का मीन राशि में होना मीन राशि के लोगों के लिए बेहद पाॅजिटिव माना गया है। जब शुक्र मीन राशि में होते हैं, तो उनके ज्ञान और विजन की शक्ति मीन की इमेजिनेशन के साथ मिलकर बेहद शानदार तरीके से तालमेल बैठाते हैं।

मीन राशि में नीच ग्रह - बुध (मरक्यूरी)

मीन राशि के लिए जहां शुक्र उच्च ग्रह की भूमिका निभाते हैं, वहीं बुध इस राशि में नीच स्थान प्राप्त करते हैं। सामान्य और सीधे शब्दों में कहें तो मीन राशि में बुध ग्रह अच्छे प्रभाव नहीं देते। मीन के लिए बुध कष्टदायक हो सकते हैं और इसके प्रभाव में मीन राशि की लाइफ में टकराव की स्थिति पैदा होती है, जिससे उनकी लाइफ में कई तरह की अनपेक्षित चीजें जन्म लेने लगती है।