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वृश्चिकराशि पर

संस्कृत या वैदिक नाम : वृश्चिक

प्रमुख लक्षण : लोयल, स्ट्रेटेजिक, पेशिनेट, रहस्यमयी और गुप्त

सबसे बड़ी इच्छा : दुनिया बदलने की इच्छा

सबसे प्रमुख गुण : संसाधनपूर्ण, रहस्यमयी, डेडिकेटेड, समझदार, फेथफुल और इमोशनल

लाइफ फिलोसॉफी : हर चीज की चाहत

राशिचक्र में 211 से 240 डिग्री तक के क्षेत्र को वृश्चिक राशि के नाम से जाना जाता है। राशि क्रम में वृश्चिक का नंबर आठवां है, और यह जल तत्व की दूसरी राशि है। वृश्चिक राशि के प्रकार या स्वभाव की बात करें तो यह एक फिक्स्ड मतलब स्थिर साइन है।
वृश्चिक राशि में पैदा हुए लोग सीरियस, निडर, जिद्दी, तेज और इमोशनल होते हैं। वृश्चिक राशि के लोग अपनी शर्तों पर जीवन जीते हैं और अपने भाग्य को खुद कंट्रोल करने में विश्वास रखते हैं। इनमें गोपनीयता या रहस्यों को अपने अंदर दबाये रखने की गजब की शक्ति होती है। वृश्चिक को इमोशनल और सेंसेटिव भी माना जाता है। वृश्चिक राशि के लोग दूसरों के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानने की जिज्ञासा रखते हैं। उनका पूरा फोकस जरूरी सवालों के जवाब खोजने पर होता है, उन्हें लाइफ के उन सीक्रेट्स को जानने में इंटरेस्ट होता है, जिन्हें जानना हर किसी के बस की बात नहीं होती है। वृश्चिक राशि के ज्यादातर लोगों के लिए उनकी जिज्ञासा ईंधन का काम करती हैं।
वृश्चिक में जन्मे लोगों को चीजों का इंसपेक्शन करने की आदत होती है, उन्हे चीजों की गहराई तक पहुंचने में बड़ा मजा आता है। उनकी इस आदत को सपोर्ट करने में उनका अंतर्ज्ञान उनकी बहुत मदद करता है। किसी बात के गर्भ तक पहुंचने के लिए उन्हें चीजों से परत दर परत पर्दा उठाने की भी आदत होती है। वे बिना किसी शर्म के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने का काम करते हैं, और अपने लिए आगे की राह को सुनिश्चित करते हैं।
वृश्चिक में दोस्तों के प्रति बहुत लॉयल्टी होती है, लेकिन यदि वे एक बार किसी के दुश्मन बन गए तो वे बहुत खतरनाक भी हो सकते हैं। बदला लेने और बदला पाने की इच्छा इनकी रगों में खून बन कर दौड़ती हैं।

एक नजर डालें वृश्चिक राशि पर

वृश्चिक राशि चिह्न

वृश्चिक राशि चिह्न

वृश्चिक राशि का राशि चिह्न शक्तिशाली और खतरनाक बिच्छू हैं। हालांकि वैदिक ज्योतिष की धाराओं से जुड़े कुछ ज्योतिषी वृश्चिक को एक इंट्रोवर्ट फिमेल साइन भी मानते हैं। इसके पीछे उनकी विविध प्रकृति हो सकती है, हालांकि जैसे जैसे आप बड़े होते जाते हैं, आपका नेचर भी डेवलप होता जाता है, जिससे आपको लाइफ के हाई लेवल्स को छूने में हेल्प मिलती है। वृश्चिक राशि के लोगों के पास रहना जितना दिलचस्प होता है यह उतना ही खतरनाक भी हो सकता हैं। कुछ ज्योतिषी आपकी राशि को तीन भागों में बांटने का काम करते है, महान, उत्साही और दयालु।
वृश्चिक के लाॅर्ड - मंगल (मार्स)

वृश्चिक के लाॅर्ड - मंगल (मार्स)

वृश्चिक राशि पर मंगल का स्वामित्व होता है, वैदिक ज्योतिष में मंगल को पराक्रम और शौर्य का प्रतिनिधि माना जाता है। मंगल के प्रभाव के कारण इस इस राशि में जन्मे लोग दबंग, हठी और स्पष्टवादी होते है। मंगल के प्रभाव के कारण वृश्चिक राशि के लोगों में अपनी बातों पर बने रहने की गजब की क्षमता होती है। मंगल अपने अधीन आने वाले लोगों को अपने सम्मान और हक के लिए लड़ने की क्षमता देते हैं।
वृश्चिक का रूलिंग हाउस - आठवां

वृश्चिक का रूलिंग हाउस - आठवां

वृश्चिक चार्ट के आठवें हाउस को कंट्रोल करता है, इस घर का संबंध आपकी आयु से होता है। यह भाव जीवन के अंत को प्रदर्शित करता है, कुंडली के द्रिक स्थान में से एक इस भाव को कई जगह अमंगल और अनिष्टकारक माना गया है। आठवां घर उन सब बातों के बारे में होता हैं जिसे हम समझ नहीं सकते हैं, यह छिपी शक्तियों का घर हैं। विरासत में मिलने वाली संपत्ति से भी इस हाउस का सीधा संबंध होता है।
वृश्चिक तत्व राशि - जल (वाटर)

वृश्चिक तत्व राशि - जल (वाटर)

वृश्चिक राशि चक्र का दूसरा वाटर साइन है, इसके अलाव मीन और कर्क भी जल तत्व की राशियां है। वृश्चिक जल तत्व समूह की एक प्रमुख राशि हैं। जल तत्व राशियों का नेचर इमोशनल होता है। जिस तरीके से पानी की गहराई के अनेक स्तर होते हैं जैसे उथली नदी या गहरा समुद्र उसी तरह इनमें इमोशनल भी बहुत वायब्रेंट होते हैं। आपके लिए यह भविष्यवाणी करना कि आप किस स्थिति में कैसी प्रतिक्रिया देंगे हमेशा से ही एक मुश्किल काम रहा हैं। इसके अलावा जिस तरह समुद्र अपनी गहराई में अनन्त रहस्य समेटे होता हैं उसी तरह वृश्चिक की आभा भी रहस्यमयी होती है।
वृश्चिक राशि का प्रकार - फिक्स्ड (स्थिर)

वृश्चिक राशि का प्रकार - फिक्स्ड (स्थिर)

वृश्चिक राशि चक्र का तीसरा फिक्सड साइन है। स्थिर राशियों को बेहद उत्सुक राशि माना जाता है, उनका फोकस उन चीजों पर होता है, जिन्हें किया जाना इम्पोर्टेंट है। वृश्चिक राशि के लोगों में इस आदत को साफ तौर पर देखा जा सकता है, क्योंकि वे पूरे फोकस के साथ चीजों से पर्दा हटाने में माहिर होते हैं। फिक्स्ड साइन होने के कारण वृश्चिक मजबूती के साथ अपने लक्ष्यों का पीछा करते हैं। यह उन्हें जिम्मेदारियों को निभाने के लिए वचनबद्ध बनाता है।
वृश्चिक जन्म का रत्न - मूंगा (रेड कोरल)

वृश्चिक जन्म का रत्न - मूंगा (रेड कोरल)

वृश्चिक राशि के लोगों के लिए मूंगा भाग्यशाली रत्न माना जाता है। वृश्चिक के स्वामी मंगल को ग्रह मंडल में सेनापति की उपाधि प्राप्त है, मूंगा धारण करने से आपको अपने दुश्मनों पर विजय प्राप्त होती है। मूंगा आपका काॅन्फिडेंस बूस्ट करता है, और आपको जीवन में सक्सेस के रास्ते पर आगे बढ़ाता है। यह आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर करने का काम करता है। कुंडली में ग्रहों का विश्लेषण करने के बाद यदि मूंगा धारण किया जाए, तो यह कर्ज, बुरी नजर और काला जादू जैसी चीजों को भी आपसे दूर रखता है। हालांकि किसी भी रत्न को पहनने से पहले कुंडली के दूसरे ग्रहों का अध्ययय बेहद जरूरी होता है।
वृश्चिक का रंग - लाल (रेड)

वृश्चिक का रंग - लाल (रेड)

यह बोल्ड कलर है, जो मंगल का प्रिय रंग भी है। इसका संबंध साहस, भौतिकवाद, पैशन, लस्ट, इमोशन, ड्रामा, आक्रामकता और एनर्जी से होता है। लाल रंग का नेचर एक्टिव और एक्साइटिंग होता है। एनर्जी को रिप्रेजेंट करने के कारण इस रंग का उपयोग उन जगहों पर किया जाना चाहिए जहां आपको उत्साह और ऊर्जा की जरूरत होती है। हालांकि डिप्रेशन और नर्वसनेस की समस्याओं का सामना कर रहे लोगों को इस रंग से बचने का सुझाव दिया जाता है।

वृश्चिक अनुकूलता

असंगत मिलान : तुला, सिंह और मिथुन

तटस्थ मैच : वृश्चिक और वृषभ

वृश्चिक राशि के लोगों के लिए कर्क, मकर और मीन राशि को अनुकूल या कंपेटेबल माना गया है। कर्क की मुखरता, मकर की लगन और मीन की स्वप्नशीलता वृश्चिक राशि के साथ अच्छे से मैच करती है। इन राशियों के आपसी गुण उन्हें एक स्वस्थ और लंबा रिश्ता बनाने में सक्षम बनाती है। इसके अतिरिक्त वायु तत्व की तुला और मिथुन राशि के साथ वृश्चिक को संबंध बनाने में कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं अग्नि तत्व राशि सिंह के साथ वृश्चिक राशि के लोग अच्छे से सामंजस्य नहीं बैठा पाते हैं। मिथुन को वृश्चिक के माफ नहीं करने वाले स्वभाव के साथ तालमेल बैठाने में परेशानी आती है, वहीं सिंह का प्रशंसा प्राप्त करने के लिए प्रयास करते रहने वाला नेचर वृश्चिक के अनुकूल नहीं बैठता है। वृश्चिक को मिथुन का फ्लर्टी नेचर हेंडल करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि पृथ्वी तत्व की वृषभ राशि के साथ वृश्चिक के बेहतर संबंधों की उम्मीद की जा सकती है।

वृश्चिक लकी चार्म
लकी कलर: लाल
लकी स्टोन: लाल मूंगा (रेड कोरल)
भाग्यशाली दिन: मंगलवार
लकी मेटल: सोना, पीतल और तांबा

वृश्चिक प्लैनेटरी गवर्नर

  • राशि स्वामी - मंगल (मार्स)

    वृश्चिक के स्वामी मंगल हैं, जो वृश्चिक राशि के लोगों को स्ट्राॅन्ग, डोमिनेटिंग और निर्भीक बनाते हैं। ज्योतिष में मंगल की मूल प्रकृति को उग्र और आक्रामक बताया गया है। ज्योतिषियों के अनुसार वृश्चिक मंगल का हाइबरनेटिंग हाउस है, लेकिन वृश्चिक का स्वामी होने के कारण वह वृश्चिक राशि के लोगों को मुखर, आकर्षक और रोमांचक बनाने का कार्य करते हैं। वृश्चिक राशि के लोगों को मंगल के प्रभाव से ही, आत्मबल और लक्ष्यों का पीछा करने की शक्ति प्राप्त होती है।

  • वृश्चिक राशि में नीच ग्रह - चंद्रमा (मून)

    राशियों में सबसे तीव्र गति से भ्रमण करने वाले चंद्रमा को वृश्चिक राशि में नीच ग्रह माना गया है। सीधे शब्दों में कहें तो वृश्चिक राशि में चंद्रमा की मौजूदगी किसी भी मायने में अच्छे रिजल्ट नहीं दे सकती है। वृश्चिक में चंद्रमा की मौजूदगी वृश्चिक राशि के लोगों के आत्मविश्वास और खोजी प्रकृति के लिए मुश्किलें पैदा करती है। वृश्चिक में चंद्रमा के आने से इस राशि के लोग अपना फोकस खो सकते हैं और लक्ष्य से भटक सकते है।