capricorn

मकरराशि

संस्कृत या वैदिक नाम: : मकर

विशेषता : मजबूत, प्रैक्टिकल, रियलस्टिक, आत्मनिर्भर, स्टेबल और एम्बिशियस

गहरी इच्छा : सभी से प्रशंसा प्राप्त करना

उल्लेखनीय गुण : वर्कहाॅलिक, मेहनती, पाॅजिटिव एटिट्यूट, डिप्लोमेटिक, एनालिटिक, डिसीप्लिन्ड और सेक्रिफाई

जीवन के लिए आदर्श वाक्य : सबसे बेहतर बनों नहीं तो कुछ नहीं।

राशिचक्र में 271 से 300 डिग्री तक के क्षेत्र को मकर राशि के नाम से जाना जाता है। राशि क्रम में मकर का नंबर दसवां है, और यह पृथ्वी तत्व की तीसरी राशि है। मकर राशि (Capricorn) के प्रकार या स्वभाव की बात करें, तो यह एक कार्डिनल साइन मतलब परिवर्तनशील राशि है।
मकर राशि के लोगों को मेहनती, समर्पित और वफादार माना जाता है। शनि द्वारा शासित होने के कारण मकर राशि के लोगों में जबरदस्त डिसीप्लिन होता है। उनके लिए किसी भी क्षेत्र के शीर्ष पर पहुंचाना बहुत जरूरी होता है, जिसके लिए वे कड़ी मेहनत भी करते हैं। हालांकि जीवन में आगे बढ़ते समय वे बेहद सावधानी और सतर्कता बरतने का काम करते हैं।
मकर के मेहनती स्वभाव की तुलना किसी मधुमक्खी से भी की जा सकती है, जिस तरह मधुमक्खी के जीवन का एक मात्र लक्ष्य पराग इकठ्ठा करना होता है, वैसे ही मकर का एक मात्र लक्ष्य अपने क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ करना होता है। वे एम्बिशियस, संगठित और प्रैक्टिकल होते हैं और लाइफ को गंभीरता से लेते हैं। मकर अपने नियम खुद तय करते हैं, और उन्हें पर आगे बढ़कर शिखर तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं। अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उनका डेडिकेशन इस बात से समझा जा सकता है कि वे उन्हें पाने के लिए किसी भी तरह के बलिदान से भी पीछे नहीं हटते। पेशेंस मकर का मूल गुण है, वे शांति से अपने लिए बड़े लक्ष्यों का चयन करते हैं और उन्हें पाने के लिए लंबे समय की प्लानिंग करते हैं।

Dates of मकर Zodiac Sign :

Quick Insight Into मकर राशि

मकर राशि चिह्न

मकर राशि चिह्न

मकर राशि का प्रतीक चिह्न बकरी हैं। मकर के स्वभाव में उनके चिह्न की झलक साफतौर पर देखी जा सकती है। मकर का दृष्टिकोण किसी पहाड़ी बकरे की तरह होता है, जो अपनी लाइफ में उच्च और उच्चतम शिखर तक पंहुचना चाहते हैं। उनका राशि चिह्न उनके बड़े एम्बिशंस को प्रदर्शित करता है। अपने लक्ष्य के प्रति उनका डेडिकेशन और फेथ उन्हें अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में हेल्प करता है। हालांकि लक्ष्य की प्रति पूरी तरह समर्पित होने के बाद भी मकर बेहद सर्तक और सावधान होते हैं, जो किसी बकरी के मूल गुण है।
मकर के लाॅर्ड - शनि (सेटर्न)

मकर के लाॅर्ड - शनि (सेटर्न)

मकर के स्वामी शनि हैं, जिन्हें सनातन परंपराओं में न्यायाधीश माना गया है। वैदिक ज्योतिष में शनि का संबंध आयु, दु:ख, पीड़ा, तकनीकी, रोग, विज्ञान, लोहा, सेवक, तेल और कर्मचारी से माना गया है। शनि को लेकर आपको कई तरह की नेगेटिव बातें सुनने को मिलेंगी, लेकिन गहराई से अध्ययन करने पर आप पाएंगे कि कुछ क्षेत्रों में नेगेटिव इंपेक्ट डालने वाले शनि आदमी को मेहनती और अनुशासित करने का काम करते हैं। उनके प्रभाव व्यक्ति के कर्म पर आधारित होते हैं और उसी आधार पर वे व्यक्ति को फल देने का काम करते हैं।
मकर का रूलिंग हाउस - दसवां

मकर का रूलिंग हाउस - दसवां

राशिचक्र के दसवें भाव पर मकर शासन होता है। इस घर का सीधा संबंध पिता से भी होता हैं। यह घर आपके काम और पेशे को प्रभावित करता हैं, यह घर आपके बारे में दुनिया की धारणा को भी प्रदर्शित करने का काम करता है। इसका संबंध आपके कॅरियर से भी होता है, इस घर को राशि चक्र में एक शक्तिशाली स्थान माना जाता है। यही से व्यक्ति के लक्ष्य, एम्बिशन और सोशल लाइफ में उसका स्थान तय होता है। दसवां भाव मकर की एक्टिवनेस और प्रयास को भी दर्शाता है।
मकर तत्व राशि - पृथ्वी (अर्थ)

मकर तत्व राशि - पृथ्वी (अर्थ)

राशि चक्र की आखिरी पृथ्वी तत्व राशि मकर अंत और फिर से शुरुआत का भी सूचक है। मकर पृथ्वी तत्व राशि होने के साथ ही बेहद आध्यात्मिक भी होते हैं। पृथ्वी तत्व मकर के संकल्प, डेडिकेशन और हार्ड वर्क को रिप्रेजेंट करता है। किसी खतरनाक पहाड़ी चट्टान पर बकरी के संघर्ष की तरह मकर भी अपने लक्ष्यों और सपनों को हकीकत में बदलने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और अपने प्रयास करने से कभी पीछे नहीं हटते। मकर का नेचर पृथ्वी की तरह अडिग और जूझारू होता है, जिस तरह पृथ्वी कितनी भी जटिल परिस्थिति में जीवन को आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना लेती है, वैसे ही मकर भी अपने लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अनुकूलता प्राप्त कर ही लेते हैं।
मकर राशि का प्रकार - चर

मकर राशि का प्रकार - चर

मकर एक कर्डिनल साइन है, जो एक्शन से भरे होते हैं। उनमें परिर्वतनों के प्रति अनुकूलता की गजब की क्षमता होती है, और वे सदैव नयी शुरूआत के लिए तैयार रहते है। इतना ही नहीं वे अपने काम को अंत तक पहुंचाने की भी क्षमता रखते हैं। कार्डिनल साइन होने के कारण वे चीजों को अपनी पसंद और दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने में विश्वास करते हैं। कार्डिलन साइन उन्हें अपने लक्ष्यों को पाने के जुनून में भी हेल्प करता है।
मकर का रत्न - नीलम (ब्लू सफायर)

मकर का रत्न - नीलम (ब्लू सफायर)

मकर राशि के स्वामी शनि है और उनका प्रिय रत्न है नीलम है। मकर राशि के लोगों को नीलम धारण करने से लाभ होता है। हालांकि नीलम को बिना ज्योतिषीय परामर्श के धारण करना खतरनाक हो सकता है। कहा जाता है कि यदि नीलम सूट कर जाए, जो आदमी को राजा बना सकता है और यदि सूट न करें तो राजा को भिखारी भी बना सकता है। नीलम रत्न का रंग गहरा नीला होता है, और मन को शांत करने का काम करता है। जिन लोगों में पेशेंस की कमी होती है, उन्हें नीलम धारण करने लाभ होता है। नीलम पहनने से वाणी में मिठास आती है, लाइफ के लिए जरूरी सीरियसनेस और बौद्धिक बढ़ाने में नीलम काफी हेल्पफुल होता हैं। डिप्रेशन के शिकार लोगों को नीलम पहनने की सलाह दी जाती है। हालांकि आपको हम यही सलाह देंगे कि अपनी कुंडली के विश्लेषण के आधार पर ही कोई रत्न धारण करें। नीलम रत्न के ज्योतिषीय लाभ और धारण करने के जानकारी पाइए।
धनु का रंग - नीला (ब्लू)

धनु का रंग - नीला (ब्लू)

मकर राशि के लोगों के लिए नीला रंग भाग्योदय का रंग माना जाता है। इस रंग का सीधा संबंध शनि से होता है, वैदिक ज्योतिष में शनि का रंग नीला ही माना गया है, और शनि मकर के शासक है। ब्लू मकर की बुद्धि और वफादारी से भी संबंध रखता है। नीला रंग नेगेटिविटी, उदासीनता, समयबद्धता और अविश्वास को दूर करने वाला रंग है। यह रंग मकर राशि के लोगों को खुद पर विश्वास प्राप्त करने में भी हेल्प करता है। नीले के अलावा और भी कुछ रंग है, तो मकर राशि के लोगों उपयोग करने की सलाह दी जाती है, उनमें भूरा, हरा और सफेद शामिल है। इन रंगों का भी उपयोग मकर के लिए पाॅजिटिव परिणाम देने की संभावना रखते हैं।

मकर अनुकूलता

असंगत : मेष, सिंह और तुला

तटस्थ मिलान : कर्क

मकर एक पृथ्वी तत्व की राशि है, इसलिए कन्या और वृषभ जैसी पृथ्वी तत्व की राशियों के साथ उनके संबंध बेहद शानदार और अनुकूल हो सकते हैं। वे आपस में एक बेहतरीन जोड़ी बनाने का काम कर सकते है, और उनके बीच में अच्छी कैमिस्ट्री भी देखने को मिल सकती है। वहीं मेष और तुला के साथ मकर के संबंध अधिक कारगर साबित नहीं हो सकते हैं। हालांकि सिंह के साथ कंपेयर करने पर आप मकर के लिए तुला को अधिक बेहतर मान सकते हैं, लेकिन फिर भी उनके संबंध लंबे समय के लिए कारगर नहीं हो सकते। मेष और सिंह के का एग्रेसिव नेचर मकर के साथ मिलकर काम नहीं कर पाता इसके अतिरिक्त मेष का डोमिनेटिंग नेचर भी मकर को परेशान कर सकता है। वहीं जल तत्व राशि कर्क की बात करें तो उनके संबंध एवरेज करने की संभावना है।

मकर Lucky Charms
लकी कलर: नीला
लकी स्टोन: नीलम (ब्लू सफायर)
भाग्यशाली दिन: शनिवार
लकी मेटल: लोहा

मकर Planetary Governor

  • राशि स्वामी - शनि

    शनि को अधिकांश जगह अमंगल और अहित के साथ ही जोड़ा जाता है। यह ग्रह सीमाओं और बंधनों का प्रतीक हैं। मकर राशि के लिए स्वामी ग्रह के रूप में, शनि इस बात का प्रतीक हैं कि आप जिसके लायक हैं वह आपको मिलेगा। जीवन में शॉर्टकट लेने से बाद में आप समस्याओं में फंस सकते हैं, लेकिन अगर आप ईमानदारी से काम करते हैं तो आपको इसका सही ईनाम भी मिलेगा।

  • मकर राशि में उच्च ग्रह - मंगल

    मकर राशि में ग्रहों के सेनापति मंगल को उच्च स्थान प्राप्त हैं। जब मंगल मकर राशि में होते हैं, तो वे मकर के स्वाभाविक गुणों को बढ़ाने का काम करते हैं। मकर को मंगल का सहयोग सोने पर सुहागा वाली कहावत को चरितार्थ करने के लिए काफी है। मंगल का साहस और मकर का डेडिकेशन एक साथ आने पर मकर को राशि के लोगों को अपने जीवन के हर को पाने में आसानी होती है।

  • मकर राशि में नीच ग्रह - गुरु

    वैदिक ज्योतिष में गुरू को सबसे फलदायी ग्रहों में से एक माना गया है। लेकिन मकर राशि में आने पर गुरू को नीच स्थान प्राप्त होता है। यदि किसी जन्म कुंडली में गुरु मकर राशि में बैठे हैं तो वे व्यक्ति को मानसिक तौर पर कष्ट पहुंचा सकते हैं। इससे मानसिक रोग होने की संभावना को भी बल मिलता है। वहीं मकर में गुरु का स्थित होना पिता पुत्र में विरोध पैदा करने का काम करता है।

    क्या आप मकर डिकन के बारे में जानते हैं ?