आज का होरा अहमदाबाद के लिए
ज्योतिष शास्त्र में होरा काफी महत्वपूर्ण है। वैदिक ज्योतिष में जितना महत्व ग्रह-नक्षत्र, मुहूर्त, तिथि, वार आदि का है, उतना ही महत्व होरा का भी है। होरा भारत में समय की गणना का एक प्राचीन उपाय है। होरा का कुल योग 96 मिनट है, जो मोटे तौर पर प्रत्येक मंडल में 24 मिनट के बराबर है।
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07:21 – 08:15 |
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11:51 – 12:46 |
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15:28 – 16:22 |
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20:22 – 21:28 |
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सभी देखेंहोरा का महत्व
होरा में प्रत्येक वार का महत्व है। हर वार के हिसाब से गणना भी अलग-अलग होती है। आइए यहां प्रत्येक होरा के महत्व के बारे में जानते हैं।
सू्र्य यानी रवि होरा
सूर्य होरा की बात करें तो इस होरा मुहूर्त का उपयोग राजनीतिक कार्यों, सरकारी अधिकारियों से मिलने, नौकरी के लिए आवेदन करने, कोर्ट से संबंधित लेन-देन और खरीदारी आदि के लिए सूर्य होरा मुहूर्त को शुभ माना जाता है। सूर्य होरा माणिक्य धारण करने के लिए भी शुभ माना जाता है।
चंद्रमा होरा
चंद्रमा होरा में स्थान परिवर्तन किया जाता है। इस होरा का उपयोग आवास में परिवर्तन, यात्रा, संपत्ति से संबंधित मामलों, प्रेम संबंधों में प्रिय से मुलाकात, आभूषण की खरीदारी,, कपड़ों आदि की बिक्री, पानी से जुड़े कार्यों के साथ ही रचनात्मक और कलात्मक कार्यों के लिए किया जाता है। चंद्रमा की होरा में मोती धारण किया जा सकता है।
मंगल होरा
कृषि से जुड़े मामलों, वाहन की खरीद-बिक्री, इलेक्ट्रिकल और इंजीनियरिंग के कार्यों के लिए मंगल होरा का उपयोग होता है। इसके साथ ही ऋण देने और लेने, युद्ध कला आदि के लिए भी शुभ है। नई नौकरी में शामिल होने के लिए समय अच्छा है। इस होरा में मूंगा या कैट आई धारण कर सकते हैं।
बुध होरा
व्यवसाय और दवा से संबंधित मामलों के लिए बुध की होरा शुभ मानी जाती है। इसके अलावा सीखने-पढ़ने, ज्योतिष, धार्मिक कार्यों, लेखन, प्रिंटिंग आदि कार्यों, आभूषण की खरीदारी के लिए भी बुध होरा शुभ होती है। बुध की होरा में पन्ना रत्न धारण किया जा सकता है।
बृहस्पति होरा
देव गुरु बृहस्पति की होरा सभी शुभ कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है। इस होरा में नौकरी ज्वाइन करने, व्यापार शुरू करने, कोई नया कोर्स शुरू करने के साथ ही कोर्ट कचहरी से जुड़े मामलों के लिए बुध की होरा शुभ है। इसमें धार्मिक कार्य, तीर्थ यात्र आदि के लिए भी यह होरा शुभ है। इस होरा में पुखराज धारण कर सकते हैं।
शुक्र होरा
प्रेम और विवाह, आभूषण की खरीद बिक्री, एंटरटेनमेंट, वाहन की खरीदारी आदि के लिए शुक्र की होरा शुभ होती है। इस होरा में हीरा, ओपल या नए वस्त्र भी धारण कर सकते हैं।
शनि होरा
मेहनतकश लोगों के लिए शनि की होरा अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा तेल और लोहे से संबंधित व्यापार के लिए भी शनि की होरा उपयुक्त होती है। इस होरा काल में नीलम या गोमेद धारण किया जा सकता है।
महत्वपूर्ण शुभ मुहूर्त
स्थान अनुसार होरा
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त्यौहार कैलेंडर
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प्रदोष व्रत 2026
इस व्रत को और अधिक सफल बनाने के लिए आप रूद्राभिषेक पूजा के द्वारा भगवान शिव को प्रसन्न कर सकते है। देश के विभिन्न हिस्सों में लोग प्रदोष व्रत को पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ करते हैं। यह व्रत भगवान शिव और देवी पार्वती के श्रद्धा में मनाया जाता है।
पौष पूर्णिमा
हिन्दू पंचांग के अनुसार पौष महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को पौष पूर्णिमा (paush purnima) के नाम से जाना जाता है। और पौष पूर्णिमा को शाकंभरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपने पूर्ण आकार में दिखाई देता है।
सकट चौथ
हिंदू कैलेंडर में प्रत्येक महीने में दो चतुर्थी तिथियां होती हैं। कृष्ण पक्ष के दौरान या पूर्णिमा के बाद आने वाली चतुर्थी को ‘सकट चौथ (Sakat Chauth)’ के रूप में जाना जाता है और अमावस्या के बाद या शुक्ल पक्ष के दौरान आने वाली चतुर्थी को ‘विनायक चतुर्थी’ या संकष्टी चतुर्थी के रूप में जाना जाता है।
लोहड़ी 2026
लोहड़ी (Lohri) का त्यौहार माघी से एक दिन पहले आता है, और यह मुख्य रूप से भारत के उत्तरी क्षेत्रों (पंजाब-हरियाणा) में फसलों की कटाई का संकेत देता है। भारत के अन्य भागों में इसे मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है। लोग रात में अलाव जलाकर लोहड़ी (Lohri) का पर्व मनाते हैं।
षटतिला एकादशी
माघ माह में कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाने वाला व्रत षटतिला एकादशी व्रत के नाम से जाना जाता है। इस व्रत को श्रीहरि विष्णु का शुभ आशीर्वाद पाने के लिए भक्तों द्वारा किया जाता है। इस व्रत को पापहारिणी के नाम से भी जाना जाता है।
मकर संक्रांति 2026
मकर संक्रांति 2026 (makar sankranti 2026) का पर्व सर्दियों और अंधेरे के दिनों के अंत का प्रतीक समझा जाता है। यह वसंत ऋतु के आगमन की कहानी कहता है। संक्रांति का पर्व सबसे पुराने हिंदू त्योहारों में से एक है। यह उन त्योहारों में शामिल है, जो चंद्र चक्र के बजाय सौर चक्र के अनुसार मनाया जाता है।
पोंगल 2026
भारत के दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में बहुत ही उत्साह और उमंग के साथ पोंगल 2026 (pongal 2026) का त्योहार मनाया जाता है। यह त्योहार चार दिनों तक मनाया जाता है। जब उत्तरभारत में मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है, तभी दक्षिण भारत के लोग इस त्योहार के रंग में रंगे होते हैं।
माघ बिहू
बिहू भारतीय राज्य असम में, विशेषकर असमिया समुदाय के बीच मनाया जाने वाला एक पारंपरिक और जीवंत त्योहार है। यह असमिया नव वर्ष का प्रतीक है और इसे बड़े उत्साह और खुशी के साथ मनाया जाता है।
मौनी अमावस्या या माघ अमावस्या
माघ महीने की इस अमावस्या को गंगा स्नान बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों में देवताओं का वास माना गया है। यही कारण है कि इस दिन प्रयागराज में मौजूद त्रिवेणी संगम में स्नान का महत्व बहुत बढ़ जाता है।
गुरु गोबिंद सिंह जयंती
गुरु गोविंद सिंह (Guru Gobind Singh) साहब का जन्म 22 दिसम्बर 1666 को बिहार के पटना शहर में श्री गुरु तेग बहादुर के यहां हुआ था, जो सिख समुदाय के नौवें गुरु थे। उनकी माता का नाम गुजरी देवी था। बचपन में वे गोविंदराय के नाम से जाने जाते थे। अपने जीवन के शुरुआती 4 वर्ष उन्होंने पटना के घर में ही बिताए, जहां उनका जन्म हुआ था।
विनायक चतुर्थी
बसंत पंचमी 2026
हिंदू परंपराओं और शास्त्रों में बसंत पंचमी (Basant Panchami 2026) को ऋषि पंचमी के नाम से भी उल्लेखित किया गया है। माघ माह की शुक्ल पंचमी को मनाए जाने वाले इस महत्वपूर्ण त्योहार “बसंत पंचमी” को और भी कई नामों से जाना जाता है है।
स्कंद षष्ठी
भानु सप्तमी 2026
भीष्म अष्टमी 2026
माघ महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को रखे जाने वाले व्रत को भीष्म अष्टमी के नाम से जाना जाता है। शास्त्रों में बताया गया है कि इसी दिन पितामह भीष्म ने सूर्य के उत्तरायण होने पर प्राण त्यागे थे। इसीलिए कई लोग इस दिन भीष्म पितामह के निमित्त कुश, तिल व जल लेकर तर्पण करते हैं।
जया एकादशी
एकादशी व्रत को सभी व्रतों में श्रेष्ठतम दर्जा दिया गया है। चाहे वह कोई भी एकादशी हो, हर एक एकदाशी का अपना एक अलग महत्व होता है। इसी कड़ी में माघ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को जया एकादशी व्रत के रूप में जाना जाता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
होरा क्या होता है?
ज्योतिष में होरा का काफी महत्व है। यह कुंडली विश्लेषण के महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। होरा की अवधि एक गंटे की मानी जाती है। एक दिन यानी 24 घंटे में कुल 24 होरा होती है। हर दिन यानी वार की होरा सूर्योदय से शुरू होती है।
होरा का क्या महत्व है?
होरा का ज्योतिष में काफी महत्व है। इसके जरिए धन-संपत्ति के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। किसी भी तरह की कठिन परिस्थितियों में होरा का उपयोग होता है। इसमें ग्रहों की अहम भूमिका होती है।
होरा चार्ट क्या है?
होरा चार्ट फलादेश के लिए तैयार किया जाता है। हर व्यक्ति की एक राशि होती है और उसी आधार पर उसका स्वभाव और अन्य बातें तय होती हैं। इसी के आधार पर होरा चार्ट भी तैयार किया जाता है।