शादी में देरी? शादी के लिए अपनाएं ये 7 बेहतरीन उपाय

हिंदू धर्म में विवाह को सबसे सर्वोच्च कर्तव्य माना गया है। हर कोई यह जानता है कि शादी जिंदगी की सबसे पवित्र और सबसे महत्वपूर्ण घटना होती है। न केवल भारतीय समाज, बल्कि वैदिक ज्योतिष में भी विवाह का विशेष महत्व है। प्राचीन समय में शादी के लिए एक बड़ा ही अलग परिदृश्य हुआ करता था। हालांकि, 20वीं सदी से शादी को लेकर बहुत कुछ बदलाव आ गए हैं। अब शादी में देरी होने लगी है। शादी की उम्र दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है। तो क्या ज्योतिष इसमें अपनी कोई भूमिका निभा सकता है?

जी हां, ज्योतिष शास्त्र में कई ऐसे संकेत दिए गए हैं, जो विवाह में हो रही देरी की वजह और इसके लिए जिम्मेदार कारकों के बारे में स्पष्ट रूप से बताते हैं। सही साथी नहीं मिल पाने की वजह से जो तनाव पैदा होता है, उसे पालने की बजाय इसकी वजहों को जानना और इसका समाधान निकालने के लिए कारगर उपाय करना बेहतर होता है। हम में से कई लोग ऐसे हैं, जो शादी में हो रही देरी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। यदि आप भी ऐसे ही लोगों में से एक हैं, तो यह ब्लॉग सिर्फ आपके लिए है। तो चलिए बिना देरी के हम आपको सबसे पहले विवाह में हो रही देरी के कारणों के बारे में बताते हैं और इसके बाद इसे दूर करने के उपायों से भी हम आपको अवगत कराएंगे। तो आइए, जानते हैं शादी में देरी के कुछ महत्वपूर्ण कारण।


शादी में देरी के ज्योतिषीय कारण

  • जब सप्तमेश वक्री हो और मंगल अष्टम भाव में हो तो इस वजह से शादी में देरी होती है।
  • सप्तमेश यदि कमजोर होता है और 6ठे या 8वें भाग में स्थित होता है, तो यह भी शादी में बाधा उत्पन्न करता है और इसकी वजह से शादी में देरी होती है।
  • शनि और सप्तमेश के संयोजन के कारण भी विवाह में देरी होने लगती है।
  •       जब शनि और शुक्र के बीच पारस्परिक दृष्टि होती है, तो ऐसे में भी जातक की शादी में अत्यधिक देरी होने लगती है। साथ ही यदि पीड़ित चंद्रमा 8वें या 12वें भाग में होता है, तो इस कारण से भी शादी में अनावश्यक रूप से होती है।
  • दुर्बल सप्तमेश के साथ 7वें घर में राहु और चंद्रमा का संयोजन होने से भी जातक की शादी में देर होने लगती है।
  • सप्तम भाव में शनि के स्थित होने और 7वें भाव पर इसकी दृष्टि से भी शादी में देरी होने लगती है।
  • शनि की दशा और अंतर्दशा भी विवाह में देरी के लिए जिम्मेदार होती है।
  • राहु, केतु, शनि, मंगल और पीड़ित चंद्रमा जैसे अशुभ ग्रह यदि सातवें भाव में मौजूद होते हैं, तो यह भी शादी में देरी का कारण बनता है।
  • शनि और चंद्रमा के संयोजन के कारण भी विवाह में विलंब होने लगता है।
  • 6 ठें या 8 वें भाव में सप्तमेश के स्थित होने से भी विवाह में देरी होती है।

 तो अब आप यह जान गए हैं कि शादी में देरी के कारण क्या हैं? आप अपने राशिफल में यह देख सकते हैं कि संयोजन मौजूद है या नहीं। यदि यह मौजूद है, तब भी चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। हर कोई जानता है कि ज्योतिष शास्त्र में हर समस्या का समाधान उपलब्ध है और यह समस्या भी बिल्कुल अलग नहीं है। इसलिए हम आपके लिए कुछ बहुत ही कारगर उपाय लेकर आए हैं, जिनकी मदद से आप अपनी शादी में हो रही देरी को दूर कर सकते हैं। तो चलिए, फिर तैयार हो जाइए। आगे बढ़ते हैं इन उपायों को जानने के लिए।


शादी में देरी को दूर करने के सबसे असरदार उपाय

  • हर शुक्रवार को आपको शुक्र भगवान की पूजा करनी चाहिए और मंत्रों का जाप करना चाहिए।
  • आप राधा-कृष्ण या शिव-पार्वती के मंदिर में विवाह समारोह की व्यवस्था में सहयोग दे सकते हैं।
  • आदित्य हृदय स्तोत्र का रोजाना आपको पाठ करना चाहिए। लड़के और लड़कियां दोनों ही ऐसा कर सकते हैं।
  • मांगलिक दोष दूर करने के लिए आपको सुंदरकांड का पाठ अवश्य करना चाहिए।
  • कन्याओं को कात्यायनी देवी मंत्र का जाप करना चाहिए। वहीं इसके विपरीत लड़कों को सप्तशती चंडी में मौजूद पत्नी प्राप्ति मंत्र का जाप करना चाहिए।
  • शीघ्र विवाह के लिए लड़के और लड़कियों दोनों को यह सलाह दी जाती है कि वे भगवान शिव के मंदिर में जाकर 16 सोमवार तक शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं।
  • जल्दी शादी करने के लिए अपने वास्तु दोष को भी दूर करना मददगार हो सकता है।

शादी वास्तव में स्वर्ग में बनी हुई जोड़ी होती है। इसलिए निश्चित रूप से आपके लिए भी एक आत्मसाथी दुनिया के किसी-न-किसी कोने में मौजूद जरूर है। फिर भी सही समय पर उससे मिलना बहुत जरूरी होता है। इसलिए एक विशेषज्ञ ज्योतिषी से कुंडली का विश्लेषण करवाने से यह जानने में आसानी होती है कि आप कब और किसके साथ विवाह करने वाले हैं। साथ ही कुंडली में किसी तरह का विवाह दोष यदि मौजूद है, तो इसे कम करने के लिए भी कुछ असरदार उपाय किए जा सकते हैं।

इसलिए तो कहा जाता है कि सफल विवाह के लिए यह बहुत ही जरूरी होता है कि आपके सितारे आपके पक्ष में रहें। इसलिए किसी अवांछित परिस्थिति का इंतजार क्यों करना, जिन पर आपका कोई नियंत्रण ही नहीं है। कुछ नहीं करने से कुछ जल्दी कर लेना बेहतर होता है।

आज ही भारत के सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषियों से बात करें और शादी में देरी या फिर विवाह दोष से संबंधित अपनी सभी समस्याओं को अलविदा कह दें।