जन्मपत्रिका के चतुर्थ भाव में बृहस्पति: जानिए इसके प्रभावों के बारे में


परिचय (Introduction)

कहा जाता है कि बृहस्पति अत्यन्त धीमी गति से चलने वाला ग्रह है। इस कहावत को देखा जाए तो कई बार बृहस्पति ग्रह इस बात को पूरी तरह से झुठला देता है। यदि बृहस्पति जन्मपत्रिका में सही स्थान पर बैठा हो और पूरी तरह से अनुकूल हो तो जातक को इतनी अधिक ऊर्जा और इतनी तेज गति से तरक्की देता है कि दुनिया देखती रह जाती है। इस प्रकार बृहस्पति ग्रह चमत्कार से भरा हुआ ग्रह है जो अपने जातकों को जब आशीर्वाद देता है तो उन्हें पूरी तरह से निहाल कर देता है।

जिन जातकों की कुंडली में गुरु शुभ होता है, ऐसे लोग जानते हैं कि बृहस्पति का धीमा होना उनके लिए कितना लाभकारी है और वो लंबे समय तक इसके शुभ प्रभावों का लाभ उठाते हैं। यदि बृहस्पति चौथे घर में गोचर करता है, तो यह जातकों के जीवन में और ज्यादा खुशियां लाकर उनकी लाइफ को अधिक आरामदायक बना सकता है।

जिन लोगों के चतुर्थ घर में गुरु बैठा होता है ऐसे व्यक्ति बुद्धिमान, उदार, धर्म-कर्म में रुचि रखने वाले, आध्यात्मिक, ज्ञानी और चीजों को जल्दी सीखने में सक्षम होते हैं। आइए जानते हैं कि जब बृहस्पति चौथे घर में होता है तो इसके क्या-क्या प्रभाव हो सकते हैं।


यदि बृहस्पति चौथे घर में हो तो क्या होता है? (What Happens If Jupiter Is In The 4th House?)

ज्योतिष शास्त्र में चतुर्थ घर को ‘सुख का घर’ माना गया है। यदि इस घर में बृहस्पति जैसा शुभ ग्रह मौजूद हो तो यह केक पर आइसिंग जैसा शानदार हो सकता है, क्योंकि बृहस्पति जातक को अपने बचपन के दिनों से नई चीजें सीखने के लिए सौभाग्य, प्रचुरता और उत्साह के रूप में हर संभव मदद प्रदान करता है।

जिन जातकों के चौथे घर में बृहस्पति होता है, वे धनी हो सकते हैं। आप उन्हें अक्सर अपने पैसे से आनंद करते हुए देख सकते हैं। अपने सहज रवैये के कारण वे आमतौर पर अपने दोस्तों के साथ मिल जाते हैं। चौथे घर में बृहस्पति कॅरियर संबंधी लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है।

चौथा घर कर्क राशि का होता है, इसलिए चौथे घर में बृहस्पति वाले जातक घर की सुख-सुविधाओं को खोना पसंद नहीं कर सकते हैं। यह स्थिति को और भी सरल करता है कि क्योंकि ऐसे जातक अपने घरों के नवीनीकरण में व्यस्त रहते हैं।

वे दीवार पर आकर्षक डिजाइन जोड़कर अपने घर को सजाते हैं और फिर अपने करीबी लोगों को उनके साथ अविस्मरणीय समय बिताने के लिए आमंत्रित करते हैं। चतुर्थ घर में बृहस्पति ग्रह का होना जातक को विलासितापूर्ण जीवन शैली का स्वाद लेने के लिए भी प्रेरित करता है, लेकिन उसके बदले में यह कड़ी मेहनत भी मांगता है। यदि यह दोनों चीजें एक साथ मिल जाएं तो फिर ऐसे व्यक्ति को जीवन के समस्त सुख भोगने से कोई नहीं रोक सकता।

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चतुर्थ भाव के बृहस्पति द्वारा प्रभावित जीवन के क्षेत्र (Areas of Life Affected By Jupiter in the 4th house)

  • पैसा
  • आध्यात्मिकता
  • बुद्धि
  • रिलेशनशिप
  • रियल एस्टेट
  • व्यापार
  • आन्तरिक मामले

चतुर्थ घर में बृहस्पति का प्रभाव (Impact of Jupiter In 4th House)

चतुर्थ भाव में बृहस्पति के पॉजिटिव इफेक्ट्स (Positive Effects)

चौथे तथा सातवें भाव का बृहस्पति बहुत से अनुकूल परिणाम देता है। रियल एस्टेट व्यवसाय से जुड़े व्यक्तियों को अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। साथ ही, चौथे घर में बृहस्पति के चलते वे अपने जीवनसाथी के साथ प्रणय संबंधों का आनंद उठाते हैं और शानदार जीवन जीते हैं।

ऐसे जातक धार्मिक गतिविधियों और परंपराओं में रुचि ले सकते हैं। वे अधिकतम लाभ अर्जित करके वित्तीय मामलों में दूसरों से अपनी बातें मनवा सकते हैं। इसके साथ ही चौथे घर में बृहस्पति के गोचर के दौरान उन्हें अपने जीवन में खुशी बहाल करने का मौका मिल सकता है।

जिन जातकों का गुरु चौथे घर में है, वे अपने घर, जमीन या वाहन जैसी आवश्यक विलासिता की वस्तुएं खरीद सकते हैं। शुरुआत में बृहस्पति सुख के घर में मौजूद होता है, तो जातक अपने कार्य में रचनात्मकता और उत्पादकता दिखाएंगे।

वे दूसरों की मदद करेंगे, जिससे उन्हें मजबूत संबंध बनाने में मदद मिलेगी। ऐसा करने से वे काफी आराम महसूस कर सकते हैं और आंतरिक संतुष्टि प्राप्त कर सकते हैं। विवाहित जातकों के अपने पार्टनर के साथ अच्छी अंडरस्टेंडिंग होती है और वे दोनों मौज-मस्ती के साथ अपना जीवन बिताते हैं।

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चतुर्थ भाव में बृहस्पति के नेगेटिव इफेक्ट्स (Negative Effects)

जिन जातकों का गुरु चतुर्थ घर में हो और उस पर किसी एक या अधिक दुष्ट ग्रहों की दृष्टि पड़ रही हो तो ऐसे लोगों को जीवन में कई तरह की आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वे अपने व्यापारिक भागीदारों के साथ संबंध खराब कर सकते हैं। इसके अलावा बृहस्पति के नेगेटिव इफेक्ट्स के चलते उनके जीवन में अन्य कई प्रकार की कठिनाईयां आ सकती हैं। चौथे घर में बैठा अशुभ बृहस्पति आपकी मां या जीवनसाथी के साथ संबंधों को खराब करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

ऐसे जातक अपने निर्णय लेने के कौशल को खो सकते हैं विशेषकर जब बृहस्पति चौथे घर से गोचर करेगा। इसके साथ ही यह जातकों के बुद्धि स्तर को भी कम कर सकता है।

चौथे घर में बृहस्पति वाले व्यक्ति आलसी प्राय: आलसी होते हैं, वे अपने घरों से बाहर नहीं निकलना चाहते। ऐसा जातक विलासिता की वस्तुओं में निवेश कर सकता है, लेकिन चतुर्थ भाव में बैठे बृहस्पति के अशुभ प्रभाव के कारण जातकों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

नतीजतन, ऐसे जातक अपनी सारी संपत्ति खो सकते हैं। उन्हें शेयर बाजार में बड़ा नुकसान हो सकता है और उन्हें एक के बाद एक लगातार कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।


समापन

कुल मिलाकर देखा जाए तो चौथे घर में बैठा बृहस्पति जातक के लिए शुभ और आशीर्वाद देने वाला ग्रह है। हालांकि इसके कुछ नेगेटिव इफेक्ट्स भी होते हैं फिर भी पॉजिटिव प्रभाव ज्यादा होते हैं। ऐसा बृहस्पति व्यक्ति को अतिन्द्रिय क्षमता प्रदान कर समस्याओं से निपटने में सहायता करता है और उन्हें सभी चुनौतियों में विजय दिलाता है।