प्रथम भाव में राहु देता है स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां

ज्योतिष में सौरमंडल के 9 ग्रहों में राहु और केतु को छाया ग्रह माना गया है। इनमें से यदि राहु लग्न भाव (Rahu in 1st House) में हो तो उसका व्यक्ति की जीवन पर अत्यधिक प्रभाव पड़ता है। इस ब्लॉग में हम पढ़ेंगे कि प्रथम भाव का राहु किस तरह व्यक्ति के व्यक्तित्व और जीवन के अन्य क्षेत्रों पर अपना असर डालता है।

जैसाकि हम जानते हैं कि राहु दैत्य था, वह समुद्र मंथन के समय छल से अमृतपान कर रहा था जिसके कारण भगवान विष्णु ने अपने चक्र से उसकी गर्दन काट दी और वह राहु तथा केतु नाम के दो हिस्सों में बंट गया। वही राहु चाहे किसी भी घर में हो अपने दैत्य स्वभाव को नहीं छोड़ता। प्रथम भाव में बैठा राहु व्यक्ति के जीवन को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखता है। यहां पर राहु की उपस्थिति आपको लग्न भाव के लाभ प्राप्त करने के लिए रोक सकती है। आइए जानें कि ज्योतिष विज्ञान इस पर क्या कहता है।


लग्न भाव में राहु का क्या अर्थ है? (What Does Rahu In The Lagna House Mean?)

प्रथम भाव या लग्न भाव व्यक्ति के स्वयं और शारीरिक स्वास्थ्य से संबंधित होता है। यदि राहु प्रथम भाव में हो तो आपको कोई गंभीर नुकसान नहीं हो सकता है। लग्न भाव में राहु भले ही पूरी तरह प्रभावी न हो, लेकिन समाज में आपकी छवि खराब कर सकता है। प्रथम भाव में राहु वाले व्यक्तियों का ललाट बड़ा हो सकता है। आप अपने काम के दौरान आए हुए मौके लेने में संकोच नहीं करते, ऐसे में लगातार आपकी ओर से जोखिम लेने की संभावना बनी रहती है।

प्रथम भाव में राहु की उपस्थिति का अर्थ यह भी है कि आप स्वार्थी और आत्मकेंद्रित होने हो सकते हैं। राहु की यह स्थिति आपके अच्छे स्वास्थ्य में बाधा डाल सकती है, और इसके परिणामस्वरूप, आप मानसिक समस्याओं या शरीर की अन्य बीमारियों से जूझ सकते हैं। इसके अलावा, यह युति आपके वैवाहिक संबंधों में भी बाधा उत्पन्न कर सकती है। ऐसे में जीवनसाथी के साथ आपका अहंकार दिखाना आप दोनों के बीच टकराव का कारण बन सकता है।

आप इससे भी बुरा होने की कल्पना कर सकते हैं। चन्द्रमा का उत्तरी नोड राहु आपकी दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए जिम्मेदार माना जाता है। आमतौर पर, आप अपने ऊपरी शरीर के हिस्से में स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हो सकते हैं। इसके अलावा, यदि लग्न भाव का राहु मेष या कर्क राशि में स्थित है, तो यह आपको पॉजिटिव रिजल्ट्स भी दे सकता है।

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प्रथम भाव के राहु का प्रभाव (Influence Of Rahu In The 1st House)

  • सेल्फ एटीट्यूड
  • मानसिक योग्यताएं
  • जोखिम लेने का कौशल
  • व्यवहार

प्रथम भाव के राहु का आपके व्यक्तित्व पर प्रभाव (Impacts Of The Rahu In The 1st House On Your Personality)

लग्न भाव में छाया ग्रह राहु के होने का अर्थ है कि जातक सफलता की तीव्र लालसा रखता है। वह अपने मनवांछित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है और सबसे बड़ी बात, उसकी सफलता की भूख अंतहीन होती है जो कभी खत्म नहीं होती। अन्य लोग आपके काम को पहचानते हैं और आपके नवीन विचारों का सम्मान करते हैं। आपका पॉजिटिव एटीट्यूड और आपके एफर्ट्स आपको अपने क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद कर सकते हैं।

संक्षेप में, आप कॅरियर के किसी भी क्षेत्र में हों, आपके लिए उच्च पद प्राप्त करना आसान होगा। जीवन का भरपूर आनंद लेने के लिए आप दूसरों को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर आपको दूसरों की प्रगति से जलन हो सकती है। आप स्वयं को दूसरों के साथ फिजूल की बहस में उलझा लेते हैं। इसके अलावा, आप कई बार धूर्त व्यक्ति का पक्ष लेते हुए लड़ते हैं और उसके लिए जीतने की भी इच्छा रखते हैं।


प्रथम भाव के राहु का आपके वैवाहिक जीवन पर प्रभाव (Impacts Of The Rahu In The 1st House On Your Marriage)

जिन जातकों के प्रथम भाव में राहु होता है, उनके वैवाहिक जीवन में हमेशा उतार-चढ़ाव बना रहता है।राहु की यह युति बताती है कि आप कुछ समय बाद ही अपने जीवनसाथी से ऊब सकते हैं। आपको अपने प्रेम जीवन में किसी तीसरे व्यक्ति की एंट्री देखने को मिल सकती है। प्रथम भाव के राहु का अर्थ है कि आप अपने साथी के साथ विश्वासघात करने और बेईमान होने की संभावना रखते हैं।

संभवतया यही एक कारण होगा कि आप अपने जीवनसाथी के साथ एक आनंददायी और प्रेमपूर्ण संबंध बनाने में विफल रहते हैं। इसके अलावा, आप अपने जीवनसाथी के साथ रोमांटिक पलों का सुखद आनंद नहीं ले पाते हैं। प्रथम भाव का राहु वैवाहिक जीवन में लगातार अलगाव की भावना बनाए रखता है, इसलिए सावधान रहें। ऐसे जातक प्रेम करते हैं तो भी उनके सामने अपने संबंध टूटने की चुनौतियां बनी रहती हैं। बहुत कम संभावना होती है कि आप अपने प्रेम संबंध को विवाह में बदल पाएंगे।


प्रथम भाव के राहु का आपके कॅरियर पर प्रभाव (Impacts Of The Rahu In The 1st House On Your Career)

लग्न भाव में राहु की उपस्थिति आपके कॅरियर के विकास को अधिक प्रभावित नहीं करती है। हालांकि यह आपकी महत्वाकांक्षाओं और कॅरियर के टार्गेट्स को बहुत बड़ा बनाने के लिए मोटिवेट करता है। इसके अलावा, आप बहुत कम समय में ही अपने कॅरियर के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कुछ न कुछ करते रहते हैं, अंतत: आप सफलता पा ही लेते हैं। लेकिन आपकी हर इच्छा का पूरी होना आसान नहीं होगा। छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव हर किसी के जीवन का हिस्सा होते हैं, इसलिए आपको भी संघर्ष के दिनों से गुजरना होगा।

हालांकि, यदि आप सही तरह से प्लानिंग करते हुए आगे बढ़ते हैं तो आप जल्दी ही उच्च पद प्राप्त कर सकते हैं या अपने कार्यस्थल पर पदोन्नति पा सकते हैं। प्रथम भाव का राहु आपको उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश भेज सकता है। आखिरकार, अपने काम के प्रति समर्पण के चलते आप सफलता पाने में कामयाब होते हैं।


प्रथम भाव में राहु के उपाय (Remedies For Rahu In The 1st House)

  1. राहु के मंत्र ‘ॐ ब्रीं राहवे नम:’ का जप करें।
  2. पालतू जानवरों या पक्षियों को खाना खिलाएं।
  3. प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ें।
  4. अपने ससुराल पक्ष से इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स लेने से बचें।

समापन

राहु के लग्न भाव में बैठने का मतलब है कि चीजें हमेशा आपकी इच्छा के अनुसार नहीं हो सकती हैं। यहां पर राहु की युति आपके अपने कॅरियर में सफलता पाने में मदद करती है। ऐसे जातक यदि जॉब करते हैं तो अपने कार्यालय में उच्च पद प्राप्त कर सकते हैं। परन्तु उन्हें वैवाहिक जीवन में बड़ा झटका लग सकता है। यहां पर राहु का अशुभ प्रभाव आपके वैवाहिक जीवन को छिन्न-भिन्न करने की क्षमता रखता है और जल्दी ही आपका जीवनसाथी से अलगाव हो सकता है।

ऐसे में आपको यही सलाह दी जाती है कि आप अपने लाइफपार्टनर को समय दें। साथ ही, उनकी बातों को सुनें, उन्हें समझें और जरूरत के वक्त उन्हें अपना सपोर्ट दें तो आप अपने रिलेशन को संभाल सकते हैं। इस तरह आप अपनी मस्ती से भरी लव लाइफ को नया आकार दे सकते हैं। वरना राहु के प्रभाव को कम करने के लिए उपरोक्त उपायों को अपनाएं। कुल मिलाकर आपको लग्न भाव के राहु से सावधान रहना चाहिए।