ज्योतिष क्या है: जानिए इसके प्रकार और महत्व

ज्योतिष को लेकर कई तरह की अवधारणाएं प्रचलित हैं। कई तरह की किताबें और गाइड भी बाजार में उपलब्ध हैं। उन्हें पढ़कर अगर आप असमंजस की स्थिति में हैं तो हम आपकी समस्या का समाधान कर देते हैं। हम आपको बताने जा रहे हैं ज्योतिष के बारे में। ज्योतिष क्या है और इसमें विश्वास की वजह क्या है। ज्योतिष ग्रहों की चाल से संबंधित है और यह मानव जीवन पर ग्रहों की चाल के असर के बारे में बताता है। ज्योतिष से संबंधित कुछ शब्द प्रमुखता से जाने पहचाने जाते हैं। इनमें कुंडली, वैदिक ज्योतिष, पश्चिमी ज्योतिष, जैसे कई शब्द सुनने में आते हैं। हम आपको बता दें कि हम सभी विभिन्न प्रकार के ज्योतिष के बारे में विस्तार से चर्चा करने जा रहे हैं।


ज्योतिष क्या है

ज्योतिष अध्यात्म का ही एक हिस्सा है, इसके ज्योतिषीय सिद्धांत और गणना एक व्यक्ति की कुंडली तैयार करने में मदद करते हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली जातक के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और उन्हें भविष्य के लिए एक नजरिया प्रदान करती है, एक भविष्यवाणी की तरह विचार देती है।


क्या ज्योतिष सच में काम करता है

आप में से कई लोगों ने कहीं पढ़ा होगा कि ज्योतिष का संबंध सूर्य की परिक्रमा करने वाले ग्रहों से होता है। सही बात है, कि ज्योतिष का संबंध ग्रहों से होता है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि ज्योतिष में हम विश्वास क्यों करते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि ज्योतिष हमें खगोलीय घटनाओं के बारे में तो जानकारी देता ही है, साथ ही उनके भविष्य में हमारे ऊपर होने वाले प्रभावों को भी बताता है। मौलिक रूप से ज्योतिष ग्रहों, राशियों और नक्षत्रों का एक अध्ययन है जो मनुष्यों के जीवन की घटनाओं (या भविष्य) को बताता है। ज्योतिष नक्षत्र और उष्णकटिबंधीय ज्योतिष विधि पर काम करती है। इसके साथ ही हम ज्योतिष की मदद से हम जान सकते हैं कि उस राशि का ग्रह मित्र ग्रह के साथ बैठा है या शत्रु ग्रह के साथ। अब हम ज्योतिष प्रकारों के बारे में जानते हैं।


ज्योतिष के प्रकार

ज्योतिष का उपयोग ग्रहों के व्यवहार को पहचानने के लिए किया जाता है। विभिन्न विधियों के जरिए किसी भी ग्रह की स्थिति, उसके प्रभाव या उसकी शक्ति की गणना की जाती है। आमतौर पर इन विधियों को ज्योतिष के प्रकार के रूप में जाना जाता है।

वैदिक ज्योतिष

वैदिक ज्योतिष को भारतीय ज्योतिष के रूप में भी जाना जाता है, जो दुनिया का सबसे पुराना ज्योतिष है। वैदिक ज्योतिष कुंडली तैयार करने या किसी व्यक्ति के लिए नक्षत्र व राशि के अध्ययन करने वाली विधि का उपयोग करता है। भारत में लोग नए घर में प्रवेश करते समय या नई बाइक या कार खरीदते समय, शादी के समय वैदिक ज्योतिष का सहारा लेते हैं।

पश्चिमी ज्योतिष

इस प्रकार के ज्योतिष का प्रयोग पश्चिमी देशों में अधिक किया जाता है। सूर्य की स्थिति के अनुसार इसमें कुल 12 राशियां होती हैं। यह भविष्यवाणियां करने के लिए कुंडली बनाने के लिए उष्णकटिबंधीय राशि प्रणाली का उपयोग करता है। यह वैदिक ज्योतिष की तुलना में तीन और ग्रहों का भी उपयोग करता है। लोग भविष्य की घटनाओं के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए इस ज्योतिष का उपयोग करते हैं।

सेल्टिक ज्योतिष

इसे सेल्टिक ट्री एस्ट्रोलॉजी के रूप में जाना जाता है। इसमें पेड़ों की मदद ली जाती है। यह व्यक्ति के जन्म समय पर आधारित होता है, जिसे व्यक्ति के स्वभाव का मूल माना जाता है। इसमें पंडित चंद्रमा की स्थिति का निरीक्षण करते हैं और फिर किसी व्यक्ति के जीवन की घटनाओं की भविष्यवाणी करते हैं। सेल्टिक ज्योतिष में 13 अलग-अलग की राशि होती हैं। इसका उपयोग ज्यादातर आयरिश लोग अपने जीवन की भविष्यवाणी प्राप्त करने के लिए करते हैं।

चीनी ज्योतिष

चीनी ज्योतिष का आविष्कार चीन के हान राजवंश में हुआ था। इस प्रकार का ज्योतिष तीन तत्वों, पृथ्वी, जल और स्वर्ग से संबंधित होती है। इसकी 12 शाखाएं होती हैं। चीनी ज्योतिष एक चंद्र-सौर कैलेंडर पर आधारित है। इसमें 12 राशियां होती हैं, इनका प्रतिनिधित्व अलग अलग जानवर करते हैं।

इस प्रकार के ज्योतिष का उपयोग मुख्य रूप से चीनी लोग करते हैं।

मिस्र का ज्योतिष

प्राचीन काल में मिस्रवासी सूर्य की स्थिति के अनुसार स्थिर तारों का निरीक्षण किया करते थे। इस तरह के ज्योतिष में मिस्र के देवताओं की 12 अलग-अलग राशियां होती हैं। ये संकेत दो अलग अलग समय चक्र को कवर करते हैं। मिस्र के ज्योतिष का ज्यादातर उपयोग लोगों के जीवन में मौजूद बाधाओं को दूर करने के लिए किया जाता है।


ज्योतिष की राशियों से आप क्या समझते हैं

ज्योतिष में राशियों को राशि चक्र कहा जाता है। ये राशियां हमें किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व, लक्षणों और व्यवहार के बारे में जानकारी देती है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार 12 राशियां बताई गई हैं।

  • मेष राशि
  • वृषभ राशि
  • मिथुन राशि
  • कर्क राशि
  • सिंह राशि
  • कन्या राशि
  • तुला राशि
  • वृश्चिक राशि
  • धनु राशि
  • मकर राशि
  • कुंभ राशि
  • मीन राशि

जानिए आपकी राशि क्या है।
पाइए निशुल्क जन्मपत्री


ज्योतिष चार्ट क्या है

ज्योतिष चार्ट एक ऐसा कागज होता है, जिस पर आपके जन्म का विवरण, राशियों, जन्म के ग्रहों और ग्रहों की स्थिति आदि के बारे में जानकारी दी गई होती है। इसे जन्म कुंडली या कुंडली के रूप में भी जाना जाता है। इस चार्ट के आधार पर ज्योतिषी आने वाली घटनाओं की भविष्यवाणी कर सकते हैं।


ज्योतिष में घर क्या हैं?

जातक की जन्म कुंडली में चार चतुर्भुज होते हैं जिनके चारों दिशाओं में चार देवदूत होते हैं। चार्ट के केंद्र में ये चार कोण हैं पहला घर, चौथा घर, सातवां घर और दसवां घर। यदि आप इन चतुर्भुजों को तीन भागों में विभाजित करते हैं, तो इससे 12 अलग-अलग घर बनेंगे। वैदिक ज्योतिष में इन्हें भाव के नाम से भी जाना जाता है। दूसरा, सातवां और ग्यारहवां भाव आपके जीवनसाथी और वैवाहिक जीवन से संबंधित है। वहीं, दूसरे, छठे, दसवें और ग्यारहवें भाव की युति व्यक्ति को अपने कॅरियर का सही रास्ता चुनने में मदद करती है।

कॅरियर की संभावनाओं के बारे में जानना चाहते हैं
पाइए निशुल्क जन्मपत्री


क्या वैदिक ज्योतिष अन्य ज्योतिष से अलग है

भारतीय ज्योतिष, पाश्चात्य ज्योतिष या कोई अन्य ज्योतिष इन सभी पर विचार करें तो जातक के जीवन में इसका समान महत्व है। एक बार में देखने पर तो ये सारी ज्योतिष एक जैसी लगती है, ये जातकों के जीवन पर असर डालती हैं, लेकिन जैसे जैसे हम गहराई में जाएंगे तो हमें पता चलेगा कि इनमें की जाने वाली गणना कितनी अलग अलग है।

वैदिक ज्योतिष नक्षत्र प्रणाली का उपयोग करता है जबकि पश्चिमी ज्योतिष उष्णकटिबंधीय ज्योतिष का उपयोग करती है। इसके साथ ही चीनी ज्योतिष और मिस्र के ज्योतिष में वैदिक ज्योतिष से अलग राशियां हैं जबकि सेल्टिक ज्योतिष में वैदिक ज्योतिष की तुलना में एक राशि अधिक है और यह पेड़ों पर आधारित है।


ज्योतिष हमारे लिए कैसे उपयोगी हो सकता है

नौ ग्रहों (नवग्रह) की चाल और मिलन का विश्लेषण करके ज्योतिष कई तरह से मददगार साबित हो सकती है। इसके साथ ही यह हमें जन्म के ग्रहों और गोचर ग्रहों की स्थिति के बारे में भी बताता है, जो भविष्यवाणी करके हमारा मार्गदर्शन करता है। इससे हमें आने वाली घटनाओं को जानने, वर्तमान स्थिति का विश्लेषण करने या सही जीवनसाथी चुनने में मदद मिलती है। भारत में नवजात शिशुओं का नाम भी राशियों के आधार पर रखा जाता है। नया वाहन खरीदने या नए घर में प्रवेश करने का उपयुक्त समय जानने के लिए भी ज्योतिष की मदद
ली जाती है।


समापन

हम ज्योतिष से जुड़ी विभिन्न प्रकार की जानकारी आपको बता चुके हैं। यह शुरुआती ज्ञान है, जो बुनियादी रूप से होना जरूरी है। यह दिलचस्प जानकारी है। अब हमारे पास ज्योतिष चार्ट, राशि चक्र और ज्योतिष के घरों के बारे में एक संक्षिप्त जानकारी मौजूद है। हम आगे भी इससे जुड़ी नई तरह की जानकारियां लाते रहेंगे और आपसे साझा करते रहेंगे।