अंक ज्योतिष विज्ञान के ‘राज’, जिन्हें जानना है जरूरी?

अंक ज्योतिष एक बहुत ही विस्तृत एवं अहम विज्ञान है। यह अंकों पर आधारित होता है। अंकों का विश्लेषण किया जाता है। यह विश्लेषण नौ इकाई अंकों पर आधारित होता है।

इनके आधार पर जो परिणाम मिलते हैं, जो ग्राफ सामने आते हैं, वे किसी व्यक्तित्व की खासियतों और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण बातों को बताते हैं। ऐसा माना जाता है कि हर अंक का अपना एक चरित्र हैं, अपनी विशेषताएँ होती हैं। ज्योतिष में इन अंकों का महत्व अलग तरह से देखा जा सकता है। इन अंकों की व्याख्या की जा सकती है। ये अंक मानव के अस्तित्व और उससे जुड़े कई रहस्यों को उजागर करते हैं।

हम आमतौर पर इन गणनाओं को नकारात्मक रूप से देखते हैं। लेकिन इससे अलावा भी इसके कई प्रयोग होते हैं। ये व्यावसायिक क्षेत्र के बारे में जानकारी दे सकती है।


प्राचीन ग्रंथों के मुताबिक अंक ज्योतिष से जुड़े कई जरूरी भाग

  • जीवन पथ अंक
  • नामांक विद्या
  • आत्मा आग्रह संख्या
  • अभिव्यक्ति अंक
  • जन्मांक
  • अंक ज्योतिष अनुकूलता
  • भाग्यांक

अंक शास्त्र या अंक ज्योतिष एक प्राचीन शास्त्र है। यह शास्त्र अंकों पर आधारित व्याख्या और व्याकरण संबंधी अध्ययन पर निर्भर करता है। यह प्राचीन पद्ध्रकियों का अनुसरण कर किसी नतीजे पर पहुंचता है। अपने जन्म से जुड़ी संख्या को एक-एक करके कम करते हुए इकाई में बदलने की मौलिक विधि का आविष्कार ग्रीक वैज्ञानिक ने की थी। यह भविष्य जानने की कला में एक क्रांतिकारी पहल साबित हुई है। इसमें दशमलव प्रणाली में इकाई अंकों का उपयोग किया जाता है। ये अंक 0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 होते हैं।


अंक ज्योतिष में अंक एक से नौ का मतलब

अंक ज्योतिष कई विशेषताओं को अपने आप में समेटे हुए होती है। यह कई दुर्लभ विशेषताओं को छुपाए होती है, जिन्हें अंकों की मदद से जाना जा सकता है। ऐसे में जब तक हम अपने जन्म तिथि से जुड़े आंकड़ों को नहीं समझते हैं, तब तक आप इस शास्त्र की उत्कृष्टता का पता नहीं लगा सकेंगे।
इसे जानकर आप अंक से जुड़े व्यक्ति की शारीरिक, चारित्रिक विशेषता जानने के साथ ही उनसे जुड़े शुभ-अशुभ लक्षणों को भी जान सकेंगे। इनका संबंध पाइथागोरस प्रमेय से हैं। इसके जरिए अनोखी खासियत बताई जा सकती है।

जानते हैं क्या है इन अंकों में खासियतें

अंक 0 :
शून्य, पूर्ण शून्यता का प्रतिनिधित्व करता है, किसी भी भौतिकवादी अभिव्यक्ति या भावना की अनुपस्थिति का प्रतीक है ये।

अंक 1:
अंक एक सृजन के मामले में शक्ति, इच्छा, दृढ़ संकल्प, संयम और लचीलापन को दर्शाता है।

अंक 2:
यह अंक लालित्य, विनम्रता, तुच्छता, बहुमुखी प्रतिभा और सहयोग को बताता है। इसके साथ ही प्रयोग, पुरुषत्व और स्वादिष्ट भी इससे जुड़े होते हैं।

अंक 3:
एक प्रसिद्ध व्यक्ति की उपस्थिति को बताता है। यह उनके नवाचार को वर्णित करता है।

अंक 4:
अंक विश्वसनीयता, सतर्कता, सहनशक्ति और एक मजबूत मानसिकता को दर्शाता है।

अंक 5:
इस अंक का आशय है, लचीलापन, अनुकूलन क्षमता, आकर्षण, आगे बढऩे की निरंतर आवश्यकता महसूस करना।

अंक 6:
अंक 6 अध्यात्म, शांति, आकर्षक रूप, जीवनसाथी, घर से जुड़ा है।

अंक 7:
यह अंक साहसी लोगों है, ये वैचारिक मन और चेतना का द्योतक है।

अंक 8:
इसका अर्थ है कि समझौते, बुद्धि, साहस और इसके साथ ही स्थिर स्वभाव।

अंक 9:
संवाद, कार्य कुशल, धर्मनिरपेक्ष, मानवतावादी और वैश्वीकरण।


अंक ज्योतिष में अंकों की गणना

अंक ज्योतिष में आंकड़ों का महत्व है। इनके मूल्यांकन के आधार पर परिणाम निकाले जाते हैं। इसके लिए एक खास विधि काम में ली जाती है। अंकों के समावेशन (संख्यात्मक कमी) की प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है। इसे जटिल आंकड़ों को इकाई में बदल लिया जाता है। सभी आंकड़े एक से नौ तक की संख्या में बदल लिए जाते हैं। इकाई की संख्या में बदलने के बाद अध्ययन में आसानी होती है।

इन्हें हम एक उदाहरण के दो चरणों से समझते हैं, संख्या 88357 को 31 में और फिर सांख्यिकीय मॉडल 4 के माध्यम से बताते हैं।

चरण 1: 88357 को इस तरह लिखेंगे
8 + 8 + 3 + 5 + 7 = 31

चरण 2: 31 को इस तरह 3 + 1 = 4

ध्यान रखने वाली यह है कि अगर परिणाम में 11, 22, 13, 14, 16 या 19 अंक आते हैं। की एक श्रृंखला मिलती है, तो आपको उसे आगे समायोजित करने की जरूरत नहीं होती है। यह अपने आप में एक अलग और अद्वितीय अंक होता है।


अंक ज्योतिष में विशेष अंक

अगर एक ही इकाई संख्या दो बार आती है तो इसका मतलब है कि यह अद्वितीय अंक है। मसलन 11, 22 और 33 एक अद्वितीय स्थिति होती है। उन्हें अहम आंकड़ा कहा जाता है। इससे जुड़े व्यक्तियों के लिए आम अंकों से ज्यादा अवसर व सफलता मिलती है।

11 अंक है कितना अहम:

संख्या 11, बताता है साफ नजरिए को। यह संख्या अलौकिक क्षमता का प्रतिनिधित्व करती है। यह अपने पर बेवजह के खर्च को इंगित करती है। एक जैसे दिखने वाले दो अंक का एक साथ आना अवसरों को भी दोगुना कर देता है।

22 अंक है कितना अहम:

अंक 22, इसमें दो का अंक दो बार आता है। यह विरोधी ताकतों में संतुलन न बना पाने का प्रतीक है। यह तर्कसंगतता, कानून, सुविचार, तर्कसंगत व्यवहार और अधीनता का प्रतिनिधित्व करता है।


अंक ज्योतिष में जन्म तिथि का महत्व

अंक ज्योतिष में किसी व्यक्ति की जन्मतिथि का सबसे अधिक महत्व होता है। यह एक गणितीय सूत्र पर आधारित विज्ञान होता है, जिसमें किसी भी व्यक्ति की जन्मतिथि के आधार पर सभी गणनाएं करते हैं। इसमें जन्मतिथि के माध्यम से एक निश्चित विधि का अनुसरण अपने भाग्य से जुड़े रहस्य जाने जा सकते हैं। आपकी जन्मतिथि का महत्व क्या है, यह जानने के लिए कुछ बातें जानना जरूरी है।

  • जीवन पथ अंक: किसी भी व्यक्ति का जीवन में लक्ष्य, जो उसके अंकों द्वारा प्रकट किया जाता है।
    जन्मांक: अपने प्रयासों को अपने जीवन के लिए तय किए लक्ष्य की ओर ले जाने का सबसे सही तरीका यह होता है।

किसी भी व्यक्ति से जुड़े अंकों व आंकड़ों के जरिए न केवल उसके स्वास्थ्य बल्कि आने वाले समय या भाग्य से जुड़ी बातों को आसानी से जान सकते हैं। यह जन्म प्रमाण पत्र का गहराई से अध्ययन करके किया जा सकता है।


किसी व्यक्ति के नाम के मुताबिक उसका अंक

किसी भी बच्चे के जन्म तिथि से हम उसके भविष्य और उसके विकास से जुड़ी कई बातें पता कर सकते हैं। जान सकते हैं कि उसके विकास की क्या संभावनाएं हैं। जन्म तिथि के जरिए हम उसमें छिपी हुई क्षमताओं को भी जान सकते हैं। नामकरण क्वांटम यांत्रिकी प्रणाली तीन बातों पर आधारित है।

भविष्य अंक (नाम, अभिव्यक्ति) किसी व्यक्ति के पृथ्वी पर आने सार और उद्देश्य को बताता है। गणित के जरिए हम समझ पाते हैं कि उनका चयन क्यों किया गया है। उन्हें कौन सी क्षमताएं प्राकृतिक रूप से प्रदान की गई हैं।
एटीट्यूड रेटिंग तय करती है कि कोई व्यक्ति दूसरों को कैसा दिखता है।
आध्यात्मिक अंक (जिसे स्पिरिट काउंट, गट्स ड्रीम मल्टीट्यूड या उत्साह अंक के रूप में भी जाना जाता है) यह एक व्यक्ति के किसी तरह के खास व्यवहार को प्रदर्शित करता है।


पाइथागोरस स्क्वॉयर में बहु-एकल अंक

अंकों का अध्ययन करके भाग्य बताने के मामले में पाइथागोरस प्रमेय स्क्वायर का एक अलग फ्रेमवर्क होता है। इसमें पुरानी प्राचीन रोमन भविष्य वक्ताओं की आंकड़ों से जुड़ी विधि को काम में लिया जाता है। पाइथागोरस स्क्वायर की गणना अब 2 तकनीकों का उपयोग करके की जाती है। डेविज फिलिप्स ने इसे लेकर प्रक्रिया की जानकारी दी थी। वहीं ए एलेक्जेंड्रोव साइकोमेट्रिक्स की स्थापना की, जो की क्वांटेटिव इवल्यूशन है।

पाइथागोरस स्क्वायर और साइकोमेट्रिक कई प्रमुख विशेषताएं होती हैं। ये जैसे न्यूरोलॉजिकल स्टाइल, एफेलेटिव स्टेज, ऑक्यूपेशनल प्रोपेंसिटी, और फिटनेस प्रोसपेक्टस को तय करने में मदद कर सकते हैं।


कार्मिक अंक

आत्मा के अजर अमर होने की बातें तो की जाती है, लेकिन अब तक किसी ने इसे लेकर कोई सबूत नहीं दिया है। आत्मा के स्वर्ग या नरक से जुड़ी बातें अवधारणा ही बनकर रह गई हैं। कोई सबूत न दिए जाने के बावजूद भी, लगभग सभी लोग नैतिकता से जुड़े दावे करते हैं। कारण सीधा है, जीवन में हमने कभी न कभी किसी न किसी स्तर पर किसी की मदद जरूर की है। हमने कभी कोई गलती की होगी, हम अपने नियंत्रण में नहीं रहें होंगे, आक्रोश जताया होगा। हो सकता है कि हमने कभी किसी की मदद करने की कोशिश की होगी।

ऊपर बताई गई सारी बातें कर्म की शक्ति की वजह से ही संभव हो पाई हैं। मनोवैज्ञानिक स्तर पर हम इन संकेतों को संभवतया कई बार महसूस कर चुके होंगे, लेकिन जब वास्तविक जीवन की बात आती है, तो हम इसे लेकर व्याख्या करते या सफाई देते नजर आते हैं। इनके बाद भी कर्म की शक्ति को स्वीकार किया जाता है।

हर कर्म के प्रभाव का एक संख्यात्मक मान होता है। यह मान किसी व्यक्ति के लिए उसकी जन्म तिथि की गणना करके प्राप्त किया जा सकता है। अंकों के इस तरह के समूह में 13, 14, 16, और 19 शामिल होते हैं। इन अंकों के दायित्वों को एक व्यक्ति को चुकाना ही होता है, पूरा करना ही होता है।


कर्मांक कर्ज की गणना कैसे हो

यह पहचानना कठिन नहीं है कि हमारे ऊपर कर्मों की क्या देनदारी बाकी है। कार्मिक अंक के बारे में सोचने की बजाय हमें गणित का सहारा लेना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि आप 16.05.2000 की अवधि के लिए कार्मिंक अंक तलाश रहे हैं तो आपको केवल 1 + 6 + 5 + 2 = 14 जोडऩा होगा। इस तरह आप खुद पर चढ़े कार्मिक ऋण को पहचान सकते हैं। एक तरह से देखें तो यह सिर्फ एक तारीख है 16, जो हर साल वर्षगांठ की तरह आती है। वहीं दूसरी तरफ ये कर्म ऋण को भी बताती है।


कार्मिक संख्या की व्याख्या क्या होती है?

कई बार होता है कि एक व्यक्ति चिंताओं से घिरा रहता है, वह किसी की प्राथमिकता में नहीं रहता। उपेक्षा का शिकार रहता है। कई बार हम देखते हैं कि अपने फायदे के लिए दूसरों का इस्तेमाल करना बेहद आम हो गया है।
लोगों में जिम्मेदारी का अहसास मानो खत्म हो गया है, सामाजिक जीवन में तो यह गायब ही हो गया है। इसका सबसे अधिक असर आसपास के समुदाय पर विशेष रूप से नैतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। लोग दूसरों राय मानने या सुनने की बजाय उनके प्रति उदासीनता जाहिर करने लगे हैं। ज्ञान से जुड़ी बातों की तुलना में सांसारिक चीजों को अधिक महत्व दिया जाने लगा है।
लोग नैतिकता को ताक में रखकर सामाजिक नियमों से परे जाकर दूसरे को हानी पहुंचाने से भी गुरेज नहीं करते। इंसानों में से विवेक और व्यक्तित्व का गायब होना गलत संकेत देता है। दूसरों की उपेक्षा और अपने आप को बढ़ावा देना, यही कारण है कि अहंकार इतना बढ़ गया है। लोग अपनी महत्वकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सभी रास्ते उपयोग में लेना चाहते हैं। अधिकारों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और नैतिकता तो रह ही नहीं गई है।


जीवन पथ अंक

जीवन में आपको तय करना होता है कि आपके लिए महत्वपूर्ण क्या है। रिश्तेदार या नौकरी या फिर शांति या फिर कुछ और। आखिर जरूरी क्या है, अगर यह जानना है तो इसे जानने के लिए जन्मतिथि एक सही मददगार साबित हो सकती है।
एक अंक आपके जीवन के लिए सफलता की कुंजी साबित हो सकता है। गणित का यह कमाल आपको जीवन पथ पर आगे बढ़ा सकता है। ऐसे में आपको इसकी जानकारी होनी ही चाहिए। यह सीधे समीकरण से पता किया जा सकता है।
आइए देखें कि अपने जीवन पथ का कुल योग कैसे ज्ञात करें। यदि आपका जन्म 14-11- 1973 को हुआ है, तो 11 को 14 और फिर 1973 में जोड़ें। जैसा कि पहले भी बताया जा चुका है।
– 14+11=25
– 1973+25=1998,
– 1+9+9+8=27
– 2+7=9।
नतीजतन, नंबर 9 आपके जीवन पथ अंक होगा। यह काफी आसान है।


सारांश में बात

जीवन पथ अंक 1:
गणितीय कौशल, दृढ़ता, शानदार व्यक्तित्व और बेहतरीन चयन। सच्चा और भरोसेमंद। इसके तहत पैदा हुए लोग को मानसिक, रचनात्मक स्तर पर सशक्त होते हैं, धन के मामले में भी अच्छा काम करते हैं। सबसे अहम बात होती है कि इन्हें अंतिम फैसला लेने का हक होता है। ये फैसला लेने के साथ ही जिम्मेदारी लेने में भी माहिर होते हैं।

जीवन पथ अंक 2:
इनकी सहज अच्छाई, करुणा, सत्यनिष्ठा और असाधारण विचारशीलता के सब कायल होते हैं। ये सभी की परिस्थितियों को समझते हैं और उनसे जुड़े समाधान बताने में विश्वास करते हैं। ये स्वीकार्य समाधान बताते हैं। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के व्यक्तित्व भी हो सकते हैं, जो देश के लिए संतुलन बनाने का काम कर सकते हैं।

जीवन पथ अंक 3:
ये दूसरों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हैं, जिम्मेदारी लेते हैं और निभाते हैं। लोगों को प्रभावित करते हैं। कला से जुड़े क्षेत्र में इनका प्रभाव देखने को मिलता है। इनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के उत्पाद बनाने की क्षमता होती है। वे एक विशाल व्यक्तित्व के धनी होते हं। वहीं इन्हें एक तर्कसंगत भावना वाला निराशावादी भी हो सकते हैं। जीवन में ये अव्यवस्थित भले हों, लेकिन हमेशा अपने आदर्शों के साथ खुश रहते हैं।

जीवन पथ अंक 4
ये शारीरिक और भावनात्मक दोनों तरह से ही सशक्त होते हैं। ये दायित्वों का पूरा निर्वाह करते हैं। टीम में रहकर काम करने में सक्षम होते हैं। एक अहम किरदार निभा सकते हैं। अपनी कड़ी मेहनत से मुकाम हासिल कर सकते हैं। ये नया करने के लिए तैयार रहते हैं। अनुभव हासिल करना इन्हें अच्छा लगता है। ये हमेशा सोचते रहते हैं कि किसी काम को नए तरीके से कैसे किया जाए।

जीवन पथ अंक 5:
इनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। तेज-तर्रार, उत्साही, सहज, आशावादी और चौकस व्यक्ति होते हैं। व्यापार, आधुनिक मीडिया और कम्युनिटी मीटिंग में अच्छा प्रभाव दिखाते हैं। ये किसी भी चीज का बारीकी से अध्ययन करते हैं और परिस्थितियों को समय बर्बाद किए बिना ही संभालने की क्षमता रखते हैं? ये तेजी से प्रयास करते हैं और उससे पैसा भी कमाते हैं।

जीवन पथ अंक 6:
शक्तिशाली होते हैं, अधिकार रखने वाले होते हैं। इनका मन कोमल होता है, गलती पर पश्चाताप भी करते हैं। ये लोगों के साथ मिलकर समस्याओं का समाधान तलाशने में लगे रहते हैं। साझा करते हैं। ये ऐसे मददगार होते हैं, जिन्हें जीवन में कोई भी अपनी लाइफ लाइन के तौर पर चुनना पसंद करते हैं।

जीवन पथ अंक 7:
एक अलग पहचान, एक रणनीतिक दिमाग, कल्पनाशील प्रतिभा, कोमल मन और हर कार्य के लिए सावधानी बरतना, ये सभी गुण इनके लिए असीमित संभावनाएं लेकर आते हैं। ये दूरदर्शी तो होते हैं, लेकिन हर बार इसका अंदाजा सही लगे, यह कहना सही नहीं है।

जीवन पथ अंक 8:
ये व्यक्ति साहसी व्यक्ति होते हैं। इनका दृढ़ संकल्प आलस्य, अकर्मण्यता आदि पर भारी पड़ता है। ये एक अनोखा व्यक्तित्व होते हैं जो सम्मान को अपनी तरफ आकर्षित करता है। लोग अपने आप इन्हें सम्मान देते हैं। व्यापार को लेकर इनमें असीम संभावनाएं होती हैं। अच्छा खासा अनुभव, अखंडता, शांति और दृढ़ इच्छा शक्ति, जीवन में मनचाही सफलता दिलाने में मदद करती है।

जीवन पथ अंक 9:
कार्य में तल्लीनता, जीवन पर एक आशावादी दृष्टिकोण, करुणा, उदारता और एक रचनात्मक दिमाग। इस तरह के व्यक्तित्व की वजह से हम कुछ असाधारण खोज कर सकते हैं, जिनमें अनंत संभावनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे आशावादी, जो चीजों को वैसे ही स्वीकार करते हैं, जैसी वे होती हैं।