वास्तु शास्त्र: पौधों के लिए सही टिप्स

अच्छा वास्तु हमेशा एक सुंदर बगीचे के साथ पूरा होता है। वास्तु के तहत अगर आप अपने घर में एक सुंदर से दिखने वाली गार्डन को भी शामिल करते हैं, तो यकीन मानिए ये आपके लिए सुख-समृद्धि लेकर आता है।

सेहत सही रहती है और खुशियां आती हैं। घर में एक बगीचे का होना न केवल घर की सुंदरता और आकर्षण को बढ़ाता है बल्कि यह हमारे मन को शांति भी देता है। हमें सुकून प्रदान करता है। यह न केवल हमें प्रकृति के बेहद करीब ले जाता है बल्कि जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मूल्य भी सिखाता है।

ध्यान रखने वाली बात यह है कि वास्तु शास्त्र में यदि हम एक गार्डन को भी शामिल करते हैं तो यह हमेशा प्राकृतिक सुंदरता तो प्रदान करता ही है बल्कि हमें चुस्त दुरुस्त भी बनाए रखता है। तुलस, नीम, नारियल, चंदन, केसर समेत कई पौधे होते हैं, जिन्हें गार्डन में लगाना चाहिए। ये न केवल खूबसूरती बढ़ाते हैं बल्कि हम में कई गुणों के विकास भी करते हैं।

आप चाहें तो घर के गार्डन में एक छोटा घरना या फव्वारा भी लगा सकते हैं। बैठने के लिए एक बेंच भी लगा सकते हैं। जो मन चाहे कर सकते हैं बस ध्यान रहें कि वास्तु शास्त्र के नियमों की पालना जरूर हो।


घर के बगीचे के लिए वास्तु शास्त्र के टिप्स

  • तुलसी को सबसे शुभ पौधा कहा गया है। लेकिन इसे घर की विशिष्ट सीमा के भीतर ही लगाना चाहिए। इसके साथ ही आप अपने घर के रास्ते में चमेली का पौधा लगा सकते हैं।
  • बगीचे या पौधे के लिहाज से पूर्व या उत्तर दिशा सबसे बेहतर मानी जाती है। इसके साथ ही साथ ही ये दिशाएं पानी का झरना लगाने के लिए भी सर्वश्रेष्ठ मानी जाती हैं।
  • घर में लगाए जाने वाले सजावटी पौधे 3 फीट से अधिक नहीं होने चाहिए
  • गार्डन में हिंसक सी नजर आने वाली सजावटी चीजें नहीं लगाई जानी चाहिए।
  • घर के गार्डन में लगाए जाने वाले पौधे के पास गिरी पत्तियां, फूल और सूखी लताओं को समय-समय पर साफ करते रहना चाहिए।
  • घर के मुख्य द्वार और प्रवेश द्वार के बीच के रास्ते पर चमेली के पौधे लगाए जाने चाहिए। यह लाभदायक होता है। मुख्यद्वार पर कभी भी बड़ा पेड़ न लगाएं।
  • आप उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में स्विमिंग पूल बना सकते हैं।
  • गार्डन में पक्षियों के लिए पानी के बर्तन और दाना लगाना बेहतर रहता है, यह सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। कटोरी में पानी भरकर रखना पेट संबंधी परेशानियों को दूर करता है। इसके साथ ही, यह जीवन के लिए सौभाग्य को प्रोत्साहित करता है
  • कैक्टस जैसे कांटेदार पौधों को लगाने से बचें क्योंकि वे हानिकारक हैं। ये कमजोर संबंध बनाते हैं और तनाव लाते हैं।
  • बोनसाई के पौधों से बचें क्योंकि वे बहुत छोटे होते हैं और अधूरे विकास को ज्यादा बढ़ावा देते हैं।
  • जिन पौधों से दूध निकलता हो, उन्हें घर में न रखें।

वास्तु के पौधों और ज्योतिष का संबंध

वास्तु शास्त्र के साथ ही कुछ पौधे वैदिक ज्योतिष शास्त्र से भी जुड़े होते हैं। ये पौधे ग्रहों से संबंधित होते हैं। इनके बारे में हम आपको जरूरी जानकारी दे रहे हैं।

  • सूर्य का संबंध अर्का और बेल से है।
  • चंद्रमा ढाक और खीरी से जुड़ा है।
  • मंगल का संबंध खैरा और अनंतमूल से है।
  • बुध का संबंध अपामार्ग और विधारा जड़ से है।
  • बृहस्पति का संबंध पीपला और केले की जड़ से है।
  • शुक्र का संबंध गूलर से है।
  • शनि का संबंध शमी से है।
  • राहु का संबंध दूर्वा और चंदन से जुड़ा हुआ है।
  • केतु का संबंध कुश से है।

राशि के अनुसार वास्तु का पौधा

ज्योतिष में सूर्य की 12 राशियां होती हैं, लेकिन आप में से बहुत कम लोगों को पता होगा कि ये सभी अलग-अलग पौधों से जुड़ी हैं। आइए ज्योतिष राशियों और पौधों के बीच संबंध के बारे में जानते हैं।

  • मेष राशि वालों को घास, बेल और फलों के पेड़ लगाने चाहिए।
  • वृष राशि वालों को पत्तेदार हरी सब्जियां, विशेष रूप से गोभी और सलाद पत्ता लगाना चाहिए।
  • मिथुन राशि वालों फलों व उपज से जुड़े पौधे लगाने चाहिए। इनके लिए तरबूज और खरबूजा भी सही विकल्प हैं।
  • कर्क राशि वालों को छंटाई करनी चाहिए।
  • सिंह राशि वालों को फलों के पेड़ लगाने चाहिए। फलों का भंडार उनके लिए बेहतर फल देने वाला होगा।
  • कन्या राशि के जातकों को फूल और लताएं, विशेषकर औषधीय पौधे लगाने चाहिए।
  • तुला राशि वालों को सुंदर सुगंधित फूल, लताएं और जड़ी-बूटियां लगानी चाहिए।
  • वृश्चिक राशि वालों को लताएं, टमाटर, मक्का जैसे पौधे लगाने चाहिए। ये मजबूत पौधे भी लगा सकते हैं।
  • धनु राशि वालों को आलू, प्याज और फलों के पेड़ लगाने चाहिए। मकर राशि वालों को आलू और अन्य जड़ वाली फसलें लगानी चाहिए। जैविक खाद का प्रयोग करना चाहिए।
  • कुंभ राशि वालों को प्याज की खेती करनी चाहिए।
  • मीन राशि वालों को पौधों की छटाई का विकल्प चुनना चाहिए।

एक गार्डन में सुगंधित पौधे लगाने बेहद अच्छा विचार होता है। इससे वातावरण शांति और सुगंधित हो जाता है। बैठते सुकून मिलता है और सकारात्मकता मिलती है। बगीचे में आकर्षण बढ़ता है। एक बगीचा खुद आनंद लेने और चिंताओं को भूलने की जगह होती है। वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए आपको अपने बगीचे के लिए वास्तु से जुड़े टिप्स का पालन करना चाहिए। पौधों का चयन करते समय ज्योतिष की बारीकियों का पालन करना चाहिए। हमेशा राशि के अनुसार पौधों का चयन करें। यह आपको कई तरह से मदद करेगा।