कुंभ राशि के तीन डेक्कन (3 Aquarius Decans) और ज्योतिष का महत्व

आज हम बात करने जा रहे हैं कुंभ राशि की। यहां हमें पहले यह समझने की जरूरत है कि कुंभ राशि के डेक्कन क्या हैं। दरअसल, डेक्कन सबसे छोटा ज्योतिष तत्व है।

यह हमें किसी व्यक्ति के गुणों, विशेषताओं के बारे में तो बताता ही है साथ ही इससे जुड़ी सटीक भविष्यवाणियां करने में भी मदद करता है। उसके बारे में गहन जानकारी प्रदान करता है। हर राशि में तीन डेक्कन होते हैं, जो समान रूप से दस-दस डिग्री में विभाजित होते हैं।


कुंभ डेक्कन : क्विक बाईट्स

  • कुंभ राशि का प्रथम डेक्कन : ऐसे जातक जिनका जन्म 21 जनवरी और 29 जनवरी के बीच हुआ है। उन पर शनि व यूरेनस का प्रभाव होता है। ये ग्रह दृढ़ संकल्प और रचनात्मकता प्रदान करते हैं।
  • कुंभ राशि का दूसरा डेक्कन : इसमें वे लोग आते हैं जिनका जन्म 30 जनवरी से 8 फरवरी के बीच हुआ होता है और उन पर बुध का शासन है। ये ग्रह जातकों को जिज्ञासा और संवाद कुशलता प्रदान करता है।
  • कुंभ राशि का तीसरा डेक्कन : इसमें वे लोग होते हैं जिनका जन्म 8 से 18 फरवरी के बीच हुआ होता है। ये लोग बहुत आकर्षित और अप्रत्याशित होते हैं, इनके बारे में अंदाजा लगा पाना मुश्किल होता है।

कुंभ राशि के डेक्कन क्या है?

जैसा कि हम जान चुके हैं कि राशि, राशि चक्र पर आधारित होती है। इसमें 12 राशियां शामिल होती हैं। हर राशि को 30 डिग्री का एक भाग मिलता है।

कुंभ राशि का डेक्कन को भी तीस डिग्री का हिस्सा आवंटित किया जाता है। एक डेक्कन में दस डिग्री का एक भाग होता है। अगर सरल भाषा में बात करें तो कुंभ राशि में दस-दस डिग्री के तीन डेक्कन होते हैं। सभी से जुड़े व्यक्तियों के व्यक्तित्व, उनकी प्रतिभा समेत अलग अलग गुण होते हैं


कुंभ राशि का पहला डेक्कन : 21 जनवरी से 29 जनवरी तक जन्मे लोग

कुंभ राशि के पहले डेक्कन में वे लोग शामिल होते हैं, जिनका जन्म 21 से 29 जनवरी के बीच हुआ होता है। ये स्वभाव से जटिल होते हैं, उन्हें किसी भी बात को समझने में दिक्कत होती है। वे अकेले रहना पसंद करते हैं, समाज में रहकर भी अलग ही महसूस करते हैं। वे परम्पराओं से इतर होते हैं, नियमों के अनुरूप काम करने वाले नहीं होते हैं। वे हर जगह से कुछ न कुछ सीखना पसंद करते हैं।

वे जल्दी उदास हो जाते हैं। दान या परोपकार करने में हमेशा आगे रहते हैं। सामाजिक कार्य में बढ़चढ़कर भाग लेते हैं। वे हमेशा मानवता से जुड़े कार्य करने की कोशिश करते हैं। सड़क मार्ग से यात्रा करना पसंद नहीं करते हैं। इनमें रचनात्मकता कूट कूटकर भरी होती है। हर काम का आनंद लेते हैं। देखने में बड़े शांत और संयमित लगते हैं, लेकिन जब आप इन्हें जानने लगते हैं तो इनकी वास्तविकता सामने आती है।


कुंभ राशि के पहले डेक्कन को शनि और यूरेनस कैसे प्रभावित करता है

शनि और यूरेनस इन जातकों को जटिल इंसान बनाते हैं। शनि इन लोगों को सभी बाधाओं को पार करके सफलता हासिल करने की शक्ति देता है। यूरेनस रचनात्मकता और कल्पना से परिपूर्ण करता है। इन दोनों ग्रहों के संयोजन से ये जातक बेहद अनोखी प्रतिभा के धनी हो जाते हैं। ऐसे लोग आपको कम ही देखने को मिलेंगे। ये बहुमुखी प्रतिभा के धनी होते हैं। ये प्रतिस्पर्धा की इस दुनिया में सफलता हासिल कर लेते हैं। ये भी विशेषताएं इनके जीवन को आसान बनाती हैं। जब आप उनसे मिलेंगे तो लगेगा कि इनके दिमाग में कितने सारे आइडिया भरे हुए हैं। ये अंतर्मुखी होते हैं, ये किसी के भी साथ का भरपूर आनंद लेते हैं। शनि और यूरेनस भी कई बार उन्हें अप्रत्याशित बना देते हैं।


कुंभ राशि का द्वितीय डेक्कन : 30 जनवरी से 08 फरवरी तक जन्मे लोग

कुंभ राशि के दूसरे डेक्कन में जन्में लोगों की सबसे बड़ी खासियत उनकी तर्क क्षमता होती है। वे किसी भी बात को दिल पर नहीं लेते, हास्य का आनंद लेते हैं। वे रचनात्मक होते हैं और उनके दिमाग एक वैज्ञानिक की तरह खोज करने में लगा रहता है। उनके पास विश्लेषण की क्षमता भी होती है तो संवाद का कौशल भी। ये जमीन पर पांव रखकर चलने में यकीन रखते हैं।

वे अपने आसपास के लोगों को बहुत प्रभावित करते हैं और जीवन में संतुलित निर्णय लेने वाले होते हैं। उनमें हर चीज के लिए जोश और उत्साह स्वाभाविक रूप से आ जाता है। वे न केवल संवाद में अच्छे होते हैं, बल्कि वे जिज्ञासु भी होते हैं। ये दोनों गुण उन्हें अपने स्वामी बुध से मिलते हैं। ये अच्छे कहानीकार भी हो सकते हैं।


कुंभ राशि के डेक्कन 2 को बुध कैसे प्रभावित करता है

बुध इन जातकों को तार्किक, मजाकिया और बौद्धिक क्षमता से पूर्ण बनाता है। ये जातक बुद्धिजीवी भी होते हैं। इन्हें बातचीत करना पसंद आता है। ये अपने दिमाग का इस्तेमाल करते हैं, सोच समझकर बात करते हैं। ये बदलाव लाना पसंद करते हैं। जो सोच लेते हैं उसे बदलकर ही रहते हैं। ये खुले विचारों के होते हैं, सच्चे और ईमानदार होते हैं। रचनात्मकता इनका एक गुण होती है।

जब निर्णय लेने की बात आती है, तब ये भावनाओं पर काबू रखकर सही फैसला ले सकते हैं। अकेडमिक्स के मामले में ये अव्वल रहते हैं। ये रचनात्मक होते हैं। कल्पनाशील होते हैं। तेज तर्रार होते हैं। जो भी करते हैं, जल्द से जल्द उसका परिणाम हासिल करना चाहते हैं।


कुंभ राशि का तीसरा डेक्कन : 08 फरवरी से 18 फरवरी तक जन्मे लोग

ये जातक राजनीति के क्षेत्र में अच्छी सफलता हासिल कर सकते हैं। ये जानते हैं कि हजारों की भीड़ के सामने किस तरह खड़ा होना है, कैसे उन्हें राजी करना है। ये सहज रूप से नेता होते हैं। इनका झुकाव सामाजिक व सामुदायिक कार्यों के प्रति होता है। राजनीति के अलावा ये फैशन से जुड़े क्षेत्र में भी अपना नाम कर सकते हैं। इनमें रचनात्मकता काफी होती है। ये साहसी तो होते ही हैं, साथ ही अप्रत्याशित भी होते हैं। ये अपने समान ऊर्जा वाले लोगों को आकर्षित करते हैं। ये प्यार के मामले में बहुत रुचि लेते हैं। फ्लर्टिंग में एक्सपर्ट होते हैं। इन्हें दोस्तों के साथ बाहर जाना पसंद होता है। वैसे तो ये चुस्त दुरुस्त होते हैं पर जब रिश्ते में उपेक्षा का शिकार होते हैं तो ये हिंसक या अस्थिर हो जाते हैं।

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कुंभ राशि के तीसरे डेक्कन को शुक्र कैसे प्रभावित करता है

शुक्र इन जातकों को आकर्षक व्यक्तित्व प्रदान करता है जो उन्हें अपने साथी को लुभाने में मदद करता है। वे अत्यधिक कामुक और रोमांटिक होते हैं। सच्चे होते हैं। इनकी छवि को गलत तरीके से लिया जा सकता है या पेश किया जा सकता है। ये आप पर भी पूरी तरह विश्वास कर सकते हैं। ये बेहद आकर्षक व खूबसूरत लोगों में से एक होते हैं।

ये हमेशा निरंतर प्रवर्तन और विविधता चाहते हैं। इनके आस पास रहने वाले लोग इनके अप्रत्याशित स्वभाव के कारण कंफ्यूज रहते हैं। इसके लिए इन्हें दोष देना सही नहीं है। ये लोग वास्तव में आवेगी होते हैं। जल्दबाजी में
कार्य करते हैं। काम करने से पहले उसके परिणामों के बारे में नहीं सोचते हैं। वे हमेशा अपने प्रियजनों के पास खड़े रहते हैं। बड़े दिल वाले होते हैँ। ये सभी गुण शुक्र के कारण आते हैं।