जाने मेष राशि के सेहत से जुड़े मुद्दे और उपाय

मेष राशि के जातक ऊर्जा से भरपूर होते हैं। उत्साही होने के साथ के साथ ही ये शक्तिशाली और अत्यधिक सक्रिया व्यक्ति भी होते हैं। काम का दबाव और तनाव इन पर भारी पड़ता है, ये अत्यधिक मेहनत करने लगते हैं। कई बार जरूरत से ज्यादा चिंता और क्रोध करना कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। हालांकि ये मेहतनी होती है, सक्रिय होते हैं और अनुशासन में रहना पसंद करते हैं। जब आप बीमार रहते हैं तो बिस्तर से उठ भी नहीं पाते हैं। इतने अधिक बीमार हो जाते हैं। हर काम में देरी ही आपके स्वास्थ्य समस्याओं का एक मुख्य कारण भी होती है।

आपको पास कई क्षमताएं होती हैं, इनमें आपकी तेज गति, आत्मविश्वास और बिगड़े काम को दोबारा बनाने की क्षमता, सबसे अहम है। भले ही आप सेहत को लेकर सजग हों, लेकिन आपको खाने पीने का ध्यान रखना होगा। कॉफी, चीनी और नशे के पदार्थों से दूर रहना होगा। ये ऐसी चीजें हैं जो बिगड़ती सेहत के लिए आग में घी का काम करती हैं। आपका अतिक्रियाशील होना,आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है।


मेष: सेहत से जुड़ी समस्याएं

पुरानी बीमारी और समस्या आपको परेशान कर सकती है। आपको तेज बुखार हो सकता है, पेट या गुर्दे में संक्रमण हो सकता है, स्ट्रोक या हाईबीपी का भी शिकार हो सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ आपको सिर दर्द, पेट या किडनी की समस्या भी हो सकती है। इन सभी पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी।

पेट की समस्याओं के कारण अपने खाने पीने पर नियंत्रण रखें। अपनी आंखों से जुड़ी समस्याओं को अनदेखा न करें। दांतों, मसूड़ों या जुकाम की समस्या के प्रति लापरवाही न बरतें। बिना देरी के चिकित्सकीय सलाह लें। मंगल एक गर्म, सूखा, उग्र और हिंसक ग्रह है। मंगल के प्रभाव के कारण शराब पीना परेशानी और भी बढ़ा सकता है। किडनी की परेशानी से बचने के लिए शराब का सेवन न करें। त्वचा की परेशानी और घुटनों का दर्द भी हो सकता है।

अगर आप किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहें हैं तो हमारे ज्योतिष से संपर्क करें।


मेष राशि के लिए भोजन

अगर आप उदास महसूस कर रहे हैं तो संभवतया पोटेशियम की कमी इसका कारण हो सकती है। पोटेशियम फॉस्फेट लीवर और किडनी को भी फायदा पहुंचाता है। ऐसा खाना खाएं, जिसमें पोटेशियम फॉस्फेट प्रचुर मात्रा में हो। इसमें सेम, टमाटर, ब्राउन राइस, दाल, जैतून, प्यार, अखरोट, सलाद, फूलगोभी, ककड़ी, पालक, ब्रोकली, अंजीर, कद्दू और केले खा सकते हैं। ये खाने से मेष के जातकों की सेहत सही रहेगी।

डेयरी के उत्पाद का सेवन फायदेमंद हो सकता है। दांत और हड्डियां तदुंरुस्त रहेंगे। सब्जी या फलों का रस लेना शुरू करें, यह फायदेमंद साबित होगा। पौष्टिक रहेगा और तुरंत लाभ पहुंचाएगा। जैसा कि मेष का तत्व अग्नि होता, ऐसे में एसिडिटी दूर रखने के लिए मसालेदार खाना खाने से परहेज करें। ज्यादा नमक और शराब का सेवन न करें। नमक की अधिकता हड्डियों, धमनियों को प्रभावित करेगी। यह जितना शारीरिक रूप से जरूरी है उतना ही मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।


मेष: शारीरिक बनावट, कद काठी

मेष राशि के जातक की अच्छी सी ठोड़ी होती है। इसके साथ नाक, मुंह, होंठ, चौड़ी आंखें इन्हें सुंदर रूप प्रदान करती हैं। इनकी बातचीत में आत्मविश्वासी स्वर नजर आता है। जब भी ये बात करते हैं सिर उठाकर बात करते हैं। कंधे चौड़े रहते हैं। शरीर थोड़ा आगे की तरफ झुका हुआ रहता है। जब चलते हैं तो लगता है जैसे दौड़ रहे हों। आप देखने में दयालु प्रवृति के लगते हैं। आपका शरीर देखने में सुंदर और मजबूत नजर दिखता है। आपको खुद पर गर्व होता है, साहस से भरपूर होते हैं, कभी भी असफल होते नजर नहीं आते।

आपकी ऊंचाई मध्यम होती है। आपकी त्वचा थोड़ी खुरदरी और सुंदर होती है। आपके सिर पर एक तिल होता है। आपकी शारीरिक बनावट अलग भी हो सकती है। आपकी उपस्थिति विचित्र हो सकती है।


मेष की सुंदरता

आप नए बदलाव के अग्रदूत हैं। लाल रंग पके लिए आदर्श होता है। यह रंग आपके व्यक्तित्व के लिए बिल्कुल सही है। यह रंग आपके मेकअप, ड्रेस में शामिल करना, आपकी खासियतों को उजागर करने में मददगार साबित हो सकता है। आपके चेहरे की बनावट अच्छी होती है। चौड़ा ललाट होता है, काली और गहरी भौंह होती है। आपकी आंखें हल्के काले रंग के शेड के साथ सबसे अच्छी नजर आती हैं। इसके साथ हैवी आईलाइनर भी इसे और सुंदर बनाता है। एक सॉफ्ट शेड का हाईलाइटर और लंबे झुमके आपको हमेशा सुंदर और आकर्षक दिखने में मदद करते हैं। मेष के लिए सिर एक अहम स्थान रखता है, ऐसे में सिर पर हैट लगाना एक रानी के सिर पर ताज जैसा अहसास देगा। आप दिन भर डटकर खरीदारी करें या फिर भागते दौड़ते सामान खरीदें, आप जो भी लेंगे वह आप पर सुंदर लगेगा। यही चीज किसी और पर साधारण लग सकती है। इसका मतलब है कि आप किसी भी ड्रेस में फैशनेबल और सुंदर नजर आ सकते हैं।


मेष की कुछ अतिरिक्त बातें

मेष एक प्रतीक है जो कुछ स्थिति में भरोसेमंद हो सकता है तो दूसरी स्थिति में नहीं। विश्वसनीयता, समय की पाबंदी और योजनाओं को मूर्त रूप देना, इनका लक्षण नहीं है। ये काफी वफादार होते हैं।