कर्कराशियां

संस्कृत या वैदिक नाम: : कर्क

विशेषता : सहज, केयरिंग, लाॅयल और इमोशनल

गहरी इच्छा : रहस्यमयी, चार्मिंग, सेंसेटिव, सहानुभूतिपूर्ण, एम्बीशियस, उदार, दयालु, प्यारा, आउटिंग और फ्लेक्सिबल

उल्लेखनीय गुण : पूर्णता और अंतर्ज्ञान का विस्तार

जीवन के लिए आदर्श वाक्य : मैं महसूस करता हूं, इसलिए मैं हूं

राशिचक्र में 91 से 120 डिग्री तक के क्षेत्र को कर्क राशि के नाम से जाना जाता है। राशि क्रम में कर्क का नंबर चौथा है और यह जल तत्व की पहली राशि है। कर्क राशि के प्रकार या स्वभाव की बात करें तो यह एक कार्डिनल मतलब मूलभूत राशि है। कर्क राशि के लोग स्वीट, सेंसेटिव और मिस्टिरियस होते है। कर्क राशि के लोग अपने प्रायवेट स्पेस को लेकर बेहद सेंसेटिव होते है, उन्हें अकेले में समय बितना पसंद होता है। अपनी फैमेली के लिए उनमें गजब का समर्पण होता है और वे हर प्रकार से अपनी फैमिली का पोषण करते हैं। हालांकि कई बार उनके चिड़चिड़े स्वभाव के कारण उन्हें अपने ही इमोशंस का भी सामना करना पड़ता है। कर्क राशि कुछ बेहद सेंसेटिव राशियों में से एक है, इसलिए किसी के कठोर शब्द उन्हें आसानी से चोट पहुंचा सकते हैं। अपनी इसी कमी के कारण कारण उन्हें कई बार डिप्रेशन का भी सामना करना पड़ता है। कर्क हमेशा अपनी फैमिली और करीबी दोस्तों के बीच शांति की तलाश में रहते हैं, लेकिन उन्हें जल्द ही इस बात का एहसास हो जाता है कि यह सब केवल आपको अस्थायी खुशी प्रदान करते हैं। कर्क राशि के साथ एक सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे मूडी होते हैं और जल्द ही अपना आपा ऐसी बातों पर भी खो देते हैं जो दूसरों को बेहद साधारण लगती है। कर्क राशि के लोग अपने अतीत की बातों से भी बहुत अधिक प्रभावित होते हैं, यह उन्हें अपने भविष्य के उद्देश्यों को पूरा करने से रोकता है। उनकी लाइफ कई तरह के कॉन्ट्राडिक्शन से भरी हो सकती है। वे एक ही समय में चालाक और स्वार्थी हो सकते हैं। इनके पास गहरा ह्यूमर होता है, जिससे इनके दोस्त और परिवार के लोग काफी खुश भी रहते हैं। कर्क राशि के लोग पारिवारिक होते हैं और उनके लिए अपना घर दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण होता है।

Dates of कर्क Zodiac Sign :

Quick Insight Into कर्क राशियां

कर्क राशि चिह्न

कर्क राशि का वैदिक चिह्न केकड़ा होता है, जिसे अंग्रेजी में क्रेब कहते हैं। केकड़े को अपने घोंसले से बहुत प्यार होता है, ठीक उसी प्रकार इस राशि में जन्मे लोगों को भी अपने घर से बहुत प्यार होता है। राशि चक्र की तमाम राशियों में वे सबसे अधिक सिंपेथी रखने वाली राशि है। कर्क नेचर से बेहद सेंसेटिव और इमोशनल होते हैं और अपने घर और परिवार के आराम के साथ बहुत खुश रहते हैं। जब इनकी फैमिली और गृहस्थ जीवन में सब कुछ अच्छा चल रहा होता है, तब वे अपने जीवन में सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हैं।

कर्क राशि का मास्टर प्लेनेट - चंद्रमा (मून)

कर्क राशि का मास्टर प्लेनेट मून है, जो सोलह कलाओं के स्वामी है, प्रत्यक्ष रूप से भी चंद्रमा कभी लगातार दो रातों तक एक जैसा नहीं होते हैं। यह एक महीने में एक बार पृथ्वी के चारों ओर का चक्कर पूरा कर लेता हैं। चंद्रमा आपके मन और इमोशन को गहराई से प्रभावित करता हैं। चंद्रमा का सीधा संबंध आपकी बुनियादी जरूरतों से भी होता हैं और आप अन्य लोगो से किस तरह बात करते हैं, यह उसे भी नियंत्रित करता है।

कर्क का रूलिंग हाउस - फोर्थ

कर्क चार्ट के फोर्थ हाउस को कंट्रोल करता है, इस घर का संबंध आपके सुख और माता से होता है। कर्क राशि में पैदा हुए लोग परिवारिक होते हैं। मां से संबंधित होने के कारण कर्क जातकों में मातृत्व के गुण भी प्रधान होते हैं। उन्हे दूसरों का पोषण करना पसंद होता हैं और बचपन में जिन्होंने प्यार दिया है चाहे वे परिवार के सदस्य हो या पड़ोसी या दूर के रिश्तेदार आप कभी भी उनसे अपनी आत्मीयता नहीं खोते हैं। फोर्थ हाउस आपकी महत्वकांक्षा को भी दर्शाता है।

कर्क तत्व राशि - जल (वाटर)

कर्क राशि चक्र का पहला वाटर साइन है, इसके अलावा वृश्चिक और मीन भी जल तत्व की राशियां है। ज्योतिष में जल इमोशन को रिप्रेजेंट करता है, इसलिए आपके इमोशन या तो पानी की तरंगों की तरह होते हैं या किसी झील की तरह शांत होते हैं। यह उथले या गहरे समुद्र के रूप में हो सकता हैं। पानी का बहाव भी आपके बदलते मूड के स्वभाव को दर्शाता हैं। पानी में पैदा होने वाली हाईटाइड और लो टाइड भी चंद्रमा की वजह से ही होती हैं और इसका असर आपके नेचर पर भी पड़ता है।

कर्क राशि का प्रकार - कार्डिनल (मूलभूत या मौलिक या चर)

कर्क एक कार्डिनल साइन है, जो समर की स्टार्टिंग से बेहद मेल खाता है। कार्डिनल साइन को राशि चक्र के मूवर्स और शेकर्स की तरह भी जाना जाता है। कार्डिनल साइन में लिडरशिप की जन्मजात क्वालिटी होती है। वे लाइफ में लगातार नए अनुभव प्राप्त करने पर जोर देते हैं।

कर्क जन्म का रत्न - मोती (पर्ल)

कर्क राशि के लोगों के लिए मोती भाग्यशाली रत्न माना जाता है। मोती का सीधा संबंध चंद्रमा से होता है, मोती को अपना रंग और सुंदरता भी चंद्रमा के प्रभाव से ही मिलती है। कर्क राशि के लोगों के लिए मोती बेहद कारगार रत्न है, इसे धारण करने से मन के द्वंद को शांत करने में मदद मिलती है। इसी के साथ मोती कर्क राशि के लोगों के मूडी नेचर को भी कंट्रोल करने का काम करता है। हालांकि कोई भी रत्न कुंडली अन्य ग्रहों का अध्ययन करने के बाद ही पहनना चाहिए।

कर्क रंग - दूधिया (क्रीम)

कर्क राशि के लिए दूधिया या क्रीम रंग को भाग्यशाली माना गया है। यदि कर्क राशि के लोग अपनी डे टू डे की लाइफ में इस रंग का उपयोग करते हैं, तो उन्हें सीधे तौर पर इससे जुड़े लाभ अपनी लाइफ में देखने को मिलेंगे। चंद्रमा जो कर्क राशि के स्वामी है, उनका फेवरेट कलर भी दूधिया ही है।

कर्क अनुकूलता

असंगत : मेष, तुला, कुंभ और धनु

वैदिक ज्योतिष के अनुसार कर्क के जल तत्व की अन्य राशियों जैसे वृश्चिक और मीन के साथ बेहद मधुर संबंध होते हैं। इन राशियों के साथ वे अधिक आसानी से इमोशन और मेंटल कनेक्ट बना पाते हैं। अपनी तत्व राशि के अतिरिक्त कर्क का पृथ्वी तत्व की वृषभ और कन्या राशियों के साथ उत्तम मेल बनता है। वहीं अन्य राशियों में तुला और कुंभ राशि के साथ भी कर्क का मेल हो सकता है, लेकिन यह सर्वश्रेष्ठ मैच न होकर एवरेज ही होता है। इन राशियों के साथ रिश्ते लंबे समय तक कायम रखने में उन्हें कुछ परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है। नाॅर्मली पृथ्वी तत्व की राशियों के साथ अच्छे से मेल खाने वाली कर्क के लिए मकर के साथ मैच करना थोड़ा कठिन हो सकता है। मकर और कर्क एक दूसरे की ताकत को बैलेंस्ड करने का काम बखूबी कर सकती है।

कर्क Lucky Charms
लकी कलर: दूधिया
लकी स्टोन: मोती (पर्ल)
भाग्यशाली दिन: सोमवार
लकी मेटल: चांदी

कर्क Planetary Governor

  • राशि स्वामी - चंद्रमा (मून)

    कर्क के स्वामी चंद्रमा हैं, जो उन्हें सुरक्षित, पोषक, सहज और भावनात्मक बनाने का कार्य करते हैं। कर्क राशि को चंद्रमा से मजबूत मेंटल एनर्जी प्राप्त होती है, यह उन्हें परिवार और स्पेशयली अपनी माता के अधिक करीब लाने का काम करता है।

  • कर्क राशि में उच्च ग्रह - गुरु (ज्यूपिटर)

    प्लेनेटरी पोजीशन के अनुसार कर्क राशि में गुरु को उच्च स्थान प्राप्त होता है। गुरु का कर्क राशि में होना कर्क राशि के लोगों के लिए बेहद पाॅजिटिव माना गया है। जब गुरु कर्क राशि में होते हैं, तो उनकी परामर्श और पुष्टि की शक्ति कर्क के पोषण और सुरक्षात्मक गुणों के साथ बेहद शानदार तरीके से तालमेल बैठाते हैं।

  • कर्क राशि में नीच ग्रह - मंगल (मार्स)

    कर्क राशि के लिए जहां गुरु उच्च ग्रह की भूमिका निभाते हैं, वहीं मंगल इस राशि में नीच स्थान प्राप्त करते हैं। सामान्यत और सीधे शब्दों में कहें तो कर्क राशि में मंगल ग्रह अच्छे प्रभाव नहीं देते। कर्क के लिए मंगल कष्टदायक हो सकते हैं और इसके प्रभाव में कर्क राशि की लाइफ में टकराव और काॅम्पिटिशन की स्थिति पैदा होती है, जिससे उनकी लाइफ में कई तरह की अनअपेक्षित चीजें जन्म लेने लगती हैं।