तुला डेक्कन (Tula rashi Decan)- तुला राशि के तीनो डेक्कन और उनका ज्योतिष महत्व

डेक्कन आपकी राशि का ही हिस्सा होते हैं। ये राशि के वो भाग हैं, जिन्हें किसी व्यक्ति से संबंधित कुछ सबसे छोटे ज्योतिषीय तत्वों के रूप में जाना जाता है। जब वे ज्योतिषीय भविष्यवाणियों की बात करते हैं तो उनका सूक्ष्म निजीकरण हमें सटीक भविष्यवाणी में मदद करता है। आइए जाने तुला राशि के डेक्कन के बारे में


तुला डेक्कन क्विक बाइट्स

  • पहला तुला डेक्कन 23 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच आता है,और इनका स्वामी ग्रह शुक्र होता है । यह ग्रह उन्हें अनुकूलता और करिश्मे के कौशल के साथ सर्वश्रेष्ठ बनाते हैं।
  • तुला के दूसरे डेक्कन में आने वाले वे लोग हैं, जो 4 अक्टूबर से 13 अक्टूबर के बीच पैदा हुए हैं, और इनका स्वामी ग्रह यूरेनस है। यह ग्रह उन्हें स्वतंत्रता का कौशल और डाउन-टू-अर्थ रहने की क्षमता प्रदान करता है।
  • तीसरे तुला डेक्कन में आने वाले वे लोग हैं जो 14 अक्टूबर से 23 अक्टूबर के बीच पैदा होते हैं, और इनका स्वामी ग्रह बुध है। यह ग्रह यह ग्रह इन्हे शानदार बात करने की कला, और सत्य की तलाश के कौशल के साथ सर्वश्रेष्ठ बनाता है।

तुला डेक्कन की विशेषता

एक डेक्कन (सबडिवीजन) आपकी राशि का 10-डिग्री का भाग है, सूर्य राशि में अधिक सटीक भविष्यवाणी के लिए। चूंकि एक राशि चक्र चिन्ह के लिए 30 डिग्री तय किए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप प्रत्येक राशि के लिए तीन भाग होंगे।
आइए इसे अच्छे से जाने –

अगर आप 21 मई से 21 जून के बीच पैदा हुए हैं, तो आप तुला राशि के होंगे। लेकिन हम “तुला उपविभाजन ज्योतिष प्रणाली ” के साथ आपके ज्योतिषीय विश्लेषण में और भी गहराई तक जा सकते हैं। इसे 10-डिग्री के तीन भागों में विभाजित करते हुए, हमारे पास तुला राशि के तीन उपखंड होंगे, जिन्हे डेक्कन कहा जाता है।

यदि आप तुला राशि के हैं, तो यह जानकर कि आप किस डेक्कन के हैं, यह आपको खुद को बेहतर समझने में मदद करेगा। लेकिन इनमें से प्रत्येक डेक्कन क्या दर्शाता है? आइए जानते हैं :


तुला पहला डेक्कन - 23 सितंबर से 03 अक्टूबर

उदासीन और शानदार, तुला 1 डेक्कन के लोग काफी आकर्षक होते हैं| वे अपने स्वामी ग्रह शुक्र से प्रभावित होते हैं, और आप इसे इनके आंतरिक और बाह्य दोनों रूप में देख सकते हैं। वे बहुत शांत, सरल होते हैं। तुला के पहले डेक्कन के लोग चीज़ों को मैनेज करने और स्थापित करने मे अच्छे होते हैं।

ये बहुत प्यार करने वाले लोग होते हैं, इसके साथ ही बहुत इनोवेटिव और उत्कृष्ट भी होते हैं| इन गुणों के कारण, वे लोगों लोगों में बहुत लोकप्रिय होते हैं। चूँकि तुला राशि का तत्व वायु है तो इन राशि वाले लोगों को इसका बहुत लाभ मिलता है। इनके पास कमाल की तर्क शक्ति और अभिव्यक्ति की शक्ति होती है।


शुक्र का तुला राशि के पहले डेक्कन पर प्रभाव

चूंकि इनका स्वामी ग्रहशुक्र है, इसीलिए ये लोग सुन्दर तो होते ही हैं।साथ ही ये हमेशा खुश भी रहते हैं। जैसा कि हमने पहले उल्लेख किया है, ये कार्यों को मैनेज करने में अच्छे होते हैं जो इन्हे व्यावसायिक उत्कृष्टता प्रदान करता है, और वे कई क्षेत्रों में विशेषज्ञों के रूप में भी काम कर सकते हैं। शुक्र उन्हें रोमांचक जीवन प्रदान करता है | शुक्र कि वजह से ये लोग ऐसे काम करना पसंद करते हैं जिनमे भले इन्हे पैसे कम मिलें पर दिल को ख़ुशी मिले।

ये लोग बहुत रोमांटिक होते हैं और इनके प्रेमी इन्हे बहुत पसंद करते हैं। इनकी रोमांटिक ऊर्जा प्रेम के रिश्ते को और गहरा बनाती है। तुला के पहले डेक्कन के लोग उन लोगों के लिए कुछ भी कर गुज़रते हैं जिनसे ये प्यार करते हैं, और ये इन्हे अपनी दुनिया मानते हैं| ये अक्सर अपने संबंधों में सामंजस्य और समझौते के लिए प्रयास करते हैं, ये ख़ास गुण इन्हे शुक्र से मिले हैं।

हमारे ग्रह शत-प्रतिशत हमारे जीवन और फैसलों को प्रभावित करते हैं। आपके जन्म के समय ग्रहों का स्थान, आपके लग्न और चंद्रमा की स्थिति आपका जीवन कैसा होगा ये तय करते हैं। ये कारक आपके जीवन को कैसे प्रभावित कर रहे हैं, इसे आप अपनी जन्मपत्री द्वारा समझ सकते हैं|


तुला दूसरा डेक्कन - अक्टूबर 04 से 13 अक्टूबर

इनका जीवन विरोधाभास से भरा हुआ है , ये दूसरों पर भरोसा करते हैं ,समाज मे काफी सक्रिय रहते हैं और अच्छे व्यापारी होते हैं। ये हमेशा आशावादी और अपने भविष्य के प्रति आशान्वित रहते हैं। ये दार्शनिक भी होते हैं, और मानव जीवन के अस्तित्व की सच्चाई क्या है ये जानने की कोशिश भी करते हैं पर यह लोग बड़ी आसानी से परेशान भी हो जाते हैं।

ये लोग आसानी से अपनी भावनाओं को दिखाने के लिए जाने जाते हैं। वे हमेशा कुछ नया, रचनात्मक करने के लिए प्रेरित रहते हैं। तुला दूसरे डेक्कन के लोग बहुत विनम्र होते हैं। ये हमेशा सकारात्मक तर्क करते हैं। इन्हे पार्टी करना भी बहुत पसंद होता है। ज़्यादातर ये खुशमिज़ाज़ होते हैं। आइए अब ये समझने की कोशिश करते हैं की इनका स्वामी ग्रह यूरेनस कैसे इनके जीवन को प्रभावित करता है।

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यूरेनस का तुला राशि के दूसरे डेक्कन पर प्रभाव

यूरेनस तुला राशि के दूसरे डेक्कन के लोगों को आज़ाद और बेफिक्र बनाता है । ये लोग अपने चाहने वालों और करीबी लोगों से हमेशा अच्छे रिश्ते रखते हैं। यूरेनस की वजह से इन्हे जीवन मे क्या चाहिए और क्या करना है,ये साफ़ पता होता है। हालांकि यूरेनस ही इन्हे बहुत बेफिक्र भी बनाता है। अब आपको ये समझ आ ही गया होगा की आखिर क्यों तुला राशि के लोग इतने विरोधाभासी होते हैं। वक़्त आने पर ये अपनी कमज़ोरी दिखाने से भी नहीं शरमाते। आप इन्हे इनके नज़रिये या सोच को लेकर गंभीर पाएंगे।

ऊपरइत नी खासियत, गुण-अवगुण बताने के बावजूद एक ऐसा गुण भी तुला राशि वालों का होता है जो बताया नहीं गया है और वो ये है की तुला राशि के जातक बहुत ही इंट्रोवर्ट या अंतर्मुखी होते हैं, और कई बार वो इतना अकेले रहना चाहते हैं की आपको उन्हें ढूंढ़ना पड़ता है। लेकिन एक बार ये आपके हो गए तो जीवन भर आपके साथ रहेंगे। ये हमेशा ही रिश्तों को महत्त्व देते हैं और रिश्तों मे सामंजस्य बिठाते हैं|
ये भी उल्लेखनीय बात है कि तुला के दूसरे डेक्कन के जातक बहुत ही उदार और गर्मजोशी वाले होते हैं। ये लोग भाग्यशाली और मशहुर लोग होते हैं, पर अंदर से अंतर्मुखी, जैसा कि हम बता चुके हैं। लेकिन एक बात तय है कि ये बड़े दिलचस्प होते हैं।


तुला तीसरा डेक्कन - 14 अक्टूबर से 23 अक्टूबर

यदि आप तुला राशि के तीसरे डेक्कन के लोगों की सबसे बड़ी विशेषता की बात करें तो वो है इनकी ऊर्जा या एनर्जी। और ये ऊर्जा सिर्फ इनके शरीर में ही नहीं होती बल्कि इनका मन और मस्तिष्क भी काफी ऊर्जावान होता है। इन्हे बात करना, पढ़ना, कुछ क्रिएट करना अच्छा लगता है जो इनके अंदर के इंटेलीजेंट व्यक्ति को पसंद आता है और दूसरे लोगों के साथ बात करने का मौका दे।

ये लोग जैसे ही कमरे मे प्रवेश करते हैं तो सभी के आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं। क्योंकि कुदरत ने इन्हे आकर्षण और सुंदरता बख्शी है। तुला के तीसरे डेक्कन के लोग अपनी भावनाओ को लेकर बड़े गंभीर होते हैं। इन्हे तेज़ काम करना अच्छा लगता है और तुला राशि के दूसरे, दो डेक्कन के जातकों से ये तेज़ी से काम करना पसंद करते हैं। ये अपने स्वामी ग्रह बुध की वजह से बहुत ही अच्छे वक्ता होते हैं। आइए देखें कि बुध ग्रह कैसे इनके जीवन को प्रभावित करता है।


बुध का तुला राशि के तीसरे डेक्कन पर प्रभाव

जैसा कि ऊपर बताया गया है बुध ग्रह की वजह से तुला राशि के तीसरे डेक्कन के जातक अच्छे वक्ता होते हैं, ये लोग दिखावा पसंद भी होते हैं। इन्हे ज्ञान की सदा तलाश रहती है और दुनियादारी के झंझावातों से दूर रहना इन्हे पसंद है। इनके लिए तो सब कुछ सीखने का एक अवसर है, और ज्ञान ही शक्ति है, तुला राशि के तीसरे डेक्कन के जातक इसमें गहराई से विश्वास करते हैं।

इनके ज्ञान की तलाश इन्हे कई जगहों पर ले जाती है, ज्ञान की तलाश की वजह से ही ये कई लोगों से इंटरैक्ट भी करते हैं। आप पाएंगे कि इनके इंटरेक्शन काफी उपयोगी होते हैं। एक तरफ ये अपने मस्तिष्क को ज्ञान से भर देते हैं और दूसरी तरफ ये अक्सर अपने दिल की बात सुनते हैं। ये बहुत ही उदार होते हैं। ये एक और गुण है जो इन्हे बुध ग्रह से मिला है।

बुध ग्रह उदारवादी होता है,आपकी जन्मकुंडली में ये संचार का स्वामी ग्रह कहां बैठा है? आइए अपनी जन्मपत्री का निशुल्क विश्लेषण करें।

ये थी जानकारी तुला राशि के तीनो डिकेन्स के बारे में, ये लोग कुछ बहुत ही प्यारे लोग हैं जिनके साथ हमें होना चाहिए, जाइए और किसी तुला राशि के दोस्त को ढूंढिए।