आज का होरा अहमदाबाद के लिए
ज्योतिष शास्त्र में होरा काफी महत्वपूर्ण है। वैदिक ज्योतिष में जितना महत्व ग्रह-नक्षत्र, मुहूर्त, तिथि, वार आदि का है, उतना ही महत्व होरा का भी है। होरा भारत में समय की गणना का एक प्राचीन उपाय है। होरा का कुल योग 96 मिनट है, जो मोटे तौर पर प्रत्येक मंडल में 24 मिनट के बराबर है।
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06:12 – 07:16 |
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07:16 – 08:20 |
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08:20 – 09:24 |
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09:24 – 10:29 |
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10:29 – 11:33 |
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11:33 – 12:37 |
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12:37 – 13:41 |
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13:41 – 14:46 |
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14:46 – 15:50 |
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15:50 – 16:54 |
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16:54 – 17:58 |
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17:58 – 19:03 |
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19:03 – 19:58 |
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19:58 – 20:54 |
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20:54 – 21:50 |
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21:50 – 22:46 |
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22:46 – 23:41 |
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23:41 – 00:37 |
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00:37 – 01:33 |
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01:33 – 02:29 |
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02:29 – 03:24 |
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03:24 – 04:20 |
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04:20 – 05:16 |
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05:16 – 06:12 |
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सभी देखेंहोरा का महत्व
होरा में प्रत्येक वार का महत्व है। हर वार के हिसाब से गणना भी अलग-अलग होती है। आइए यहां प्रत्येक होरा के महत्व के बारे में जानते हैं।
सू्र्य यानी रवि होरा
सूर्य होरा की बात करें तो इस होरा मुहूर्त का उपयोग राजनीतिक कार्यों, सरकारी अधिकारियों से मिलने, नौकरी के लिए आवेदन करने, कोर्ट से संबंधित लेन-देन और खरीदारी आदि के लिए सूर्य होरा मुहूर्त को शुभ माना जाता है। सूर्य होरा माणिक्य धारण करने के लिए भी शुभ माना जाता है।
चंद्रमा होरा
चंद्रमा होरा में स्थान परिवर्तन किया जाता है। इस होरा का उपयोग आवास में परिवर्तन, यात्रा, संपत्ति से संबंधित मामलों, प्रेम संबंधों में प्रिय से मुलाकात, आभूषण की खरीदारी,, कपड़ों आदि की बिक्री, पानी से जुड़े कार्यों के साथ ही रचनात्मक और कलात्मक कार्यों के लिए किया जाता है। चंद्रमा की होरा में मोती धारण किया जा सकता है।
मंगल होरा
कृषि से जुड़े मामलों, वाहन की खरीद-बिक्री, इलेक्ट्रिकल और इंजीनियरिंग के कार्यों के लिए मंगल होरा का उपयोग होता है। इसके साथ ही ऋण देने और लेने, युद्ध कला आदि के लिए भी शुभ है। नई नौकरी में शामिल होने के लिए समय अच्छा है। इस होरा में मूंगा या कैट आई धारण कर सकते हैं।
बुध होरा
व्यवसाय और दवा से संबंधित मामलों के लिए बुध की होरा शुभ मानी जाती है। इसके अलावा सीखने-पढ़ने, ज्योतिष, धार्मिक कार्यों, लेखन, प्रिंटिंग आदि कार्यों, आभूषण की खरीदारी के लिए भी बुध होरा शुभ होती है। बुध की होरा में पन्ना रत्न धारण किया जा सकता है।
बृहस्पति होरा
देव गुरु बृहस्पति की होरा सभी शुभ कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है। इस होरा में नौकरी ज्वाइन करने, व्यापार शुरू करने, कोई नया कोर्स शुरू करने के साथ ही कोर्ट कचहरी से जुड़े मामलों के लिए बुध की होरा शुभ है। इसमें धार्मिक कार्य, तीर्थ यात्र आदि के लिए भी यह होरा शुभ है। इस होरा में पुखराज धारण कर सकते हैं।
शुक्र होरा
प्रेम और विवाह, आभूषण की खरीद बिक्री, एंटरटेनमेंट, वाहन की खरीदारी आदि के लिए शुक्र की होरा शुभ होती है। इस होरा में हीरा, ओपल या नए वस्त्र भी धारण कर सकते हैं।
शनि होरा
मेहनतकश लोगों के लिए शनि की होरा अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा तेल और लोहे से संबंधित व्यापार के लिए भी शनि की होरा उपयुक्त होती है। इस होरा काल में नीलम या गोमेद धारण किया जा सकता है।
महत्वपूर्ण शुभ मुहूर्त
स्थान अनुसार होरा
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त्यौहार कैलेंडर
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बुद्ध पूर्णिमा
भगवान बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार माना गया है। इसीलिए उनकी गितनी देवताओं में भी की जाती है। भगवान गौतम बुद्ध के अनुयायी भारत सहित पूरे एशिया में फैले हुए हैं, यही कारण है कि लगभग पूरे एशिया में कई जगहों पर बुद्ध पुर्णिमा मनाई जाती है।
वैशाख पूर्णिमा
वैशाख माह को हमारे धर्म मे बहुत ही पवित्र महिना माना जाता है। इस माह में पवित्र नदी स्नान , दान व कोई भी धर्मिक कार्य करना बहुत ही लाभदायक व शुभ माना जाता है।
चित्रा पूर्णिमा
हिंदू नववर्ष की शुरूआत चैत्र माह से होती है, इस माह को दक्षिण भारत में चिथिरई भी कहा जाता है। चिथिरई अथवा चैत्र मास की प्रथम पूर्णिमा को ही चैत्र पूर्णिमा (Chaitra Purnima) कहा जाता है।
कूर्म जयंती
कूर्म जयंती हिंदू धर्म का एक बहुत ही शुभ त्योहार है। यह दिन भगवान श्री हरि विष्णु के दूसरे अवतार – कूर्म के लिए मनाया जाता है। इस दिन पूरे भारत में भगवान विष्णु की मूर्तियों की पूजा की जाती है और आशीर्वाद प्राप्त करने और खुशहाल व समृद्ध जीवन जीने के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
नारद जयंती
हिंदू धर्म में देवर्षि नारद या नारद मुनि, ब्रह्मा, ब्रह्मांड के निर्माता और तीन सर्वोच्च देवताओं में से एक (त्रिदेव – ब्रह्मा, विष्णु और महेश) के पुत्र हैं। नारद मुनि देवताओं के दिव्य दूत और भगवान विष्णु के प्रिय भक्त हैं।
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती
रवीन्द्रनाथ टैगोर (Rabindranath Tagore) के जन्मदिवस को रवीन्द्र जयंती के रूप में मनाया जाता है। एक तरह से यह पूरी दुनिया में टैगोर के अनुयायियों तथा उन्हें मानने वालों के लिए वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव के समान है।
अपरा एकादशी
हिंदू धर्म में अपरा एकादशी को काफी महत्वपूर्ण माना गया है। इसे ज्येष्ठ विष्णु एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि इस दिन जो लोग उपवास रखते हैं, उन्हें हर अपराध से मुक्ति मिल जाती है।
वृषभ संक्रांति
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, वृषभ संक्रांति मेष राशि से वृषभ राशि में सूर्य के पारगमन का प्रतीक है। इसके अलावा, यह हिंदू सौर कैलेंडर के अनुसार दूसरे महीने, ज्येष्ठ की शुरुआत का प्रतीक है।
वट सावित्री
वट पूर्णिमा को हिंदू धर्म में एक बहुत ही शुभ दिन माना जाता है, जिसे वट सावित्री के नाम से भी जाना जाता है। मां सावित्री को उनके अनुकरणीय उदार कार्यों के लिए याद करने का यह एक शुभ दिन है।
शनि जयंती
शनि जयंती (Shani Jayanti) एक ऐसा त्योहार है, जिसका हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। ज्योतिष के दृष्टिकोण से भी त्योहार का एक बड़ा महत्व है। हिंदू शास्त्रों में, सप्ताह का प्रत्येक दिन हिंदू देवी या देवताओं में से एक को समर्पित है
गंगा दशहरा
गंगा दशहरा ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दौरान आता है और अंग्रेजी कैलंडर के अनुसार मई या जून के महीने में आता है। गंगा दशहरा को गंगावतरण के नाम से भी जाना जाता है, जिसका अर्थ है गंगा का अवतरण।
गायत्री जयंती
गायत्री जयंती देवी गायत्री की जयंती मनाती है। उन्हें वेद की देवी कहा जाता है, और इसलिए भक्त उन्हें वेद माता के रूप में भी याद करते हैं।
वैकासी विसाकम
भगवान मुरूगन यानि कार्तिकेय के जन्मदिवस के रूप में वैकासी विसाकम को मनाया जाता है। ज्यादातर वैकासी विसाकम का त्योहार मई या जून के महीने में पड़ता है। जब विशाखा नक्षत्र पूर्णिमा के साथ आता है, तभी वैकासी विसाकम को मनाया जाता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
होरा क्या होता है?
ज्योतिष में होरा का काफी महत्व है। यह कुंडली विश्लेषण के महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। होरा की अवधि एक गंटे की मानी जाती है। एक दिन यानी 24 घंटे में कुल 24 होरा होती है। हर दिन यानी वार की होरा सूर्योदय से शुरू होती है।
होरा का क्या महत्व है?
होरा का ज्योतिष में काफी महत्व है। इसके जरिए धन-संपत्ति के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। किसी भी तरह की कठिन परिस्थितियों में होरा का उपयोग होता है। इसमें ग्रहों की अहम भूमिका होती है।
होरा चार्ट क्या है?
होरा चार्ट फलादेश के लिए तैयार किया जाता है। हर व्यक्ति की एक राशि होती है और उसी आधार पर उसका स्वभाव और अन्य बातें तय होती हैं। इसी के आधार पर होरा चार्ट भी तैयार किया जाता है।