
हिंदू धर्म में किसी भी शुभ या महत्वपूर्ण कार्य को शुरू करने से पहले शुभ मुहूर्त देखना आवश्यक माना जाता है। मान्यता है कि सही मुहूर्त में किया गया कार्य सकारात्मक फल देता है और उसमें सफलता की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि, कई बार परिस्थितियाँ ऐसी होती हैं जब किसी कार्य को तुरंत शुरू करना पड़ता है और ज्योतिषी या पंडित से मुहूर्त पूछने का समय नहीं मिल पाता। ऐसी स्थिति में शुभ मुहूर्त के बिना कार्य शुरू करने वालों को चिंता हो सकती है।
लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है। आप बिल्कुल सही जगह पर हैं, क्योंकि इस समस्या का एक प्रभावी समाधान मौजूद है। ऐसे समय में आप अभिजीत मुहूर्त में अपने कार्य की शुरुआत कर सकते हैं। अब सवाल उठता है कि अभिजीत मुहूर्त क्या होता है?
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त को अत्यंत शुभ माना जाता है और इसमें लगभग हर प्रकार के कार्य किए जा सकते हैं। यह मुहूर्त प्रतिदिन आता है और इसमें किया गया कार्य अच्छे और अनुकूल परिणाम देता है। इसी कारण, जब किसी विशेष शुभ मुहूर्त की जानकारी उपलब्ध न हो, तब अभिजीत मुहूर्त सबसे उत्तम विकल्प माना जाता है।
अभिजीत मुहूर्त की अवधि के बारे में जानकारी
वैदिक ज्योतिष के अनुसार अभिजीत मुहूर्त को अत्यंत महत्वपूर्ण और शुभ समय माना गया है। सामान्य रूप से इसकी अवधि 48 मिनट की होती है। यह मुहूर्त मध्याह्न के समय आता है, जिसमें नक्षत्र काल से 24 मिनट पहले और 24 मिनट बाद का समय शामिल होता है। हालांकि, दिन की अवधि के अनुसार अभिजीत मुहूर्त की लंबाई में परिवर्तन हो सकता है। अर्थात, यदि दिन छोटा होगा तो अभिजीत मुहूर्त की अवधि भी कुछ कम हो सकती है।
अक्सर ऐसा कहा जाता है कि कुछ विशेष दिनों में कोई शुभ कार्य नहीं करना चाहिए, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में भी अभिजीत मुहूर्त के दौरान कार्य करना शुभ माना जाता है। इस समय किया गया कोई भी कार्य सकारात्मक परिणाम देता है। अभिजीत मुहूर्त की विशेषता यह है कि इसमें किसी अन्य अलग से शुभ मुहूर्त की गणना करने की आवश्यकता नहीं होती। आप बिना किसी संदेह के इस मुहूर्त में अपने महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं, क्योंकि यह लगभग हर प्रकार के कार्य के लिए अनुकूल माना गया है।
दिन के मध्य समय में होता है अभिजीत मुहूर्त
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को कुल 15 मुहूर्तों में विभाजित किया गया है, जिनमें अभिजीत आठवां मुहूर्त होता है। इस कारण अभिजीत मुहूर्त को दिन के मध्य का शुभ समय माना जाता है। यदि किसी विशेष दिन अन्य कोई शुभ मुहूर्त उपलब्ध न हो, तो अभिजीत मुहूर्त में कार्य आरंभ करना एक उत्तम विकल्प होता है।
जिस प्रकार दिन में अभिजीत मुहूर्त शुभ माना जाता है, उसी प्रकार रात्रि में एक विशेष शुभ काल होता है, जिसे ब्रह्म मुहूर्त कहा जाता है। इस समय भी कई महत्वपूर्ण और पवित्र कार्य आरंभ किए जा सकते हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त भगवान विष्णु का वरदान माना जाता है। कहा जाता है कि भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र के माध्यम से इस मुहूर्त में अनेक दोषों का नाश किया। भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान श्रीराम का जन्म भी अभिजीत मुहूर्त में ही हुआ था। हालांकि, मान्यताओं के अनुसार बुधवार के दिन अभिजीत मुहूर्त शुभ नहीं माना जाता, और इस दिन दक्षिण दिशा की यात्रा से भी बचने की सलाह दी जाती है।
अभिजीत मुहूर्त सूर्य की स्थिति पर आधारित होता है, इसलिए यह स्थान के अनुसार बदलता रहता है। किसी भी स्थान पर इसका निर्धारण वहां के स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के आधार पर किया जाता है। ‘अभिजीत’ शब्द का अर्थ ही सफलता होता है, इसलिए इस मुहूर्त में आरंभ किया गया कार्य सफल होने की संभावना अधिक रखता है।
विशेष रूप से शुक्ल पक्ष में अभिजीत मुहूर्त को अधिक पवित्र और प्रभावशाली माना जाता है। इस मुहूर्त का तिथि, नक्षत्र, राशि या माह से कोई विशेष संबंध नहीं होता, क्योंकि यह प्रतिदिन उपलब्ध रहता है और सामान्यतः इसकी अवधि लगभग 48 मिनट की होती है।
अभिजीत मुहूर्त की गणना एक सामान्य व्यक्ति भी कर सकता है, बशर्ते उसे सूर्योदय और सूर्यास्त का समय ज्ञात हो। यह मुहूर्त सूर्य के मध्य बिंदु यानी मध्याह्न के आसपास आता है, जो सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का औसत होता है।
उदाहरण के लिए, यदि किसी दिन सूर्योदय सुबह 6 बजे और सूर्यास्त शाम 6 बजे हो, तो मध्य समय दोपहर 12 बजे होगा। ऐसे में अभिजीत मुहूर्त की अवधि 48 मिनट मानी जाएगी, जो दोपहर 11:36 बजे से 12:24 बजे तक होगी। इस प्रकार, अभिजीत मुहूर्त का निर्धारण सरल गणना से किया जा सकता है और इसे दैनिक जीवन में आसानी से अपनाया जा सकता है।
अभिजीत मुहूर्त 2026 की तिथियां और समय
| तिथि | दिन | अभिजीत नक्षत्र आरंभ | अभिजीत नक्षत्र समाप्त |
|---|---|---|---|
| 19 जनवरी 2026 | सोमवार | 05:30 | 13:34 |
| 15 फ़रवरी 2026 | रविवार | 13:29 | 21:28 |
| 14 मार्च 2026 | शनिवार | 22:27 | 06:30 AM (15 मार्च) |
| 11 अप्रैल 2026 | शनिवार | 07:12 | 15:21 |
| 08 मई 2026 | शुक्रवार | 14:44 | 23:04 |
| 04 जून 2026 | गुरुवार | 21:04 | 05:26 AM (05 जून) |
| 02 जुलाई 2026 | गुरुवार | 02:50 | 11:11 |
| 29 जुलाई 2026 | बुधवार | 09:05 | 17:20 |
| 25 अगस्त 2026 | मंगलवार | 16:18 | 12:35 AM (26 अगस्त) |
| 22 सितंबर 2026 | मंगलवार | 00:33 | 08:50 |
| 19 अक्टूबर 2026 | सोमवार | 08:59 | 17:20 |
| 15 नवंबर 2026 | रविवार | 16:44 | 01:15 AM (16 नवंबर) |
| 12 दिसंबर 2026 | शनिवार | 23:27 | 08:00 AM (13 दिसंबर) |
निष्कर्ष
संक्षेप में कहा जाए तो, यदि आपको किसी कार्य के लिए शुभ मुहूर्त की गणना करने में कठिनाई हो रही है, तो ऐसी स्थिति में अभिजीत मुहूर्त एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प है। इस मुहूर्त में कार्य की शुरुआत करने से शुभ फल मिलने की संभावना बढ़ जाती है और अलग से किसी अन्य मुहूर्त की तलाश करने की आवश्यकता नहीं रहती।
हालाँकि, यदि आप किसी विशेष कार्य के लिए सटीक और व्यक्तिगत मुहूर्त जानना चाहते हैं, तो अनुभवी और विशेषज्ञ ज्योतिषियों से परामर्श लेना भी लाभदायक सिद्ध हो सकता है। इससे आप अपने महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत पूर्ण विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा के साथ कर सकेंगे।
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