
गृह प्रवेश मुहूर्त 2026: शुभ समय में पूजन कर घर में लाएं सकारात्मक ऊर्जा
गृह प्रवेश पूजा सदैव शुभ मुहूर्त में ही की जाती है, जिसके लिए पंडित या ज्योतिषी से उचित तिथि और समय की जानकारी ली जाती है। यह अनुष्ठान नए घर में पहली बार प्रवेश करने से पूर्व केवल एक बार किया जाता है, इसलिए इसके सभी नियमों और बारीकियों को समझना अत्यंत आवश्यक होता है।
निर्धारित शुभ दिन और मुहूर्त में गृह प्रवेश पूजन करने से घर में मौजूद नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। ऐसा माना जाता है कि इससे परिवार के सदस्यों के बीच सुख, शांति, सामंजस्य और समृद्धि बनी रहती है।
हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका अपना एक घर हो, और उस नए घर में प्रवेश भी साधारण रूप से नहीं किया जाता। गृह प्रवेश पूजा के माध्यम से देवी-देवताओं का आशीर्वाद लिया जाता है, ताकि नया घर खुशहाली, स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन का केंद्र बन सके।
गृह प्रवेश के शुभ मुहूर्त के बारे में जानकारी
हिंदू पंचांग के अनुसार गृह प्रवेश मुहूर्त स्थान विशेष के आधार पर बदल सकता है। इसलिए गृह प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान के लिए किसी अनुभवी ज्योतिषी या पंडित की सलाह लेना आवश्यक माना जाता है, ताकि सही तिथि और समय का चयन किया जा सके और इस पूजा से अधिकतम शुभ फल प्राप्त हों।
गृह प्रवेश अनुष्ठान के लिए कुछ विशेष तिथियों और अवधियों से बचना जरूरी होता है। जैसे कि खरमास, श्राद्ध काल और चातुर्मास को गृह प्रवेश पूजा के लिए अशुभ माना गया है। इन समयों में किया गया गृह प्रवेश अपेक्षित सकारात्मक परिणाम नहीं देता, इसलिए इन अवधियों में गृह प्रवेश से परहेज करना चाहिए।
इसी कारण, गृह प्रवेश से पहले शुभ मुहूर्त की सही जानकारी होना अत्यंत आवश्यक होता है, ताकि नए घर में प्रवेश करते समय सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और समृद्धि का आगमन हो सके।
2026 में गृह प्रवेश की तिथियां और शुभ मुहूर्त
यहां वर्ष 2026 के लिए माह-वार गृह प्रवेश की शुभ तिथियों और मुहूर्तों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। गृह प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान के लिए सही समय का चयन करना अत्यंत आवश्यक होता है।
हालांकि, गृह प्रवेश मुहूर्त की सटीक जानकारी किसी अनुभवी ज्योतिषी से प्राप्त करना सबसे बेहतर माना जाता है। ज्योतिषी आपकी कुंडली, स्थान और पंचांग के अनुसार उचित शुभ मुहूर्त बताएंगे, ताकि आप उसी समय पूजा-अर्चना कर अपने नए घर में सुख, शांति और समृद्धि का प्रवेश करा सकें।
गृह प्रवेश मुर्हूत 2026
| महीना | प्रारंभ तिथि व समय | समाप्ति तिथि व समय | नक्षत्र |
|---|---|---|---|
| जनवरी | बुध, 01 जनवरी, 06:35 | बुध, 01 जनवरी, 22:21 | रोहिणी |
| जनवरी | गुरु, 02 जनवरी, 18:54 | गुरु, 02 जनवरी, 20:04 | मृगशिरा |
| जनवरी | गुरु, 23 जनवरी, 14:34 | शुक्र, 24 जनवरी, 01:46 | उत्तर भाद्रपद |
| जनवरी | मंगल, 28 जनवरी, 09:26 | बुध, 29 जनवरी, 13:55 | रोहिणी |
| फरवरी | बुध, 19 फरवरी, 20:53 | गुरु, 20 फरवरी, 14:36 | उत्तर भाद्रपद |
| फरवरी | बुध, 26 फरवरी, 02:40 | बुध, 26 फरवरी, 12:11 | मृगशिरा |
| मार्च | मंगल, 25 मार्च, 06:13 | मंगल, 25 मार्च, 13:50 | मृगशिरा |
| अप्रैल | मंगल, 01 अप्रैल, 07:06 | मंगल, 01 अप्रैल, 16:17 | उत्तर फाल्गुनी |
| अप्रैल | रवि, 20 अप्रैल, 05:57 | रवि, 20 अप्रैल, 07:25 | रोहिणी |
| अप्रैल | सोम, 21 अप्रैल, 04:15 | सोम, 21 अप्रैल, 05:56 | मृगशिरा |
| अप्रैल | बुध, 30 अप्रैल, 21:13 | गुरु, 01 मई, 02:16 | चित्रा |
| मई | रवि, 18 मई, 05:46 | सोम, 19 मई, 05:46 | रोहिणी |
| मई | रवि, 25 मई, 05:45 | सोम, 26 मई, 04:06 | उत्तर फाल्गुनी |
| मई | मंगल, 27 मई, 05:56 | मंगल, 27 मई, 06:20 | चित्रा |
| मई | बुध, 28 मई, 07:57 | बुध, 28 मई, 08:07 | चित्रा |
| जून | मंगल, 24 जून, 05:48 | मंगल, 24 जून, 13:59 | चित्रा |
| जून | गुरु, 26 जून, 22:22 | शुक्र, 27 जून, 05:48 | अनुराधा |
| जुलाई | रवि, 20 जुलाई, 19:09 | सोम, 21 जुलाई, 04:03 | चित्रा |
| जुलाई | गुरु, 24 जुलाई, 01:42 | शुक्र, 25 जुलाई, 04:36 | अनुराधा |
| जुलाई | मंगल, 29 जुलाई, 05:57 | मंगल, 29 जुलाई, 15:37 | उत्तराषाढ़ा |
| अगस्त | शुक्र, 15 अगस्त, 03:42 | शुक्र, 15 अगस्त, 06:00 | उत्तर फाल्गुनी |
| अगस्त | रवि, 17 अगस्त, 06:00 | रवि, 17 अगस्त, 17:00 | चित्रा |
| सितंबर | रवि, 14 सितंबर, 06:03 | रवि, 14 सितंबर, 07:05 | चित्रा |
| सितंबर | बुध, 17 सितंबर, 10:46 | बुध, 17 सितंबर, 19:53 | अनुराधा |
| सितंबर | रवि, 21 सितंबर, 06:01 | सोम, 22 सितंबर, 06:01 | उत्तराषाढ़ा |
| अक्टूबर | बुध, 15 अक्टूबर, 01:13 | बुध, 15 अक्टूबर, 04:03 | अनुराधा |
| अक्टूबर | गुरु, 23 अक्टूबर, 21:03 | शुक्र, 24 अक्टूबर, 06:04 | उत्तर भाद्रपद |
| नवंबर | मंगल, 11 नवंबर, 06:09 | मंगल, 11 नवंबर, 11:35 | अनुराधा |
| नवंबर | गुरु, 20 नवंबर, 06:56 | शुक्र, 21 नवंबर, 06:13 | उत्तर भाद्रपद |
| दिसंबर | शुक्र, 12 दिसंबर, 03:04 | शुक्र, 12 दिसंबर, 06:25 | उत्तराषाढ़ा |
| दिसंबर | मंगल, 23 दिसंबर, 10:48 | बुध, 24 दिसंबर, 04:50 | मृगशिरा |
निष्कर्ष
निर्धारित गृह प्रवेश तिथियों और शुभ मुहूर्तों के अनुसार अनुष्ठान करने से व्यक्ति को उत्तम और मंगल फल प्राप्त होते हैं। इसके अलावा, आप तमिल गृह प्रवेश तिथियां, बंगाली कैलेंडर के अनुसार गृह प्रवेश, मिथिला पंचांग गृह प्रवेश मुहूर्त, तथा अन्य क्षेत्रीय पंचांगों में बताए गए गृह प्रवेश के शुभ समय की जानकारी भी किसी अनुभवी ज्योतिषी से प्राप्त कर सकते हैं।
सही तिथि और मुहूर्त में गृह प्रवेश करने से नया घर सकारात्मक ऊर्जा, सुख, शांति और समृद्धि का केंद्र बनता है।
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