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कर्णवेध मुहूर्त 2026: तिथि, समय और महत्व

कर्णवेध मुहूर्त 2026: तिथि, समय और महत्व

कर्णवेध संस्कार का इतिहास

कर्णवेध संस्कार हिंदू धर्म के सोलह संस्कारों में से नौवां प्रमुख संस्कार माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, यह संस्कार बालक के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि कर्णछेदन से बच्चे का स्वास्थ्य सुदृढ़ रहता है, अनेक रोगों से सुरक्षा मिलती है और श्रवण शक्ति में भी वृद्धि होती है। इसके पीछे धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ कुछ वैज्ञानिक कारण भी बताए गए हैं।

धार्मिक ग्रंथों और विद्वानों के अनुसार, बालक के जीवन के सातवें या आठवें महीने में कर्णवेध संस्कार कराना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। यह संस्कार सदैव शुभ तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त में ही किया जाना चाहिए, ताकि इसके पूर्ण मंगल फल प्राप्त हो सकें।

कर्णवेध संस्कार 2026 के लिए कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। ग्रहों और नक्षत्रों की अनुकूल स्थिति में किया गया कर्णवेध संस्कार बच्चे के जीवन में स्वास्थ्य, दीर्घायु और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। इसी आधार पर, यहां हम आपके लिए सबसे उपयुक्त कर्णवेध मुहूर्त 2026 की जानकारी प्रस्तुत कर रहे हैं।


जानें हिंदू धर्म में कर्णवेध मुहूर्त का महत्व

हिंदू धर्म में कर्णवेध संस्कार को 2026 में भी शुभ मुहूर्त में करना अत्यंत आवश्यक माना गया है। कर्णवेध मुहूर्त 2026 के अनुसार, सही तिथि और समय में कान छिदवाने से बच्चे का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास बेहतर होता है।

मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में किया गया कर्णवेध संस्कार बच्चे को कान से जुड़ी समस्याओं के साथ-साथ मानसिक तनाव और नकारात्मक प्रभावों से भी बचाता है। इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन बना रहता है।

शास्त्रों के अनुसार, यदि कर्णवेध संस्कार नहीं किया गया, तो व्यक्ति कुछ पितृ कर्मों और श्राद्ध जैसे धार्मिक अनुष्ठानों के अधिकार से वंचित रह सकता है। इसलिए 2026 में भी इस संस्कार को उचित समय और विधि-विधान से करना अनिवार्य माना गया है।

इसके अलावा, यह भी माना जाता है कि कर्णवेध संस्कार से पुरुषों और महिलाओं दोनों की शारीरिक क्षमता, सौंदर्य और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। यही कारण है कि कर्णवेध संस्कार को 2026 में भी एक महत्वपूर्ण वैदिक संस्कार के रूप में देखा जाता है।


ज्योतिष के मुताबिक कर्णवेध संस्कार 2026 शुभ मुहूर्त

कर्णवेध संस्कार 2026 के लिए अनुकूल लग्न, दिन, तिथि, महीने और नक्षत्र का ध्यान रखना चाहिए।

  • वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब गुरु वृषभ, तुला, धनु और मीन राशि में हों, तो इसे कर्णवेध संस्कार का सबसे अच्छा समय माना जाता है।
  • इसके अलावा, हिंदू कैलेंडर के मुताबिक कर्णवेध संस्कार 2026 के लिए कार्तिक, चैत्र, पौष और फाल्गुन का महीना शुभ होता है।
  • कर्णवेध संस्कार के लिए सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार का दिन अनुकूल माना जाता है।
  • इसके अलावा, मृगशिरा, रेवती, चित्रा, अनुराधा, हस्त, अश्विनी, पुष्य, अभिजीत, श्रवण, धनिष्ठा और पुनर्वसु नक्षत्र भी कर्णवेध संस्कार 2026 के लिए उपयुक्त हैं।
  • इतना ध्यान रखें कि चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी, अमावस्या और ग्रहण काल को छोड़कर किसी भी तिथि को कर्णवेध संस्कार किया जा सकता है।

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कर्णवेध संस्कार मुहूर्त 2026 की तारीख और समय के बारे में जानें

तिथिशुभ मुहूर्त समय
04/01/202607:46 – 13:02
04/01/202614:39 – 18:46
05/01/202608:25 – 13:00
10/01/202607:46 – 09:47
10/01/202611:15 – 16:10
11/01/202607:46 – 11:12
14/01/202607:50 – 12:22
14/01/202614:00 – 18:10
19/01/202613:40 – 15:30
19/01/202617:50 – 20:10
21/01/202607:45 – 10:31
21/01/202611:57 – 15:25
24/01/202615:16 – 19:50
24/01/202607:44 – 11:41
25/01/202613:17 – 19:44
26/01/202611:37 – 13:12
29/01/202617:11 – 19:00
31/01/202607:41 – 09:51
06/02/202607:37 – 08:02
06/02/202609:29 – 14:23
06/02/202616:40 – 19:00
07/02/202607:37 – 07:57
07/02/202609:25 – 16:30
15/02/202615:41 – 18:01
22/02/202607:24 – 11:20
22/02/202613:22 – 18:20
05/03/202609:08 – 12:36
05/03/202614:54 – 19:30
15/03/202607:04 – 12:00
15/03/202614:14 – 18:50
16/03/202607:01 – 11:56
16/03/202614:10 – 18:42
20/03/202606:56 – 08:05
20/03/202609:44 – 16:14
21/03/202606:55 – 09:40
21/03/202611:36 – 18:24
25/03/202607:49 – 13:33
27/03/202611:12 – 15:43
09/03/202609:13 – 15:42
02/04/202607:18 – 10:44
02/04/202613:03 – 18:02
03/04/202607:14 – 13:00
03/04/202615:20 – 19:52
06/04/202617:25 – 19:42
12/04/202606:39 – 10:02
12/04/202612:24 – 14:43
13/04/202606:35 – 12:20
13/04/202614:41 – 16:55
18/04/202606:24 – 07:50
18/04/202609:46 – 12:00
23/04/202607:31 – 11:40
23/04/202614:01 – 18:35
24/04/202609:22 – 13:53
24/04/202616:15 – 18:30
29/04/202607:07 – 09:03
29/04/202611:17 – 18:10
03/05/202607:39 – 13:22
04/05/202615:39 – 20:11
04/05/202606:47 – 10:54
09/05/202606:28 – 08:21
09/05/202610:38 – 17:30
10/05/202606:24 – 08:19
10/05/202610:34 – 17:20
14/05/202606:08 – 12:36
14/05/202614:56 – 18:22
15/05/202608:00 – 10:13
17/06/202605:54 – 08:02
17/06/202612:42 – 19:37
24/06/202609:57 – 14:31
02/07/202616:19 – 18:32
24/07/202606:09 – 08:00
24/07/202610:17 – 17:11
30/07/202607:36 – 12:10
30/07/202614:29 – 18:12
31/07/202607:32 – 14:25
31/07/202616:44 – 18:40
05/08/202611:46 – 18:28
06/08/202606:25 – 10:54
17/08/202613:18 – 19:20
26/08/202606:27 – 10:22
07/09/202607:20 – 11:53
07/09/202616:18 – 18:42
23/09/202606:41 – 08:31
23/09/202610:53 – 16:58
21/10/202607:30 – 09:02
21/10/202611:21 – 16:35
21/10/202618:00 – 19:33
26/10/202607:00 – 13:06
26/10/202614:48 – 18:10
30/10/202607:03 – 08:27
11/11/202607:40 – 09:55
11/11/202612:03 – 13:45
16/11/202607:20 – 13:23
16/11/202614:53 – 19:48
25/12/202607:43 – 12:17
25/12/202613:44 – 19:30
31/12/202607:45 – 10:26
31/12/202611:56 – 13:20

2026 मुहूर्त