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मेषZodiac Sign

Sanskrit or Vedic Name : मेष

Key Traits : पाॅजिटिव, साहसी, फोकस्ड और इमोशनल

Deepest Desire : नंबर एक बनने के लिए

Noteworthy Qualities : उत्साही, साहसी, पराक्रमी, डायनामिक, एम्बिशियस, इंसीरेशनल, लीडर, एक्शन ओरिएंटेड, लीडरशीप क्वालिटी

The motto for Life : केवल मैं हूं

मेष राशि चक्र की पहली राशि है और पूरे राशि चक्र को एक किक स्टार्ट देने का काम करती है। शायद यही कारण है कि वे अन्य राशियों की तुलना में चीजों को पहले प्राप्त करना चाहते हैं। उनमें किसी भी चीज या कार्य को सबसे पहले स्टार्ट करने की गजब की चाह देखी जाती है।

यह कहने की जरूरत नहीं है, मेष राशि के लोग जन्मजात लीडर होते हैं। मेष को अपने उत्साही नेचर के लिए भी जाना जाता है, वे सदैव खुद को दूसरों की अपेक्षा अधिक आंकते हैं। मेष राशि के लोग अन्य लोगों की आंखों में बने रहने के लिए किसी भी लेवल की रिस्क लेने से कतराते नहीं हैं। उनमें लड़ने की और जीतने की गजब की ललक होती है, और वे इसके लिए 24/7 कड़ी मेहनत करने से भी नहीं चुकते हैं। अन्य किसी राशि के मुकाबले मेष राशि के लोगों में जद्दोजहद करने की क्षमता अधिक देखी जाती है।

मेष राशि के लोगों के लिे चीजों की गहराई में उतरना कभी इंपॉर्टेंट नहीं होता है, वे कभी भी डिटेल इन्फॉर्मेशन के लिए उत्सुक नहीं होते हैं। मेष राशि के लोगों में चीजों और परिस्थितियों के प्रति पॉजिटिव और डायरेक्ट अप्रोच होती है। फायर साइन होने के कारण उनमें तेज आवेग देखने को मिलता है, यही उग्र बिहेवियर उन्हें कई बार लोगों से अलग करने का भी कार्य करता है। मेष में गजब की क्यूरियोसिटी होती है, जो उन्हें लाइफ के किसी भी क्षेत्र में एक्सीलेंट बनने में हेल्प करती है। उनकी लाइफ एडवेंचर से भरपूर और खुशहाल होती है।

Dates of मेष Zodiac Sign :

Quick Insight Into मेष Zodiac Sign

मेष राशि चिह्न- मेढ़ा

मेष राशि चिह्न- मेढ़ा

अपने राशि साइन की तरह मेष जातक मजबूत इच्छा शक्ति के स्वामी होते हैं। वे करेजियस, एक्शन ओरिएंटेड, इनिशीएट करने वाले और अथॉरिटी रखने वाले होते हैं।
मेष राशि का स्वामी- मंगल (मार्स)

मेष राशि का स्वामी- मंगल (मार्स)

तेज तर्रार रेड प्लेनेट मार्स यानी कि मंगल को मेष राशि का स्वामी माना जाता है। इस यंग और एनर्जेटिक प्लेनेट को एक्शन, एग्रेशन, ड्राइव और काॅन्फ्लिक्ट से जोड़ा जाता है। ग्रहों के सेनापति के तौर पर अपाॅइंटेड मंगल मेष राशि के लोगों को साहस, करेज और चुनौतियों का सामना करने वाला बनाता है।
मेष का रूलिंग हाउस - पहला

मेष का रूलिंग हाउस - पहला

मेष कुंडली के पहले भाव का स्वामी है, जिसे हिंदी में लग्न और अंग्रेजी में असेंडेंट कहा जाता है। कुंडली के पहले भाव का संबंध सिर और बाॅडी पॉश्चर से होता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार पहला हाउस या घर आपके शरीर की बाहरी बनावट को रिप्रेजेंट करता है, सीधे शब्दों में कहें तो दुनिया आपको जिस तरह से देखती है, कुंडली का पहला भाव उसे रिप्रेजेंट करता है। फर्स्ट हाउस आपके जीवन के पहले चरण को भी दर्शाता है, साथ ही आपके अपीरियेंस, इम्प्रेशन, नई शुरुआत और दायित्वों का संबंध भी कुंडली के इसी भाव से होता है।
मेष तत्व राशि - अग्नि (फायर)

मेष तत्व राशि - अग्नि (फायर)

राशियों के तत्व की बात करें तो मेष का संबंध अग्नि तत्व से होता है। राशि चक्र में अलावा सिंह और धनु भी अग्नि तत्व से संबंध रखते हैं। अग्नि एनर्जी को रिप्रेजेंट करती है, मेष भी उसी एनर्जी को दर्शाता है। अग्नि तत्व की राशि होने के कारण मेष राशि के लोगों का उत्साह और एग्रेशन बिना किसी वाॅर्निंग के बाहर आ जाता है।
मेष राशि का प्रकार - कार्डिनल (मूलभूत या मौलिक)

मेष राशि का प्रकार - कार्डिनल (मूलभूत या मौलिक)

मेष राशि चक्र का पहला कार्डिनल संकेत है, हिंदी में जिसे मूलभूत या मौलिक कहा जाता है। कार्डिनल साइन का संबंध फायरी स्टार्टर, नए प्रोजेक्टस, आइडिया और प्रयासों से होता है। मेष के संबंध में कार्डिनल का अर्थ नए रास्ते बनाने वाला, पाॅजिटिव एनर्जी से लबरेज, सहज और रोमांच माना जाता है।
मेष जन्म का रत्न - लाल मूंगा (रेड कोरल)

मेष जन्म का रत्न - लाल मूंगा (रेड कोरल)

गहरे समुद्र में पाया जाने वाला मूंगा मेष राशि के लोगों के लिए अच्छा माना गया है। इसे संस्कृत में प्रवाल और अंग्रेजी में रेड कोरल के नाम से भी जाना जाता है। मूंगा धारण करने से मंगल से संबंधित दोषों को खत्म किया जा सकता है। मूंगा आपके आत्मविश्वास में वृद्धि करता है और आपको साहस के साथ आगे बढ़ने में मदद करता है। हालांकि किसी भी व्यक्ति को कोई भी रत्न अपनी कुंडली के अन्य ग्रहों की स्थिति के अनुसार ही पहनना चाहिए।
मेष रंग - लाल (रेड)

मेष रंग - लाल (रेड)

मेष राशि का नाम आते ही स्वतः ही लाल रंग आपके दिमाग में क्लिक करता है। कलर एस्ट्रोलाॅजी के अनुसार लाल रंग जुनून, उत्साह और रोमांच से होता है। मेष राशि के लिए लाल रंग शुभ माना गया है, लेकिन एक सीमा तक क्योंकि लाल रंग एग्रेशन और संघर्ष को भी दर्शाता है। मेष की एनर्जी और जीवन के प्रति उसकी उत्सुकता को भी उनके बर्थ कलर रेड से जोड़कर देखा जाता है।

मेष Compatibility

Incompatible Matches : मेष, तुला

मेष राशि को मिथुन, सिंह और धनु के लिए बेहद अनुकूल या कंपेटेबल माना जाता है। मिथुन के साथ मेष के संबंध बेहद वाइब्रेंट माने जाते हैं। वहीं अन्य फायर साइन से इसके संबंधों की बात करें तो सिंह और धनु के साथ मेष के संबंध तटस्थ या न्यूट्रल माने गए है। मेष राशि के लोगों को वृषभ, कन्या और मकर जैसी राशियों के साथ भी संबंधों को बनाए रखने में कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कम शब्दों में कहें तो मेष को पृथ्वी तत्व की राशियों के साथ तालमेल बैठाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। पृथ्वी तत्व की राशियों का लाइफ को लेकर विजन मेष के साथ मेल नहीं खाता है। मेष के लिए सबसे अनुकूल राशियों में स्वयं मेष और तुला शामिल है। मेष और तुला दो ही ऐसी राशियां है, जिनके साथ मेष राशि के लोग कुछ चुनौतियों को छोड़कर शानदार तालमेल बैठा पाते हैं।

मेष Lucky Charms
लकी कलर: लाल
लकी स्टोन: लाल मुंगा (रेड कोरल)
भाग्यशाली दिन: मंगलवार
लकी मेटल : सोना, पीतल और तांबा

मेष Planetary Governor

  • राशि स्वामी - मंगल (मार्स)

    मेष के स्वामी मंगल हैं, जो मेष राशि के लोगों को स्ट्राॅन्ग, डोमिनेटिंग और निर्भिक बनाते हैं। ज्योतिष के अनुसार मंगल एक आत्मीय और शक्तिशाली प्लेनेट है, जब मंगल की एनर्जी मेष राशि को मिलने लगती है तो मेष राशि के लोग साहस और आत्मविश्वास से भर जाते हैं।

  • मेष राशि में उच्च ग्रह - सूर्य (सन)

    प्लेनेटरी पोजिशन के अनुसार मेष राशि में सूर्य को उच्च का स्थान प्राप्त होता है। सूर्य का मेष राशि में होना मेष राशि के लोगों के लिए बेहद प्राॅफिटेबल माना गया है, सूर्य उन्हें शक्ति और साहस प्रदान करता है, जिससे वे अपनी लाइफ में काॅन्फिडेंस के साथ आगे बढ़ पाते हैं।

  • मेष राशि में नीच ग्रह - शनि (सेटर्न)

    मेष राशि के लिए जहां सूर्य उच्च ग्रह की भूमिका निभाते हैं, वहीं शनि इस राशि में नीच स्थान प्राप्त करते हैं। सामान्य और सीधे शब्दों में कहें तो मेष राशि में शनि ग्रह अच्छे प्रभाव नहीं देंगे। मेष राशि में शनि कष्टदायक होते हैं और इसके प्रभाव में मेष राशि के लोग बुरी संगत में पड़ सकते है, ग्रहस्थ जीवन पर भी इसके बुरे प्रभाव देखे जाते हैं।