कुंडली के अष्टम भाव में चंद्रमा (Moon) का प्रभाव

कुंडली के अष्टम भाव में चंद्रमा (Moon) का प्रभाव

यदि आपका चंद्रमा (Moon) कुंडली के आठवें भाव में है, तो आप अत्यधिक भावुक और प्रखर व्यक्तित्व वाले होते हैं। आप दूसरों के दर्द को बहुत ही संवेदना के साथ महसूस करते हैं। दूसरों का इमोशनल अत्याचार आपको गहराई से प्रभावित करता है, जिसकी वजह से आप मानसिक परेशानी का सामना करते हैं।

चंद्रमा (Moon) अष्टम में होने की वजह से व्यक्ति दूसरों को देखकर भांप लेता है, कि उसके मन में क्या चल रहा है। जब पैसा खर्च करने की बात आती है। तब भी यह लोग खुले हाथों से लुटाते हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब चन्द्र इस भाव में होता है। तो इसका प्रभाव और अधिक बड़ जाता है।

क्या आठवें भाव में चंद्रमा (Moon) अशुभ होता है। इस भाव में चन्द्र की स्थिति क्या दर्शाती है। जब अष्टम में चन्द्र हो तो उसकी दृष्टि कहा होती है। इन सब सवालों के जवाब आपको इस आलेख में मिलेंगे।


अष्टम भाव में चंद्रमा (Moon) का प्रभाव

  • डेथ
  • फाइनेंस
  • कोमल मन
  • जीवन के लक्ष्य
  • लंबी उम्र
  • प्रॉपर्टी
  • एडिशन
  • पार्टनरशिप से लाभ

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क्या होता है जब चंद्रमा (Moon) आठवें भाव में हो

अष्टम भाव में चंद्रमा (Moon) होने की वजह से व्यक्ति चंचल स्वभाव का होता है। जिसकी वजह से इनके निर्णयों में भी परिवर्तन होता रहता है। विरासत से आपको खूब धन और प्रॉपर्टी भी मिल सकती है। जब आप किसी भी तरह की यात्रा कर रहे हों, तो उस समय पर सावधान रहें, क्योंकि यात्रा के दौरान दुर्घटनाएं और शारीरिक परेशानी होने की संभावना रहती है। हालांकि, आठवें घर में चंद्रमा (Moon) की स्थिति आपको लम्बी उम्र देती है, लेकिन आपको जीवन में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव देखने को भी मिलता है।


व्यक्तित्व पर अष्टम भाव के चन्द्र (Moon) का प्रभाव

निसंदेह, आप बहुत मेहनती होंगे, लेकिन फिर भी जीवन के लक्ष्यों को पाना आपके लिए बिलकुल भी आसान नहीं होगा। आप उन्हें हासिल करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा देंगे। इसके साथ ही आपको ज्ञान की इतनी भूख होती है, इसे हासिल करने के लिए आप हर स्रोत का इस्तेमाल करेंगे। आपको यह अच्छे से पता होता है की ज्ञान ही सफलता की कुंजी है।

अष्टम का चन्द्रमा आपको बहुत परिपक्व बनाता है। आपके ऊपर जब मुश्किलें आती है, तब आप ऐसे में शोर नहीं मचाते, बल्कि शांत रहकर इनका सामना करना पसंद करते हैं। आपका यह गुण आपके व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में सफलता के लिए एक शक्तिशाली संपत्ति है।
हालाँकि, अशुभ चन्द्रमा आपको क्रोधी, अत्यधिक भावुक और शोर्ट टेम्पर्ड वाला भी बना देता है। आपके जीवन में स्ट्रेस की मात्रा भी अधिक होगी, इसके अलावा मूड स्विंग की भी समस्या से भी ग्रसित हो सकते हैं।

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माता पर अष्टम भाव के चन्द्र (Moon) का प्रभाव

अष्टम भाव में चंद्रमा (Moon) होने की वजह से व्यक्ति पर दो तरह से इसका असर होता है। पहला या तो माता की मृत्यु होती है। दूसरा माँ आपसे प्यार नहीं करती। हालाँकि, चंद्रमा (Moon) की यह स्थिति माता से संबंधित कुछ कष्टों को इंगित करती है। यहां तक कि उसे कुछ भावनात्मक उथल-पुथल का भी सामना करना पड़ सकता है। इस प्रकार, हम कह सकते हैं, चंद्रमा (Moon) जो आठवें भाव में स्थित होता है, वो माता का प्रतिनिधित्व करता है, इसके साथ ही यह आपकी माता से संबंधित कुछ कर्मों को भी दर्शाता है।


प्रोफेशनल लाइफ पर अष्टम भाव के चन्द्र (Moon) का प्रभाव

आठवें भाव में चंद्रमा (Moon) होने की वजह से बिज़नेस मैन को सावधान रहने की जरूरत होती है। आपको अपने व्यापार में घाटा हो सकता है, इसलिए अपनी व्यावसायिक गतिविधियों में सावधानी से इन्वेस्ट करें। संभावना अधिक है, कि उन्हें व्यापार में नुकसान होगा, इसलिए किसी के पार्टनर के साथ ही व्यापार करें। आपको गैम्बलिंग और कैसिनो से दूर रहना चाहिए।


स्वास्थ्य पर अष्टम भाव के चन्द्र (Moon) का प्रभाव

अष्टम में चन्द्र होने की वजह से व्यक्ति हर परिस्थति में एडजस्ट कर सकता हैं। इनके अंदर गजब की फ्लेक्सिबिलिटी और अडैप्टबिलटी होती है। आप मानसिक रूप से इतने मजबूत होते हैं, कि आप सेहत से जुड़ीं हुई छोटी समस्यों पर ध्यान नहीं देते हैं। जिसकी वजह से बीमारी मानसिक रूप से आप पर अपना असर नहीं डाल पाती। आपकी सोचने की क्षमता भी विस्मयकारी होती है, यह आपको तनाव से भी दूर रखती है।

यदि आप मांसपेशियों से संबंधित समस्या से जूझ रहे हैं, और आपके अष्टम में चन्द्र है तो आपकी सेहत ज्यादा खराब हो सकती हैं। दिन पर दिन खराब होती सेहत की वजह से आप अपनी इच्छाशक्ति की पकड़ को खोने लगते हैं। जिसकी वजह से चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में सही निर्णय नहीं ले पाते हैं। आपका यह स्वभाव पार्टनर के साथ रिश्तों को परेशानी में डाल देता है।

इन लोगों को सलाह दी जाती है कि पानी से संबंधित स्थानों से बचें। इसके साथ ही ऐसी जगहों पर घूमने के लिए न जाए जहां पर पानी की अधिकता है। अष्टम भाव में चंद्रमा (Moon) हो तो व्यक्ति को पानी से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

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तो, अब आपके पास अष्टम भाव में चंद्रमा (Moon) के पॉजिटिव और नेगेटिव प्रभावों के बारे में जानकारी मिल गई है। अशुभ फलों निगेटिव प्रभाव को देखकर आप शायद डर गए होंगे। डरने की बिलकुल भी जरूरत नहीं है क्योंकि अष्टम भाव में चंद्रमा (Moon) की स्थिति अशुभ हुई तो आप इसके नकारात्मक प्रभावों को कम करने के उपाय भी कर सकते हैं।


अष्टम भाव में चंद्रमा (Moon) के अशुभ प्रभाव के उपाय

चन्द्रमा के अशुभ प्रभाव से बचना है, तो आपको ध्यान करना चाहिए। ध्यान आपके मन को शांत रखेगा। जिसकी वजह से मन पर पूरी तरह से नियंत्रण होगा।

चंद्रमा (Moon) के अशुभ प्रभावों को समाप्त करने के लिए आठवें घर से संबंधित प्रोफेशन का चुनाव करियर के रूप में करना चाहिए। इससे लाभ होगा।

चन्द्रमा के अशुभ परिणामों को दूर करने के लिए आप विशेषज्ञ ज्योतिषियों के परामर्श के बाद मोती या मून स्टोन धारण कर सकते हैं।


निष्कर्ष

पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में आने वाले अप और डाउन आपकी मेंटल शांति में बाधा डाल सकते हैं। जिस तरह से आप चुनौतियों और जटिलताओं का सामना करते हैं, वही आपके जीवन में प्रगति को तय करेगा। आप शांत रहकर जब अपनी क्रिएटिविटी और एबिलिटी का प्रयोग करते हैं, तो आप का फ्यूचर बहुत ही शानदार हो सकता है। इसलिए आपको सलाह दी जाती है की आप शांत रहकर हर समस्या का समाधान करें। इसके साथ ही अतीत में जो चीजें घट चुकी है, उसके बारे में न सोचकर अपने फ्यूचर पर ध्यान दे। तो आप एक महान व्यक्तित्व के रूप में उभरकर सामने आ सकते हैं।

आप एक बात को याद रखें “रात गई बात गई” मतलब अतीत में जो हुआ उसे बदल तो नहीं सकते। उसके बारे में बार-बार सोचकर अपना भविष्य बर्बाद न करें। बस अपने आने वाले कल पर ध्यान दें, क्योंकि आने वाला कल हमारा है। जीत या हार आपके प्रयासों पर निर्भर है, इसलिए सकारात्मक रहें और अपने अनुभवों से सीखें।