अंक ज्योतिष के मास्टर अंकों को जानें

अंक ज्योतिष के मास्टर अंकों को जानें

अंक ज्योतिष ज्योतिष की एक अनोखी शाखा है, जो अंकों का अध्ययन और इसका विश्लेषण करती है। साथ ही हमारी जिंदगी में ये कितने महत्वपूर्ण हैं, इसके बारे में भी यह बताता है। अंकशास्त्रियों के मुताबिक हमारे भाग्य को आकार देने में अंक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब आप अपने जन्म के अंकों को जोड़ते हैं, तो आपको एक अनोखा अंक प्राप्त होता है। इससे आपको अपने भाग्य के बारे में और अपनी जिंदगी के उद्देश्य के बारे में जानने में मदद मिलती है। यह ज्योतिष की ही तरह है, जहां ग्रहों और राशि चिह्नों के आधार पर हमारा भविष्य निर्धारित होता है।

इसी तरीके से इसका संबंध अंकों से होता है और यह अंकों के आधार पर इस संसार और मानव जिंदगी के रहस्य का पता लगाता है। एक इंसान के व्यक्तित्व, उसके चरित्र और उसके भविष्य के बारे में बताने के लिए आज इसका इस्तेमाल होता है। यह आपके अंदर गहराई से छिपे मूल्यों का पता लगाने में आपकी मदद करता है और आपके भाग्यांक से भविष्य में जो चुनौतियों का सामना आपको करना पड़ सकता है, उसके बारे में भी यह बताता है। अंक ज्योतिष की जड़ें ग्रीस, इजिप्ट, भारत और चीन की प्राचीन सभ्यताओं से जुड़ी हुई हैं।


मास्टर अंक क्या होते हैं?

आमतौर पर 9 अंक होते हैं, जो अंक ज्योतिष में अंकों के प्रभाव के बारे में बताने के दौरान प्रयोग में आते हैं। हालांकि, अंकों के कई सेट भी बने हुए हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि वे बड़े ही खास होते हैं। इसलिए इस ब्लॉग में हम मास्टर अंकों के बारे में आज बात कर रहे हैं।

प्राचीन ग्रीस में जबसे अंकशास्त्र का उदय हुआ, तब से 11, 22 और 33 को मास्टर अंकों के रूप में सम्मान मिलता रहा है। ऐसा माना जाता है कि ब्रह्मांड में ये सबसे प्रभावी तरीके से मौजूद हैं। चेल्डियन अंकशास्त्र में एक रहस्य घूम रहा है, जो कि मास्टर अंक के रूप में जाना जाता है। यह बहुत ही सामान्य हैं। हालांकि, ये केवल संख्याएं हैं, जो दोहराई जाती हैं।

1 से 9 तक जितनी भी संख्याएं हैं, ये सभी अपनी एक अनोखी आवृत्ति का निर्माण करती हैं। जब अंको में दोगुना कर दिया जाता है, तो इनकी आवृत्तियों में भी बढ़ोतरी हो जाती है। आवृत्ति के दोगुनी होने पर ये अपने प्रभावित क्षेत्र का मास्टर अंक में विस्तार कर लेते हैं। मास्टर अंकों को लेकर यह समझने में दिक्कत होती है कि लोगों पर इसे किस तरह से बैठाया जाए।

जब आप अपने भाग्यांक को जोड़ते हैं तो आप 11, 22 और 33 आदि अंकों के साथ रुकते हैं। मास्टर अंकों 11, 22 और 23 की विशेषताओं के अपने कुछ सेट होते हैं, जो उन्हें बाकी अंको से अलग करते हैं। वहीं, 44, 55, 66, 77, 88 और 99 दोहरे अंक जरूर हैं, लेकिन वे ताकतवर अंक इसलिए नहीं कहलाते हैं, क्योंकि उनकी आवृत्ति मास्टर अंक के तौर पर रैंक में नहीं आती। इनकी विशेषताएं अलग-अलग होती हैं, क्योंकि हर अंक सभी पहलुओं के साथ अलग होता है।


भाग्यांक या दैवीय अंक को कैसे निकालें?

अपना भाग्यांक निकालने के लिए आपको बस अपनी जन्म की तारीख के हर अंक को एकल अंक में रखना है।

उदाहरण के लिए आपके जन्म की तिथि 5 सितंबर 1995 है।

इसमें पांच एकल अंक के तौर पर लेते हैं।

सितंबर नौवां महीना है। इसलिए अंक 9 होगा।

जन्म का वर्ष 1995 है। इसलिए हिसाब इस तरह से होगा (1+9+9+5=24)।

एक साल से हमें 2 अंक वाले नंबर मिलते हैं। अब इसका भी हिसाब एकल अंक हासिल करने के लिए किया जाएगा (2+4=6)।

अब जन्म की तारीख, जन्म के महीने और जन्म के वर्ष से तीन अंक मिल जाते हैं, जिसका हिसाब अब इसे एकल अंक में करने के लिए किया जाता है (5+9+6=20) इसे कम करके एक एकल अंक किया जाता है (2+0=2)।

इस तरीके का अनुसरण करके अपनी जन्म की तारीख के आधार पर आप अपना मास्टर अंक अपने भाग्यांक के तौर पर हासिल कर सकते हैं। यहां बाहर निकला अंक 2 आपका भाग्यांक या दैवीय अंक है।


मास्टर अंकों की विशेषताएं

चूंकि सभी मास्टर अंकों में असाधारण क्षमता मौजूद होती है और उनके पास ताकतवर प्रभाव व्यापक तौर पर मौजूद होता है, ऐसे में उनके दिमाग के पीछे कई अचेतन विचार चलते रहते हैं। ये लगातार उन्हें चेतावनी देते रहते हैं कि कुछ असाधारण चीजें हैं, जो उन्हें करनी बाकी हैं।

इतना ही नहीं वे अपनी क्षमता और अपनी कल्पनाशीलता का इस्तेमाल उच्च लक्ष्यों को हासिल करने के लिए तब भी करते रहते हैं, जब आपको मास्टर अंकों से वहां तक पहुंचने की उम्मीद भी न हो। अपनी उम्मीदों की वजह से आप बेहद थका हुआ और दबाव में महसूस कर सकते हैं, लेकिन अंत में यह सुखदाई फल देने वाला होगा।

  • मास्टर अंक 11: अंतर्ज्ञानी
  • मास्टर अंक 22: निर्माता
  • मास्टर अंक 33: लीडर

मास्टर अंक 11: अंतर्ज्ञानी

मास्टर अंक 11 वालों के बारे में ऐसा देखा गया है कि उनके पास असाधारण ताकत होती है और वे बहुत ही अधिक ज्ञानी भी होते हैं। उन्हें ज्यादातर प्राचीन आत्माएं भी कहा जाता है, जिनके पास दूसरों की गहराई से समझ होती है और उनमें अत्यधिक सहानुभूति भी होती है। इस ब्रह्मांड में वे अपने अंतर्ज्ञान के साथ उल्लेखनीय विशेषताओं के लिए भी जाने जाते हैं। उनकी रोजाना की जिंदगी में अंक 11 की मौजूदगी लगातार बनी रहती है, जो उनके अस्तित्व में लगातार बदलाव लाता रहता है।

मास्टर अंक 11 का होना एक आशीर्वाद की तरह हो सकता है, लेकिन अपनी जिंदगी में अपनी वास्तविक क्षमता तक पहुंचने में उन्हें वक्त लग सकता है। जो लोग पथ संख्या 11 वाले होते हैं, उनका आध्यात्मिकता से भी गहरा जुड़ाव होता है। इससे उन्हें अपने अस्तित्व और अपने आसपास की चीजों की बेहतर समझ होती है। उनका स्वभाव भी शुरू में बड़ा ही दयालु और मधुर होता है।

वे आदर्श जिंदगी जीते हैं और अपने आसपास मौजूद लोगों को उनका अनुसरण करने के लिए मजबूर कर देते हैं। आध्यात्मिक रूप से वे जुड़े रहते हैं और अपनी शक्तियों के वजन के बारे में भी उन्हें जानकारी होती है। किसी की सच्ची ताकत को वे स्वीकार कर लेते हैं, जिससे कि वे अपनी क्षमता और आध्यात्म के मामले में ऊंचाइयों को हासिल कर सकते हैं।


मास्टर अंक 22: निर्माता

जिनका मास्टर अंक 22 होता है, वे दूरदृष्टि रखने वाले निर्माता और लीडर होते हैं। वे अपने किसी भी कठिन सपने को हासिल करके उसे वास्तविकता में तब्दील करने के लिए जाने जाते हैं। मास्टर नंबर 11 वालों की अंतर्दृष्टि और उनका अंतर्ज्ञान अविश्वसनीय होता है। यदि वे व्यवहारिक नहीं रहते हैं, तो फिर इनकी क्षमता बेकार चली जाती है।

जब तक वे व्यस्क नहीं हो जाते, तब तक उन्हें अपनी वास्तविक क्षमता को पहचानने में वक्त लगता है, क्योंकि वे सीखते जाते हैं और अपने सपनों को सच करने के लिए चीजों का परीक्षण करके उनसे अनुभव भी प्राप्त करते हैं। साथ ही वे प्रगतिशील होने की कोशिश तो करते ही हैं, मगर मानवता की सेवा करने में भी उनका विश्वास होता है। जब वे दृढ़ निश्चयी हो जाते हैं, तो कई बार संवेदना विहीन, घमंडी और अत्याचारी भी प्रतीत होते हैं। साथ ही खुद की क्षमता से वे अभिभूत भी महसूस कर सकते हैं।


मास्टर अंक 33: लीडर

मास्टर अंक 33 वाले बहुत ही कठिनाई से मिलते हैं, लेकिन ये मास्टर शिक्षक होते हैं, जो दूसरों का मार्गदर्शन करके उन्हें ज्ञान प्राप्ति की राह पर ले जाते हैं। यह अंक दुर्लभ जरूर होता है, लेकिन इस अंक में अत्यधिक ऊर्जा भरी रहती है। साथ ही मानव जाति में भी ये बड़े बदलाव लेकर आते हैं, क्योंकि अपनी जिंदगी के दौरान दूसरों के लिए ये हमेशा अच्छा करने को लेकर चिंतित रहते हैं। ये लोग अपनी जिंदगी को ज्यादातर चेतना बढ़ाने के लिए इस्तेमाल में लाते हैं। इनके जीवन जीने का एक ही उद्देश्य यही होता है कि ये धरती और इस पर रहने वाले लोगों की सेवा करें। अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने पर ये अपना ध्यान केंद्रित करते हैं और मानव जाति के लिए सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए प्रयासरत रहते हैं।