आज का पंचांग या दैनिक पंचांग आपका हिंदू दिवस कैलेंडर या तिथि कैलेंडर का दैनिक अद्यतन है, जो खगोलीय पिंडों (चंद्रमा और नक्षत्र) की स्थिति और गति पर आधारित है। यह सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषियों द्वारा सर्वोत्तम सटीकता के लिए ज्योतिष में अपार ज्ञान और अनुभव के साथ तैयार किया गया है। इस पंचांग में हिंदू कैलेंडर के अनुसार आज की तिथि (हिंदू तिथि) शामिल है, या जैसा कि कुछ इसे भारतीय कैलेंडर कह सकते हैं।
कृष्णपक्ष सप्तमी
Sat, 03 Oct 2026October
2083 रौद्र(Mumbai India)
लग्न कुंडली
Su
6Ma , Ju
4Me , Ve
7Asc , Sa , Ne
5Mo
3Ha
2Ra
11Pl
10Sa , Ne
12| Planets | Sign | Degree | Nakshatra | Charan |
|---|---|---|---|---|
| Ascendant |
|
0° 38′ 22″ | उत्तराफाल्गुनी | 2 |
| सूर्य |
|
15° 34′ 32″ | हस्त | 2 |
| चंद्र |
|
8° 11′ 32″ | आर्द्रा | 1 |
| मंगल |
|
8° 37′ 32″ | पुष्य | 2 |
| बुध |
|
9° 3′ 32″ | स्वाती | 1 |
| गुरु |
|
25° 43′ 32″ | अश्लेषा | 3 |
| शुक्र |
|
14° 15′ 32″ | स्वाती | 3 |
| शनि |
|
17° 11′ 32″ | रेवती | 1 |
| राहु |
|
3° 19′ 32″ | धनिष्ठा | 3 |
| केतु |
|
3° 19′ 32″ | माघ | 1 |
| हर्षल |
|
11° 15′ 32″ | रोहिणी | 1 |
| नेप्चून |
|
8° 35′ 32″ | उत्तरभाद्रपद | 2 |
| प्लूटो |
|
8° 52′ 32″ | उत्तरषाढा | 4 |
| PI |
AR |
TA |
GE |
| AQ |
CA |
||
| CP |
LE Asc , |
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| SA |
SC |
LI |
VI |
| Planets | Sign | Degree | Nakshatra | Charan |
|---|---|---|---|---|
| Ascendant |
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0° 38′ 22″ | उत्तराफाल्गुनी | 2 |
| सूर्य |
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15° 34′ 32″ | हस्त | 2 |
| चंद्र |
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8° 11′ 32″ | आर्द्रा | 1 |
| मंगल |
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8° 37′ 32″ | पुष्य | 2 |
| बुध |
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9° 3′ 32″ | स्वाती | 1 |
| गुरु |
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25° 43′ 32″ | अश्लेषा | 3 |
| शुक्र |
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14° 15′ 32″ | स्वाती | 3 |
| शनि |
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17° 11′ 32″ | रेवती | 1 |
| राहु |
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3° 19′ 32″ | धनिष्ठा | 3 |
| केतु |
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3° 19′ 32″ | माघ | 1 |
| हर्षल |
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11° 15′ 32″ | रोहिणी | 1 |
| नेप्चून |
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8° 35′ 32″ | उत्तरभाद्रपद | 2 |
| प्लूटो |
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8° 52′ 32″ | उत्तरषाढा | 4 |
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GE TA |
AR |
PI AQ |
| CA |
CP |
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LE VI |
LI |
SC SG |
| Planets | Sign | Degree | Nakshatra | Charan |
|---|---|---|---|---|
| Ascendant |
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0° 38′ 22″ | उत्तराफाल्गुनी | 2 |
| सूर्य |
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15° 34′ 32″ | हस्त | 2 |
| चंद्र |
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8° 11′ 32″ | आर्द्रा | 1 |
| मंगल |
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8° 37′ 32″ | पुष्य | 2 |
| बुध |
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9° 3′ 32″ | स्वाती | 1 |
| गुरु |
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25° 43′ 32″ | अश्लेषा | 3 |
| शुक्र |
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14° 15′ 32″ | स्वाती | 3 |
| शनि |
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17° 11′ 32″ | रेवती | 1 |
| राहु |
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3° 19′ 32″ | धनिष्ठा | 3 |
| केतु |
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3° 19′ 32″ | माघ | 1 |
| हर्षल |
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11° 15′ 32″ | रोहिणी | 1 |
| नेप्चून |
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8° 35′ 32″ | उत्तरभाद्रपद | 2 |
| प्लूटो |
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8° 52′ 32″ | उत्तरषाढा | 4 |
व्रत और उपवास
Bhadrapada, Indira Ekadashi
October 06, 2026 (Tuesday)
02:07 AM, Oct 06 to 12:34 AM, Oct 07
Aashwin, Vinayak Chaturthi
October 14, 2026 (Wednesday)
11:27 PM, Oct 13 to 01:13 AM, Oct 15
Aashwin, Pashankusha Ekadashi
October 22, 2026 (Thursday)
02:11 PM, Oct 21 to 02:47 PM, Oct 22
Aashwin, Sankashti Chaturthi
October 29, 2026 (Thursday)
01:06 AM, Oct 29 to 10:09 PM, Oct 29
पंचांग 2026, अपने दिन के लिए अच्छी योजना बनाएं
आज का पंचांग या दैनिक पंचांग (panchang), हिंदू दिवस कैलेंडर या तिथि कैलेंडर के विषय में बताता है, जो खगोलीय पिंडों (चंद्रमा और नक्षत्र) की स्थिति और गति पर आधारित है। इसे अपार ज्ञानी और अनुभवी ज्योतिषियों द्वारा सटीक गणना के आधार पर तैयार किया जाता है। आज का पंचांग में हिंदू कैलेंडर के अनुसार आज की तिथि को शामिल किया गया है, जिसे भारतीय कैलेंडर के नाम से भी जाना जाता है।
हालांकि ऑनलाइन दैनिक पंचांग ना केवल आज और कल की तिथि के बारे में सही ढंग से बताता है, बल्कि इससे आपको वार (दिन), हिंदू महीना, वर्ष (विक्रम संवत्), लग्न कुंडली, राशियों, नक्षत्र (नक्षत्र), योग (चंद्र-सूर्य दिवस) और उगते सूर्य (सूर्योदय) के समय के बारे में सबसे सटीक जानकारी मिलेगी। कई लोग कुछ शुभ काम शुरू करने से पहले पंचांग और उसके समय में विश्वास करते हैं । उसके लिए पंचांग आपको मुहूर्त और चौघड़िया का सही समय प्रदान करता है।
सबसे अच्छी बात, पंचांग आपको किसी खास दिन, व्रत तथा त्योहारों के बारे में बताएंगे, कर्ण (चंद्र दिन का आधा) चल रहे पखवाड़े किसका होगा – शुक्ल पक्ष या कृष्ण पक्ष (यह बढ़ता हुआ चंद्रमा या घटता हुआ चंद्रमा) और इसके अलावा बहुत कुछ बताता है।
हिंदू कैलेंडर या पंचांग ऊर्जा के पांच स्रोतों का प्रतिनिधित्व करता है। पंचांग एक संस्कृत शब्द है, जिसका अनुवाद पांच अंगों (अंग) के रूप में किया जाता है।इन्हें दिन के पांच खंडों में बांटा गया है, इसलिए इसे पंचांग के रूप में जाना जाता है। ये दोनों दृश्यमान और अदृश्य स्रोत और ऊर्जा के पहलू हैं, जैसे समय-क्षेत्र, तिथि, समय आदि।
ज्योतिषी, नवजात शिशुओं और दूसरे लोगों की कुंडली तैयार करने के लिए पंचांग का उपयोग करते हैं। पंचांग की मदद से जन्म कुंडली तैयार करके वे संभावित वर-वधु के लिए राशिफल का मिलान भी कर सकते हैं। किसी खास दिन के शुभ समय, चौघड़िया के बारे में अधिक जानने के लिए और श्रेष्ठ मार्गदर्शन के लिए हमारे ज्योतिषियों से बात करें।





















