कर्क राशि और उनके ज्योतिष के सभी तीन डेक्कन

कर्क राशि डेक्कन के बारे में जानने से पहले इसके डेक्कन के बारे में जानना आवश्यक है। डेक्कन को अपनी ज्योतिषीय प्रोफ़ाइल के सबसे छोटे घटकों में से एक माना जाता है। यह एक राशि चक्र का एक तिहाई होता है।


कर्क डेक्कन - क्विक बाइट्स

  • कर्क डेक्कन 1 : इस राशि के तहत जातक का जन्म 21 जून से 1 जुलाई के बीच होता है। इस राशि पर चंद्रमा का अधिपत्य होता है। यह ग्रह उन्हें प्यार और ऊर्जा प्रदान करते हैं।
  • कर्क डेक्कन 2 : इस राशि में जातक का जन्म 2 से 12 जुलाई के बीच होता है। यह प्लूटो द्वारा शासित होता हैं। यह ग्रह जातक पर आत्मा उपचार क्षमताओं का सर्वोत्तम प्रभाव डालता है।
  • कर्क राशि डेक्कन 3: इस राशि में जातक का जन्म 13 और 22 जुलाई के बीच होता है। और वे नेपच्यून द्वारा शासित हैं। यह ग्रह जातक को अनुकूलनशीलता का दृष्टिकोण प्रदान करता है।

कर्क राशि डेक्कन क्या है?

कर्क राशि एक पानी का प्रतीक माना जाता है। इस राशि के लोग बहुत ही भावुक, ग्रहणशील और कभी-कभी मानसिक प्रवृति के होते हैं। जब इस राशि पर चंद्रमा का प्रभाव पड़ता है तो इसमें शक्तिशाली भावनाओं, कल्पना और मानसिक क्षमता का विकास होता है। कर्क डेक्कन 10 डिग्री (एक-तिहाई) हिस्सा है। यह राशि चक्र के एक भाग 30 डिग्री के एक तिहाई हिस्सा होता है।

यदि आप आसानी से गणना करते हैं तो आपको पता चलेगा कि तीन कर्क डेक्कन हैं। जिनमें से प्रत्येक दस डिग्री से बना है। उन सभी के पास अलग-अलग ग्रह शासक के रूप में होते हैं। यह तीनों अलग अलग उनके व्यक्तित्व पर प्रभाव डालते है


कर्क पहला डेक्कन - 21 जून से 1 जुलाई

इस डेक्कन के तहत पैदा होने वाले जातक भावनात्मक और संवेदनशील होते हैं। जिसमें बहुत सारा प्यार और ऊर्जा भरा होता है। डेक्कन के इन दस डिग्री को “रोलरकोस्टर” डेक्कन के रूप में ठीक से दर्शाया गया है। यह इसलिए है क्योंकि आपका जीवन आसानी से उतार चढ़ाव को बता सके। इस राशि के जातक जब बहुत अधिक भावुक होते हैं, तो इसे आसानी से समस्या में फंस जाते है। और तो और इसके चलते ये बलि का बकरा बन जाएंगे। कभी-कभी जातक के कमजोर साबित होने पर आसपास के लोग लाभ भी उठा लेते हैं। आपका अंतर्ज्ञान आपको दूर से लोगों को पहचानने में मदद करता है। आप लोगों का सम्मान करते हैं। आप अपने रिश्तों के लिए प्रतिबद्ध होते हैं। ऐसे जातक दूसरे लोगों से सहानुभूति रखने वाले होते हैं। मुसीबत में पड़ने वाले व्यक्ति को ऐसे जातक उन्हें सहायता प्रदान करते है। ये अच्छे मित्र भी साबित होते है।

ये वित्तीय पूंजी के प्रबंधन में उत्कृष्ट काम करते हैं। इसके लिए दूसरे भी इनपर भरोसा करते हैं।


चंद्रमा, कर्क के पहले डेक्कन को कैसे प्रभावित करता है?

चंद्रमा इस श्रेणी में पैदा हुए व्यक्ति पर शासन करता है। जिससे वे दूसरों के लिए ग्रहणशील और उत्तरदायी बन जाते हैं। आप सौम्य, कोमल, कुलीन, संवेदनशील, निष्क्रिय, देखभाल करने वाले और निस्वार्थ व्यक्ति होते हैं। ऐसा जातक हर समय अंदर मंथन करने वाला होता है। आपका मूड तेजी से बदलने वाला होता है।

आप उस चीज को पाने के लिए बहुत तेज़ी से आगे बढ़ते हैं जो आपको उत्तेजित करती हैं। आपको दोस्त बनाने और दूसरों पर विश्वास हासिल करने में समय लगता है। लेकिन किसी का विश्वास जीतने के बाद, आप उन्हें अपने घर पर आमंत्रित भी करते हैं। ऐसे जातक अपने परिवार को ज्यादा महत्व देते हैं। उनके साथ अच्छा रिश्ता होता है। ये अपने प्यार और देखभाल के लिए जाने जाते हैं। ऐसे जातकों की सबसे बड़ी कमी यह है कि ये तुच्छ मामलों के बारे में सोचते हैं। आप भविष्य के बारे में विशेष रूप से चिंतित होने लगते है कि आपका भविष्य क्या होगा, किस प्रकार का होगा आदि।

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कर्क का दूसरा डेक्कन- 2 जुलाई से 12 जुलाई

जातक का जन्म 30 जनवरी से 2 फरवरी के बीच होता है। ऐसे राशि के जातक मुश्किल हालत में संघर्ष कर कठिन समय और परिस्थितियों का सामना करने के लिए मजबूत बन जाते हैं। जब आप गिरते हैं या हारते हैं, या रोते है तो आप उस समय अत्यधिक भावुक हो जाते हैं। इसके साथ ही आप खुद को प्रेरित करने तथा जीवन में आगे बढ़ने के लिए अपने को रचनात्मक बनाते है।

जब आप क्रोधित होते है तो आपको आराम नहीं सूझता। इसलिए आप पूरे दिन रोने की बजाय आसानी से अपने आप को पुनः समझाने के लिए प्रेरित और सशक्त करेंगे। आप दूसरों के साथ दर्द और पीड़ा को साझा नहीं करते हैं और न ही उन्हें अपने पास रखना चाहते हैं। आप निस्संदेह सशक्त प्रतिभाओं से संपन्न हैं। हालांकि जब आप देखते हैं कि आपके प्रियजनों को आपकी सहायता और देखभाल की आवश्यकता है तो आप अपने प्रियजनों के प्रति बहुत वफादार और सौम्य होकर सहायता करते है।


कर्क के दूसरे डेक्कन पर प्लूटो कैसे प्रभाव डालता है?

वृश्चिक कर्क राशि का दूसरा दशांश है और इस पर प्लूटो ग्रह का शासन होता है। इस डेक्कन के तहत पैदा होने वाले जातक में मजबूत भावनाएं होती हैं। लेकिन वे आरक्षित होती हैं।

आपकी प्रवृत्ति और अंतर्ज्ञान असाधारण होता है। प्लूटो ग्रह आपके स्वामी के रूप में आपको अतिरिक्त भावनात्मक बनाने के साथ अराजकता को दूर करने और कुछ आत्मा उपचार के बारे ज्ञान प्राप्ति की ओर प्रेरित करता है।

वास्तव में ऐसे जातक दूसरे से सहानुभूति रखने वाले लोग होते हैं। किसी ऐसे व्यक्ति का समर्थन करने के लिए हमेशा आगे रहते हैं, जो मुसीबत में या जरूरत में पड़ा हो। ऐसे जातक एक बहुत अच्छे मित्र साबित होते हैं। इसके अलावा आप वित्तीय पूंजी के प्रबंधन में उत्कृष्ट हैं।
जब आपको चुनौती दी जाती है तो आप कुछ नहीं कहते हैं। आप दूसरों के बारे में विचार कर रहे होते हैं।


कर्क राशि तीसरा डेक्कन- 13 जुलाई से 22 जुलाई

जातक का जन्म 13 जुलाई से 22 जुलाई के बीच होता है। कर्क राशि का तीसरा दशांश मीन राशि होता है। जो कि नेप्च्यून ग्रह द्वारा शासित है। ऐसे जातक कई बार थोड़े मूडी भी हो सकते हैं। दूसरी ओर आप दूसरे की अच्छे केयर करने वाले होते है। इस राशि के जातकों में प्रतिकूलताओं से बाहर निकालने की कला होती है। साथ ही यह उन्हें आत्मनिर्भर और आशावादी बनने के लिए प्रेरित करने का काम करता है। ऐसे जातक को हंसमुख और दयालु माना जाता है। आप वित्तीय प्रतिबद्धताओं से कम चिंतित रहते हैं। इसके अलावा आप अमीर और लोकप्रिय लोगों के बजाय गरीब और शक्तिहीन के साथ ज्यादा दोस्ती करते हैं। ऐसे जातक अपने जीवन में परिवार को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं।


नेप्च्यून कैसे तीसरे कर्क डेक्कन को प्रभावित करता है ?

नेप्च्यून एक आध्यात्मिक ग्रह की श्रेणी में आता है। यह चंद्रमा के साथ मिलकर जातक को प्रभावशाली और रोमांटिक बनाता है। जब यह ग्रह कर्क राशि के शासक चंद्रमा के साथ जुड़ जाता है तो परिणाम हमेशा एक ऐसा चरित्र सामने आता है, जो दूसरों के सामने रूपांतरित होता है। कुछ कर्क-मीन राशि के लोग अपनी उपस्थिति या पोशाक शैली को दैनिक जीवन के आधार पर बदलते हैं।

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