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नक्षत्रों पर अवलोकन

ज्योतिष में नक्षत्रों की एक से अधिक प्रणालियाँ प्रचलित हैं। एक प्रणाली 27 नक्षत्रों पर आधारित है, जबकि दूसरी में 28 नक्षत्रों का उल्लेख मिलता है। विषय को विस्तार से समझने से पहले इसके मूल ढांचे को जानना आवश्यक है।

चंद्रमा का एक पूर्ण चक्र लगभग 27 दिन और 7 घंटे का होता है। इसी अवधि के आधार पर नक्षत्रों की गणना की जाती है, जिसे 27 से 28 नक्षत्रों के बीच गोल किया जाता है। जब बारह राशियों को 27 भागों में विभाजित किया जाता है और आकाश के कुल 360 अंशों को समान रूप से बाँटा जाता है, तो प्रत्येक नक्षत्र का विस्तार लगभग 13 अंश और 20 मिनट का होता है।

प्रत्येक राशि में कुल 2.25 नक्षत्र आते हैं, अर्थात दो पूर्ण नक्षत्र और तीसरे नक्षत्र का एक चौथाई भाग। चूँकि एक राशि में कुल नौ पद होते हैं, इसलिए प्रत्येक नक्षत्र में चार पद शामिल होते हैं। नक्षत्रों के स्वामी, जिन्हें देवता भी कहा जाता है, जातक के जीवन पर पड़ने वाले ग्रहों के प्रभाव को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये देवता ग्रहों की ऊर्जा को कुछ सीमा तक नियंत्रित और परिवर्तित करने की क्षमता रखते हैं।

2026 आपके लिए कैसा होगा? इसके बारे में अधिक जानने के लिए हमारे विशेषज्ञ ज्योतिषियों से परामर्श लें।

Ashwini_Nakshatra

अश्विनी नक्षत्र 2027

Bharani_Nakshatra

भरणी नक्षत्र 2027

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कृत्तिका नक्षत्र 2027

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रोहिणी नक्षत्र 2027

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मृगशीर्ष नक्षत्र 2027

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आर्द्रा नक्षत्र 2027

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पुष्य नक्षत्र 2027

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आश्लेषा नक्षत्र 2027

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उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र 2027

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हस्त नक्षत्र 2027

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चित्रा नक्षत्र 2027

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स्वाति नक्षत्र 2027

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विशाखा नक्षत्र 2027

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अनुराधा नक्षत्र 2027

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ज्येष्ठा नक्षत्र 2027

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मूल नक्षत्र 2027

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पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र 2027

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उत्तराषाढ़ा नक्षत्र 2027

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श्रवण नक्षत्र 2027

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धनिष्ठा नक्षत्र 2027

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शतभिषा नक्षत्र 2027

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पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र 2027

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उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र 2027

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रेवती नक्षत्र 2027

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अभिजीत नक्षत्र 2027

अश्विनी नक्षत्र 2027

चंद्र मंडलों में प्रथम, अश्विनी नक्षत्र पर देवताओं के वैद्य – अश्विनी कुमारों का अधिपत्य है। घोड़े की गति और शक्ति का प्रतीक यह नक्षत्र, अपने जातकों को गतिशील, साहसी और स्वाभाविक रूप से पहल करने वाला बनाता है। उनकी ऊर्जा, जीवंतता और अग्रणी स्वभाव उन्हें भीड़ से अलग खड़ा करते हैं। वैदिक ज्योतिष में अश्विनी जातक उन दिव्य चिकित्सकों के समान माने जाते हैं जो जीवन के हर क्षेत्र में उपचार, नवचेतना और त्वरित प्रगति लेकर आते हैं। केतु के स्वामित्व में यह नक्षत्र एक अद्भुत और परिवर्तनकारी शक्ति का द्योतक है।

तो 2027 अश्विनी नक्षत्र जातकों के लिए क्या संकेत लेकर आया है? क्या आपका साहस करियर, प्रेम, वित्त और स्वास्थ्य में सफलता दिलाएगा? आइए आपके विस्तृत भविष्यफल पर नज़र डालते हैं।

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भरणी नक्षत्र 2027

दूसरा नक्षत्र भरणी ‘योनि’ के प्रतीक से दर्शाया जाता है-जो सृजन, पोषण और रूपांतरण की शक्ति का द्योतक है। इस नक्षत्र में जन्मे जातक मजबूत इच्छाशक्ति, गहरी भावनात्मक तीव्रता और अद्भुत सहनशक्ति से संपन्न होते हैं। शुक्र स्वामी होने से आकर्षण, रचनात्मकता और सामंजस्य की चाह स्वाभाविक होती है। साथ ही, भरणी आपको संयम और धैर्य का वरदान देती है।

आख़िर 2027 आपके लिए क्या लेकर आ रहा है? क्या शुक्र आपको करियर और प्रेम में विकास देगा, या यह वर्ष आपके भीतर की शक्ति को और निखारेगा? जानिए विस्तृत भविष्यफल।

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कृत्तिका नक्षत्र 2027

कृतिका नक्षत्र अग्नि की परिवर्तित करने वाली शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है-जो शुद्ध करती है और रूपांतरित करती है। इस नक्षत्र में जन्मे जातक दृढ़ इच्छाशक्ति, निर्णय क्षमता और नेतृत्व गुण रखते हैं। सूर्य स्वामी होने से व्यक्तित्व में तेज, गर्माहट और स्पष्ट दृष्टि होती है।

तो 2027 आपके लिए क्या उजागर करेगा? सफलता या चुनौतियाँ कौन आपको निखारेगा? आइए जानें।

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रोहिणी नक्षत्र 2027

रोहिणी नक्षत्र वृद्धि, सौंदर्य, सृजन और समृद्धि का केंद्र है। इसका रथ प्रतीक स्थिर प्रगति का द्योतक है। चंद्रमा के स्वामी होने से आप सौम्य, रचनात्मक, आकर्षक और भावनात्मक रूप से पोषक होते हैं।

2026 आपके लिए कैसा रहेगा? आइए विस्तार से समझते हैं।

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मृगशीर्ष नक्षत्र 2027

मृगशिरा नक्षत्र खोज, जिज्ञासा और गतिशीलता का प्रतीक है मृग (हिरण) की चंचल, खोजी ऊर्जा का द्योतक। मंगल के स्वामी होने से आप उत्साही, ज्ञान-पिपासु और मानसिक रूप से तेज होते हैं।

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आर्द्रा नक्षत्र 2027

आर्द्रा नक्षत्र का प्रतीक एक एकल आँसू है। यह गहरे भाव, शुद्धिकरण की आवश्यकता और सच्चे परिवर्तन की शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। आर्द्रा जातकों में तीक्ष्ण बुद्धि, प्रबल जिज्ञासा और भावनात्मक गहराई होती है। क्योंकि इस नक्षत्र का स्वामी राहु है और यह रुद्र (भगवान शिव) से जुड़ा है। आप अत्यंत करुणाशील होते हैं, परन्तु यह भी समझते हैं कि नवीनता अक्सर टूटन के बाद ही आती है। आप में एक बेचैन ऊर्जा होती है जो आपको सत्य की खोज, विश्लेषण और जीवन के गूढ़ पहलुओं को समझने के लिए प्रेरित करती है।

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पुनर्वसु नक्षत्र 2027

पुनर्वसू का प्रतीक बाणों से भरा तरकश है जो पुनर्जन्म, पोषण और अंधकार के बाद लौटने वाली रोशनी का संकेत है। बृहस्पति के स्वामित्व वाला यह नक्षत्र आशावाद, धैर्य और हर परिस्थिति में पुनः आरंभ करने की क्षमता प्रदान करता है। इस नक्षत्र के जातक परिवार, शांति और मूल्यों से गहराई से जुड़े होते हैं।

क्या 2027 में बृहस्पति का शुभ प्रभाव आपको उन्नति देगा? आइए करियर, प्रेम, वित्त और स्वास्थ्य देखें।

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पुष्य नक्षत्र 2027

गाय के थन का प्रतीक पुष्य नक्षत्र पोषण, वृद्धि और आध्यात्मिक समृद्धि का परिचायक है। यह अत्यंत शुभ माना जाता है। शनि के स्वामित्व और बृहस्पति के प्रभाव वाला यह नक्षत्र बुद्धि, अनुशासन और उदारता देता है।

आइए देखें, 2027 आपके लिए क्या लेकर आ रहा है।

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आश्लेषा नक्षत्र 2027

सर्प के कुंडलित रूप से प्रतीकित आश्लेषा नक्षत्र रहस्य, अंतर्ज्ञान और परिवर्तन का द्योतक है। बुध के स्वामित्व वाला यह नक्षत्र बुद्धिमत्ता, प्रभावशाली व्यक्तित्व और अनुकूलता प्रदान करता है।

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मघा नक्षत्र 2027

शाही सिंहासन से जुड़ा मघा नक्षत्र वंश, परंपरा और अधिकार का प्रतीक है। केतु के स्वामित्व वाला यह नक्षत्र नेतृत्व क्षमता, प्रतिष्ठा और दृढ़ता प्रदान करता है।

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पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र 2027

शुक्र के स्वामित्व वाला यह नक्षत्र आकर्षण, कला और सौंदर्य का प्रतीक है। इसके जातक रचनात्मक, मिलनसार और आनंदपूर्ण होते हैं।

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उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र 2027

सूर्य के स्वामित्व वाला यह नक्षत्र कर्तव्य, निष्ठा और उदारता का प्रतीक है। इसके जातक विश्वसनीय, नेतृत्वक्षम और संबंधों में स्थिर होते हैं।

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हस्त नक्षत्र 2027

चतुर हाथ के प्रतीक और चंद्रमा द्वारा शासित, हस्त नक्षत्र सुंदर कौशल, प्रतिभा और सहज अनुकूलन क्षमता का प्रतीक है। इस नक्षत्र के जातक बुद्धिमान, संसाधनपूर्ण और अपने स्वाभाविक कौशल तथा शांत दृढ़ता से जीवन बनाने में सक्षम होते हैं।

चंद्रमा के प्रभाव के कारण, हस्त रचनात्मकता के साथ-साथ भावनात्मक उतार-चढ़ाव भी लाता है। क्या 2027 आपके कौशल को स्थिर पहचान देगा, या फिर कुछ विलंबों को पार करने के लिए धैर्य मांगेगा? आइए आपका मार्ग जानें।

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चित्रा नक्षत्र 2027

मंगल द्वारा शासित और चमकते रत्न के प्रतीक वाला चित्रा नक्षत्र चमक, कला और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। इसके जातक महत्वाकांक्षी, आकर्षक और अपने कार्यों में परफेक्शन की तलाश करने वाले होते हैं।

2027 आपकी रचनात्मकता को चमकदार सफलता देगा या चुनौती देकर आपके तरीकों को और बेहतर बनाने को प्रेरित करेगा? आइए देखें।

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स्वाति नक्षत्र 2027

राहु द्वारा शासित और हिलते हुए पौधे के प्रतीक वाला स्वाती नक्षत्र स्वतंत्रता, अनुकूलनशीलता और स्व-अभिव्यक्ति का प्रतीक है। लेकिन यह आज़ादी कभी-कभी आपको धरातल पर बने रहने की चुनौती भी देती है।

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विशाखा नक्षत्र 2027

बृहस्पति द्वारा शासित विशाखा नक्षत्र विजय, महत्वाकांक्षा और लक्ष्य प्राप्ति का प्रतीक है। परंतु सफलता धैर्य और संतुलन भी मांगती है।

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अनुराधा नक्षत्र 2027

शनि द्वारा शासित और कमल के प्रतीक वाला अनुराधा नक्षत्र दृढ़ता, समर्पण और मित्रता की शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है।

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ज्येष्ठा नक्षत्र 2027

बुध द्वारा शासित ज्येष्ठा नक्षत्र वरिष्ठता, अधिकार और जिम्मेदारी का प्रतीक है।

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मूल नक्षत्र 2027

केतु द्वारा शासित मूल नक्षत्र गहराई, परिवर्तन और सत्य की खोज का प्रतीक है।

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पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र 2027

शुक्र द्वारा शासित पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र अजेयता, पुनर्जन्म और रचनात्मक शक्ति का प्रतीक है।

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उत्तराषाढ़ा नक्षत्र 2027

सूर्य द्वारा शासित यह नक्षत्र सत्य, स्थिरता और दीर्घकालिक सफलता का प्रतीक है।

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श्रवण नक्षत्र 2027

चंद्रमा द्वारा शासित श्रवण नक्षत्र सुनने, ज्ञान और सीखने का प्रतीक है।

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धनिष्ठा नक्षत्र 2027

धनिष्ठा, जिसकी अधिपति मंगल हैं और जिसका प्रतीक एकता का डमरू है, लय, धन एवं सामूहिक भावना का प्रतिनिधित्व करती है। इस नक्षत्र के जातक ऊर्जा से भरपूर, महत्वाकांक्षी होते हैं और अक्सर टीमवर्क व सामूहिक प्रगति में अपनी सबसे बड़ी शक्ति पाते हैं।

परंतु हर लय को संतुलन की आवश्यकता होती है। क्या 2027 आपको दूसरों के साथ सामंजस्य में आगे बढ़ने देगा या बिखरी ऊर्जा आपकी गति को प्रभावित करेगी? आइए जानें।

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शतभिषा नक्षत्र 2027

राहु द्वारा शासित और सौ चिकित्सकों के घेरे के प्रतीक वाला शतभिषा रहस्य, उपचार और गहरी आंतरिक रूपांतरण का संकेत देता है। इसके जातक स्वतंत्र, विश्लेषणात्मक होते हैं और करुणा के साथ छिपी सच्चाइयों को समझने की इच्छा रखते हैं।

लेकिन उपचार के साथ परीक्षाएँ भी आती हैं। क्या 2027 आपको स्वास्थ्य और स्पष्टता में नई प्रगति देगा या समाधान खोजने में और धैर्य की आवश्यकता होगी? आइए जानें।

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पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र 2027

बृहस्पति द्वारा शासित और शवपेटिका के आगे के पैरों के प्रतीक वाले पूर्वाभाद्रपदा में गहनता, आध्यात्मिकता और परिवर्तनकारी शक्ति निहित है। इसके जातक दूरदर्शी, भावुक और अपने आदर्शों के प्रति गहराई से समर्पित होते हैं।

लेकिन यह तीव्रता प्रेरित भी कर सकती है और अभिभूत भी। 2027 आपकी ऊर्जा को सार्थक विकास में लगाएगा या आपको संतुलन का अभ्यास कराएगा? आइए जानें।

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उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र 2027

शनि द्वारा शासित और शवपेटिका के पीछे के पैरों का प्रतीक उत्तराभाद्रपदा स्थिरता, धैर्य और आंतरिक शक्ति को दर्शाता है। इसके जातक शांत, ज़मीन से जुड़े और चुनौतियों को सहजता से झेलने में सक्षम होते हैं।

लेकिन धैर्य की परीक्षा समय ही लेता है। क्या 2027 आपकी प्रतीक्षा को फल देगा या आपको और सुंदर संकल्प सिखाएगा? आइए देखें।

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रेवती नक्षत्र 2027

बुध द्वारा शासित और एक मार्गदर्शक मछली के प्रतीक वाली रेवती पोषण, सुरक्षित यात्राएँ और दयालु मार्गदर्शन को दर्शाती है। इसके जातक संरक्षण देने वाले, करुणाशील और समुदाय में पोषणकर्ता की भूमिका निभाने वाले होते हैं।
परंतु दूसरों का मार्गदर्शन करने से पहले आत्म-संतुलन आवश्यक है। क्या 2026 आपको दूसरों को सहारा देने के साथ अपने लक्ष्यों को भी पूर्ण कराने में मदद करेगा, या यह आपको स्वयं की देखभाल प्राथमिकता देने को कहेगा? आइए जानें।

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अभिजीत नक्षत्र 2027

अथर्ववेद और यजुर्वेद के अनुसार, अभिजीत नक्षत्र उत्तराषाढ़ा और श्रवण नक्षत्र के बीच स्थित है। इस नक्षत्र से जुड़ा प्रमुख तारा वेगा है, जो लायरा नक्षत्र मंडल का सबसे चमकीला तारा है।

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, दक्ष प्रजापति के एक पुत्र थे जिनका नाम अभिजीत था और सत्ताईस पुत्रियाँ थीं। ये पुत्रियाँ 27 नक्षत्रों का प्रतीक हैं, जबकि अभिजीत को 28वाँ नक्षत्र माना जाता है। “अभिजीत” शब्द का अर्थ है विजय, जीत, और जिसे कोई हरा न सके।

यह नक्षत्र मकर राशि में आता है। बुध को इसका शासक ग्रह माना जाता है, जो इस नक्षत्र में जन्मे लोगों को तेज़ बुद्धि, जिज्ञासा, प्रभावी संचार क्षमता और आध्यात्मिकता और धार्मिक कार्यों की ओर स्वाभाविक झुकाव देता है। सुनहरा पीला रंग अभिजीत नक्षत्र के लिए शुभ माना जाता है।

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नक्षत्रों की डिग्री, शासक ग्रह और देवता

प्रत्येक नक्षत्र के स्वामी ग्रह, देवता और अंश विशिष्ट होते हैं। वे प्रतीकात्मक पक्षियों और जानवरों से भी जुड़े हुए हैं। गण, रंग और उद्देश्य सहित कई कारक हैं।

नक्षत्र से संबंधित जानकारी नीचे दी गई है:

नक्षत्रडिग्रीसत्तारूढ़ गृहदेव
अश्विनी0 – 13.20 मेषकेतुअश्विनी कुमार
भरनी13.20 – 26.40 मेषशुक्रयम
कृत्तिका26.40 मेष – 10 वृषभसूरजअग्नि
रोहिणी10 – 23.20 वृषभचंद्रमाब्रह्मा
मृगशीर्ष23.20 वृषभ – 6.40 मिथुनमंगल ग्रहसोमा/चन्द्र
आर्द्रा6.40 – 20 मिथुनराहुरूद्र
पुनर्वसु20 मिथुन – 3.20 कर्कबृहस्पतिअदिति
पुष्य3.20 – 16.40 कर्कशनि ग्रहबृहस्पति
आश्लेषा16.40 – 30 कर्कबुधनागाओं
माघ0 – 13.20 सिंहकेतुपितर
पूर्वा फाल्गुनी13.20 – 26.40 सिंहशुक्रआर्यमन
उत्तरा फाल्गुनी26.40 सिंह – 10 कन्यासूरजभागा
हस्त10 – 23.20 कन्या राशिचंद्रमासविति/सूर्या
चित्रा23.20 कन्या – 6.40 तुलामंगल ग्रहविश्वकर्मा
स्वाति6.40 – 20 तुला राशिराहुवायु
विशाखा20 तुला – 3.20 वृश्चिकबृहस्पतिइन्द्राग्नि
अनुराधा3.20 – 16.40 वृश्चिकशनि ग्रहमित्रा
ज्येष्ठ16.40 – 30 वृश्चिकबुधइंद्र
मुला0 – 13.20 धनुकेतुनिरीति
पूर्वा आषाढ़13.20 – 26.40 धनुशुक्रआपा
उत्तरा आषाढ़26.40 धनु-10 मकरसूरजविश्वेदेवस
श्रावण10 – 23.20 मकर राशिचंद्रमाविष्णु
धनिष्ठा23.20 मकर- 6.40 कुंभमंगल ग्रहआठ वसु
शतभिषा6.40 – 20 कुम्भराहुवरुण
पूर्व भाद्रपद20 कुंभ – 3.20 मीनबृहस्पतिअजैकपाड़ा
उत्तरा भाद्रपद3.20 – 16.40 मीनशनि ग्रहअहिरबुध्न्य
रेवती16.40 – 30 मीनबुधपूशा

नक्षत्रों के उद्देश्य और स्वभाव:

प्रत्येक नक्षत्र के चार अलग-अलग जीवन लक्ष्य होते हैं जिन्हें जातक को पूरा करना होता है। धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष ये हैं।

अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना और विभिन्न परिस्थितियों में जो सही है उसे करना ही धर्म है। इसका संबंध रोजमर्रा के कार्यों या गतिविधियों को पूरा करने से है।

अर्थ मूल निवासी के निर्वाह के साथ-साथ अन्य लोगों के कल्याण के लिए धन और राजस्व के सृजन को प्रेरित करता है। काम का तात्पर्य जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में पूर्णता पाने के लिए अपनी इच्छाओं के पीछे जाना है। मोक्ष पूर्ण स्वतंत्रता है. यह किसी की आत्मा को मुक्त करने का प्रयास करने के बारे में है।

नीचे दी गई तालिका में नक्षत्रों के उद्देश्य और स्वभाव सूचीबद्ध हैं:

नक्षत्रउद्देश्यस्वभाव
अश्विनीधर्मदेव
भरनीअर्थमनुष्य
कृत्तिकाकामदेवराक्षस
रोहिणीमोक्षमनुष्य
मृगशीर्षमोक्षदेव
आर्द्राकामदेवमनुष्य
पुनर्वसुअर्थदेव
पुष्यधर्मदेव
आश्लेषाधर्मराक्षस
माघअर्थराक्षस
पूर्वा फाल्गुनीकामदेवमनुष्य
उत्तरा फाल्गुनीमोक्षमनुष्य
हस्तमोक्षदेव
चित्राकामदेवराक्षस
स्वातिअर्थदेव
विशाखाधर्मराक्षस
अनुराधाधर्मदेव
ज्येष्ठअर्थराक्षस
मुलाकामदेवराक्षस
पूर्वा आषाढ़मोक्षमनुष्य
उत्तरा आषाढ़मोक्षमनुष्य
श्रावणकामदेवमनुष्य
धनिष्ठाअर्थराक्षस
शतभिषाधर्मराक्षस
पूर्व भाद्रपदधर्ममनुष्य
उत्तरा भाद्रपदअर्थमनुष्य
रेवतीकामदेवदेव

नक्षत्रों के प्रतीकात्मक पशु

जैसा कि पहले बताया गया है, प्रत्येक नक्षत्र का एक प्रतीकात्मक जानवर होता है। इनका आवंटन सामान्य प्रकृति एवं देवताओं के अनुरूप किया गया है। उदाहरण के लिए, घोड़ा अश्विनी नक्षत्र का पशु प्रतीक है। जब किसी के पास यह नक्षत्र होता है, तो आप देखेंगे कि उनका कार्यक्रम आमतौर पर बहुत व्यस्त होता है और वे समस्याओं को सुलझाने या दूसरों को बेहतर बनाने में मदद करने में रुचि रखते हैं। यह मानते हुए कि देवता अश्विनी कुमार हैं, जो आकाशीय प्राणियों के घोड़े के सिर वाले चिकित्सक हैं। इस प्रकार नक्षत्र के प्रत्येक चिन्ह का एक विशेष अर्थ होता है।

जानवरनक्षत्र
घोड़ाअश्विनी, शतभिषा
हाथीभरणी, रेवती
बकरीकृत्तिका, पुष्य
साँपरोहिणी, मृगशीर्ष
कुत्ताआर्द्रा, मूल
बिल्लीपुनर्वसु, अश्लेषा
चूहामघा, पूर्वाफाल्गुनी
गायउत्तरा फाल्गुनी, उत्तरा भाद्रपद
भैंसहस्ता, स्वाति
चीताचित्रा, विशाखा
हिरनअनुराधा, ज्येष्ठा
बंदरपूर्व आषाढ़, श्रावण
नेवलाउत्तरा आषाढ़
शेरधनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद

यह नक्षत्रों की विशेषताओं का एक सामान्य सारांश मात्र है। यह किसी व्यक्ति के जीवन पथ की अत्यंत जटिल, फिर भी गणितीय रूप से सटीक व्याख्या है। जैसे-जैसे हम गहराई में जाते हैं, हम ज्योतिषीय चार्ट की विशिष्टताओं के बारे में और अधिक सीखते हैं।

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आज का पंचांग

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22 October, 2026

तिथि : शुक्लपक्ष एकादशी

पक्ष : शुक्लपक्ष एकादशी

सूर्योदय : 06:33

सूर्यास्त : 18:12

नक्षत्र : शतभिषा

योग : वृद्धि

Karan : वणिज

अच्छे समय के लिए उपहार