वास्तु के अनुसार अच्छी नींद के लिए दिशाएं (Sleeping Direction)

जैसा कि आप जानते हैं कि भोजन और पानी हमारे शरीर के लिए एक जरूरी तत्व है, लेकिन हमारी नींद के बारे में क्या? क्या आपने इस बारे में सोचा है। हां अच्छी नींद भी हमारी सारी खुशियों में अहम भूमिका निभाती है।

ऐसा कहा जाता है कि एक व्यक्ति जो अच्छी तरह से सोता है, वह सब कुछ हासिल करता है, लेकिन जो लोग लोग अच्छी नींद से महरूम रह जाते हैं उन्हें समस्याओं और असफलताएं का सामना करना पड़ता है। ऐसे लोगों की एकाग्रता शक्ति भी कम हो जाती है। स्वस्थ मन और शरीर के लिए हमेशा याद रखें कि गहरी नींद बहुत जरूरी है, इसके कई फायदे हैं।


अच्छी नींद के फायदे (Benefits Of Sound Sleep)

  • इससे दिमाग में नए विचार आते हैं और व्यक्ति मानसिक रूप से फिट महसूस करता है।
  • अच्छी नींद से हमारा दिमाग तरोताजा महसूस करता है और यह शरीर को अगले दिन के काम के लिए तैयार कर देती है।
  • यह मानसिक बीमारी जैसे अवसाद और चिंता से बचाता है।
  • व्यक्ति की काम करने की क्षमता को बढ़ा देती है।

अच्छी नींद लेने के बहुत सारे लाभ हैं, इसलिए सही दिशा में सोना बहुत अहम हो जाता है। वास्तु शास्त्र एक उत्तम विज्ञान है, जो अच्छी नींद की दिशा को समझाने के लिए मार्गदर्शन करता है।
यदि आप भी नींद से जुड़े विकारों और समस्याओं से पीड़ित हैं तो आपको नींद वास्तु का पालन करना चाहिए तो इसमें देरी न करें। बस वास्तु के अनुसार अपने बेडरूम में कुछ बदलाव करें और अगले ही दिन ताजगी और सकारात्मक नजरिए के साथ खुद को तैयार कर लें।


वास्तु के अनुसार सोने की दिशा (Sleeping Direction As Per Vaastu)

जब भी कोई वास्तु शास्त्र के अनुसार सोने की स्थिति और दिशा को चुनता है तो वह भविष्य के लिए स्वस्थ जीवन को पूरी तरह अपना लेता है। अच्छी नींद लेने वाले लोग जीवन में खुशी और भाग्य के बीज बोते हैं। आप अच्छी नींद ले सकें, इसके लिए आइए वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों और मनुष्य पर उनके प्रभाव के बारे में बात करते हैं।

उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोना (Sleeping With Head Facing North Direction)

आपको इस दिशा से बचना चाहिए क्योंकि वास्तु शास्त्र इसका सुझाव नहीं देता है क्योंकि मनुष्य का सिर एक उत्तरी ध्रुव की तरह काम करता है और इसलिए यह पृथ्वी की उत्तर दिशा के संपर्क में आते ही एक दूसरे से दूर हो जाते हैं। यह मानसिक अलगाव आपके व्यक्तिगत जीवन के साथ ही पेशेवर जीवन को भी अशांत कर सकता है।

इसके अलावा इससे खून के बहाव में बाधा पड़ती है और तनाव व शरीर में थकावट पैदा करता है। इस तरह हम कह सकते हैं कि वास्तु शास्त्र के मुताबिक उत्तर दिशा में सिर करके सोना गलत है और आपको ऐसा कभी नहीं करना चाहिए।

पूर्व दिशा की ओर सिर करके सोना (Sleeping With Head Facing East Direction)

वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के अनुसार अच्छी नींद लेने के लिए यह सबसे अच्छी दिशा मानी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि पूर्व की ओर सिर रखकर सोने से याददाश्त और एकाग्रता बढ़ती है। ऐसा करने से व्यक्ति स्वस्थ बना रहता है। पूर्व दिशा में सोने से कॅरियर में नए अवसर और संभावित पदोन्नति मिल सकती है। आप इसे जरूर आजमाएं और बदलाव महसूस करें।

दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोना (Sleeping With The Head Facing South Direction)

वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा में सबसे ज्यादा सोने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से अच्छी नींद आती है, जो व्यक्ति में ऊर्जा का संचार करता है और इस तरह काम करने की क्षमता बढ़ जाती है। यह कॅरियर को आगे बढ़ाता है और व्यक्ति के जीवन में समृद्धि लाता है।

साथ ही वास्तु के अनुसार दक्षिण दिशा में सोना सौभाग्य बढ़ाता है। यह दिशा हमेशा सकारात्मकता को अपनी ओर आकर्षित करती है और शरीर के कार्डियोवस्कुलर सिस्टम को सुचारू रूप से चलाने में मदद करती है।

कारोबारियों को दक्षिण दिशा में सोने की ज्यादा सलाह दी जाती है, क्योंकि यह शरीर में खून के बहाव सुधारता है, जो आसानी से महत्वपूर्ण निर्णय लेने में मदद करता है।

तिरछी दिशा में सोना (Sleeping In Diagonal Directions)

वास्तुशास्त्र के अनुसार उत्तर.पूर्व दिशा में सोना सही नहीं माना जाता है। आप दक्षिण.पूर्व या दक्षिण-पश्चिम दिशा में सो सकते हैं क्योंकि यह नींद लेने में बाधा पैदा नहीं करता।

आप उत्तर-पश्चिम दिशा में सो सकते हैं। यह उतना बुरा नहीं है। इस दिशा का नींद पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है। आप इसे आज़मा सकते हैं।


सोने के लिए वास्तु शास्त्र के टिप्स (Vaastu Shastra Tips For Sleeping)

वास्तु शास्त्र एक प्राचीन विज्ञान है जिसमें सभी समस्याओं का समाधान है। कुछ लोगों को सोने के लिए वास्तु टिप्स बचकानी लग सकती हैं। भले ही आप इसमें विश्वास करते हैं या नहीं, लेकिन यह वास्तविकता में बहुत प्रभावी है। यहां कुछ जरूरी स्लीपिंग टिप्स दिए गए हैं।

  • सोने के लिए बिस्तर का सिरहाना सही दिशा में रखें और हमेशा बेडरूम वास्तु का पालन करें।
  • वास्तु के अनुसार बेड में सिर की स्थिति पूर्व या दक्षिण की ओर होनी चाहिए।
  • अतिथि कक्ष का बिस्तर पश्चिम में अपने सिर के साथ रखा जा सकता है।
  • सुनिश्चित करें कि मास्टर बेडरूम में बिस्तर केवल लकड़ी से बना होना चाहिए और उस पर एक ही बड़ा गद्दा होना चाहिए। ध्यान रखें कि यह बंटा नहीं होना चाहिए।
  • कमरे के कोनों में कभी न सोएं, क्योंकि इससे कमरे में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रुकता है।
  • हमेशा बिस्तर के दोनों तरफ पर्याप्त जगह छोड़कर रखें, क्योंकि यह सकारात्मक ब्रह्मांडीय ऊर्जा के प्रवाह के लिए जगह देता है।
  • वास्तु के अनुसार पति को बेड पर दायीं और पत्नी को बायीं ओर सोना चाहिए।
    अपने बेड को बीम के ठीक नीचे न रखें क्योंकि यह सौभाग्य को दबाता है और अनावश्यक तनाव लाता है।
  • बिखरे हुए बेड पर कभी न सोएं। यह नींद में खलल डालता है और नकारात्मकता पैदा करता है।
  • वास्तु शास्त्र में सोने की स्थिति के अनुसार आपको कभी भी बेडरूम के प्रवेश द्वार की ओर पैर करके नहीं सोना चाहिए। इससे व्यक्ति में डर और बुरे सपने आते हैं, जिससे अच्छी नींद नहीं आती।
  • आपको बेडरूम वास्तु का सख्ती से पालन करना चाहिए और बेडरूम में धातु के बेड, इलेक्ट्रॉनिक आइटम और गैजेट्स रखने से पूरी तरह से बचना चाहिए। ये चीजें रिश्ते में नकारात्मकता व कलह लाती हैं और वहां रहने वाले के स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं।
  • हमेशा याद रखें, कभी भी रसोई के ठीक ऊपर रखे बेड पर न सोएं। यह नींद और स्वास्थ्य के लिहाज से परेशानियां पैदा करता है।

इसलिए नींद के सभी वास्तु नियमों का पर्याप्त रूप से पालन करके हर व्यक्ति पूरी रात के लिए बिना किसी बाधा के अच्छी नींद का आनंद ले सकता है। इसीलिए जब आप आज रात सोएं तो वास्तु के अनुसार अपने सोने की स्थिति और दिशा के बारे में गौर करें और नींद के इन प्रभावशाली टिप्स का फायदा उठाएं। अगली बार से आप कभी नींद से जुड़ी कोई शिकायत नहीं करेंगे।
अगर आप तनाव महसूस कर रहे हैं और बहुत अधिक नींद नहीं ले रहे हैं तो विशेषज्ञों से सलाह लें और राहत पाएं और भविष्य को खुशहाल कर लें, क्योंकि आप खुश रहने के हकदार हैं।