कैसा होना चाहिए लिविंग रूम : जानें लिविंग रूम के लिए वास्तु टिप्स (living room vastu)

लिविंग रूम, परिवार के सदस्यों और घर पर आने वाले मेहमानों, सभी के लिए आकर्षण का केंद्र होता है। यह वो कमरा होता है जहां हम अपने मेहमानों, दोस्तों या सभी घर आने वालों का स्वागत करते हैं और खुशनुमा वक़्त बिताते हैं। आजकल घर डिज़ाइन करने वालों के लिए लिविंग रूम डिज़ाइन करना एक महत्वपूर्ण बात हो गई है। लिविंग रूम को ड्राइंग रूम, बैठक कक्ष, या लाउन्ज भी कहते हैं।

घर का लिविंग रूम वो कमरा, स्थान होता है जहां हम आराम, एन्जॉय, और अन्य सभी मनोरंजक गतिविधियों को अंजाम देते हैं। लिविंग रूम में हम टीवी देखते हैं, किताबें अखबार पढ़ते हैं, दोस्तों और परिवार के साथ बैठकर बातें करते हैं, बच्चों के साथ खेलते हैं, चाय पीते हैं, और ऐसी कई गतिविधियों का आनंद लेते हैं। इसीलिए ये बहुत ज़रूरी है की हम अपने लिविंग रूम को वास्तु के अनुसार ही बनाए ताकि ये कमरा हमें सकारात्मक ऊर्जा दे और परिवार में सुख शांति और विकास आए। लिविंग रूम देखने मे क्लासी हो, स्टाइलिश हो, ये घर के मालिक भी चाहते हैं और इन्टीरियर डिज़ाइनर्स भी।

लिविंग रूम को डिज़ाइन करने में वास्तु महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वास्तु तो वो विज्ञान है जो हर कमरे को डिज़ाइन करके हमारे जीवन को उज्वल कर सकता है। अगर लिविंग रूम को हम वास्तु के हिसाब से बनाएं और रखें तो ये हमारे लिए समृद्धि, खुशहाली, और खुशियां लाता है। भवन निर्माण में वास्तु का अपना स्थान होता है। लेआउट प्लानिंग से लेकर डिजाइनिंग और स्ट्रक्चरल डिजाइनिंग से लेकर निर्माण तक, वास्तुशास्त्र हमेशा घर निर्माण में शत प्रतिशत परिणाम देता है, ताकि हमारा जीवन उन्नत और समृद्ध हो सके।

सच कहें तो हमारा लिविंग रूम हमारे घर का दिल होता है, जहां हम परिवार, दोस्तों और मेहमानों से मिलते हैं। इसीलिए ये ज़रूरी है कि इस कमरे मे सदा सकारात्मक ऊर्जा और वाइब्स हों।


लिविंग रूम के लिए उत्कृष्ट वास्तु टिप्स

चाहे आप एक डिजाइनर घर के मालिक हों या पारम्परिक तरीके से बने घर के मालिक, लिविंग रूम दोनों किस्म के घरों के लिए सबसे पहला आने वाला कमरा होता है। इसलिए ये और ज़्यादा महत्वपूर्ण बन जाता है। हमारा लिविंग रूम हमारी ज़िन्दगी का अभिन्न हिस्सा होता है। क्योंकि हम इस कमरे में अपने प्यारे परिवार और दोस्तों के साथ सबसे ज़्यादा वक़्त बिताते हैं। घर का एक अभिन्न अंग होने के नाते, लिविंग रूम का निर्माण वास्तु शास्त्र के अनुसार ही होना चाहिए। यहां नीचे हम आपके लिविंग रूम के लिए कुछ बेहतरीन और ज़रूरी वास्तु टिप्स दे रहे हैं, जिन्हे अमल मे लाकर आप एक शानदार और सकारात्मक फल देने वाला लिविंग रूम का निर्माण कर सकते हैं।

  • वास्तु शास्त्र का विज्ञान ये कहता है कि लिविंग रूम हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा मे होना चाहिए। यदि आपका घर दक्षिणमुखी है तो आप दक्षिण-पूर्व क्षेत्र में लिविंग रूम बना सकते हैं।
  • उत्तर क्षेत्र में लिविंग रूम के निर्माण को फायदेमंद माना जाता है, ये दिशा घर में सकारात्मकता लाती है।
  • उत्तर दिशा के अलावा उत्तर-पश्चिम दिशा भी लिविंग रूम के लिए उपयुक्त होती है क्योंकि वायु इस दिशा का मुख्य तत्व होता है, और ये तत्व और दिशा उन परिवारों के लिए आदर्श होती है जो देर रात की सभाओं और पार्टियों से बचते हैं।
  • उत्तर-पूर्व दिशा को पवित्र स्थान माना जाता है, इसलिए ये दिशा लिविंग रूम बनाने के लिए उपयुक्त होती है। ये दिशा लिविंग रूम के अलावा पूजा स्थल, या मेडिटेशन रूम बनाने के लिए भी बहुत उपयुक्त होती है।
  • जैसा की हमने पहले भी कहा उत्तरी क्षेत्र लिविंग रूम बनाने के लिए आदर्श है दिशा होती है क्योंकि ये दिशा घर मे रहने वालों के लिए धन और अच्छा स्वास्थ्य आकर्षित करती है।
  • जो लोग सोशल होना बहुत पसंद करते हैं, वे अपने घर के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में लिविंग रूम का निर्माण कर सकते हैं, अन्यथा ये दिशा मास्टर बेडरूम बनाने के लिए भी उपयुक्त है।
  • वास्तु के अनुसार लिविंग रूम पूर्व या उत्तर दिशा में एक ढलान पर होना चाहिए।
  • अगर लिविंग रूम की छत पूर्व या उत्तर दिशा में तिरछी है तो इसे अच्छा माना जाता है क्योंकि यह घर में सकारात्मकता लाता है।
  • अपने लिविंग रूम के दरवाज़े का निर्माण पूर्व या उत्तर दिशा मे ही करें ये आपके लिए धन, सुख और समृद्धि लाता है।
  • जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत और समर्पण ज़रूरी होता है, और वास्तु शास्त्र कहता है कि सही दिशा मे निर्माण कर भी आप सफल हो सकते हैं। दक्षिण, उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा के मुख्य द्वार आपको अपार सफलता दिला सकते हैं।
  • यदि आपके परिवार के सदस्य विद्वान, शिक्षक, बुद्धिजीवी, या शोधकर्ता हैं तो आपके लिए पश्चिम दिशा में लिविंग रूम का होना उपयुक्त और फलदायी होगा।
  • वास्तु कहता है कि लिविंग रूम का द्वार अगर उत्तर-पश्चिम दिशा में हो तो ये समस्त परिवार के लिए तरक्की और प्रगति के योग बनाता है।
  • वास्तु शास्त्र के अनुसार अपने लिविंग रूम का प्रवेश द्वार का निर्माण कभी भी दक्षिण दिशा मे न करें। ये शुभ नहीं माना जाता। सकारात्मक फल के लिए हमेशा लिविंग रूम के द्वार को पश्चिम दिशा मे रखें।
  • लिविंग रूम के पश्चिम या दक्षिण कोने में फर्नीचर, मूर्तिकला और भारी वस्तुएं रखें नहीं तो आप 1-3 इंच की ऊंचाई बनाकर फर्नीचर को उत्तर या उत्तर-पूर्व कोने में भी रख सकते हैं।
  • वास्तु अनुसार लिविंग रूम मे परिवार के मुखिया को पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके बैठना चाहिए ऐसा करने से उसे सम्मान मिलता है और वह परिवार का मुखिया बना रहता है।
  • टेलीविजन को लिविंग रूम के नॉर्थ-ईस्ट कॉर्नर में न रखें। हॉल में टीवी के लिए वास्तु के अनुसार, दक्षिण-पूर्व दिशा सबसे बेहतर होती है। याद रखें टीवी को गलत दिशा में रखना आपका कीमती वक़्त बर्बाद करना होगा।
  • टेलीफोन रखने के लिए पूर्व, दक्षिण-पूर्व या उत्तरी कोने का उपयोग करें।
  • लिविंग रूम के दक्षिण-पूर्व कोने में एयर कंडीशनर और एयर कूलर लगाने से बचें। एयर कूलर और एयर कंडीशनर रखने के लिए पश्चिम, पूर्व या उत्तर-पश्चिम कोना सबसे उपयुक्त है।
  • वास्तु अनुसार अपने लिविंग रूम में, या घर के किसी भी कोने में युद्ध, अपराध, खून, रोने की पेंटिंग, या मूर्तियों को कभी न रखें क्योंकि ये कलाकृतियां घर में नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं।
  • लिविंग रूम में देवताओं के चित्र, मूर्तियां या फ्रेम रखें। आप अपने लिविंग रूम में उत्तर-पूर्व की दीवार पर सुंदर दृश्य वाली तस्वीर भी लटका सकते हैं।
  • लिविंग रूम की दीवारों के लिए सफेद, पीला, नीला और हरा रंग सबसे बेहतर होता है।
  • लिविंग रूम के लिए विशेष रूप से लाल और काले रंग से बचें।
  • लिविंग रूम में स्क्वायर या आयताकार फर्नीचर रखा जाना चाहिए। लिविंग रूम के लिए अनियमित आकार, गोलाकार, और अंडाकार टेबल
    उपयुक्त नहीं होती हैं।
  • लिविंग रूम से अगर सीढ़ियां जाती हों तो, सीढ़ी का स्थान बैठने के क्षेत्र के दक्षिण, पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम भाग में होना चाहिए।
  • उत्तर-पूर्व की खिड़कियों और दरवाजों को हल्के कपड़े के पर्दे से सजाएं। दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के बैठने के स्थान पर भारी पर्दे लगाना उचित होता है।
  • लिविंग रूम को साफ और स्वच्छ रखा जाना चाहिए। पूर्वोत्तर क्षेत्र को साफ और स्पेसियस रखें। आप लिविंग रूम के कोने में कुछ पौधों की व्यवस्था भी कर सकते हैं।
  • वास्तु अनुसार अपने लिविंग रूम को सजाने के लिए कृत्रिम या नकली फूल, मुरझाए फूल और कंटीले पौधों से बचें, क्योंकि ऐसे फूल आपके कॅरियर और आर्थिक विकास को नुकसान पहुंचाते हैं।
  • लिविंग रूम के बीचों बीच कोई भी सजावटी टुकड़ा या झाड़ रखने से बचें। लिविंग रूम में झूमर लटकाए जाने के लिए दक्षिण या पश्चिम कोना अनुकूल माना जाता है।
  • लिविंग रूम के लिए उज्जवल और हल्की रोशनी का उपयोग करें क्योंकि ये रोशनी कमरे को जीवंत रूप देती है, और घर में सकारात्मक वाइब्स पैदा करती है।
  • लिविंग रूम के पूर्व या उत्तर-पूर्व में फिश टैंक रख सकते हैं, क्योंकि अक्वेरीयम विभिन्न किस्म के वास्तु दोषों को दूर करता है।
  • यदि उत्तर-पश्चिम क्षेत्र घर में समस्याएं पैदा कर रहा है, तो घर में नकारात्मक ऊर्जा को कम करने के लिए अक्वेरीयम रखें।
    लिविंग रूम के उत्तरी कोने में पानी का फव्वारा रखें।
  • याद रखें लिविंग रूम की दक्षिण दिशा में एक्वेरियम रखना अशुभ माना जाता है।

लिविंग रूम के लिए उपर्युक्त वास्तु टिप्स आपके लिविंग रूम को फलदायी बनाने के लिए वास्तु बहुत ही प्रभावी हैं। लिविंग रूम बनाते वक़्त या डिज़ाइन करते वक़्त इनका पालन करें और घर को अपने और अपने परिवार के रहने के लिए उपयुक्त बनाए।


लिविंग रूम के लिए कौन सी दिशा उपयुक्त होती है?

वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार या एंट्रेंस आकर्षक होना चाहिए जो लिविंग रूम की शोभा बढ़ाए। आपके घर का मुख्य द्वार सबसे बड़ा जरिया होता है जिसके द्वारा घर मे पॉजिटिव ऊर्जा प्रवेश करती है। लिविंग रूम के वास्तु अनुसार मुख्य द्वार उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व जैसी दिशा की ओर होना चाहिए। ये दिशाएं लिविंग रूम के लिए एकदम सही हैं।

याद रखें अपने घर के मुख्य द्वार को कभी भी काले रंग जैसे गहरे रंगों से पेंट न करें। घर में सकारात्मकता और अच्छे भाग्य को आकर्षित करने के लिए लिविंग रूम के मुख्य द्वार को फूलों की माला और सजावटी नेम प्लेट से सजाएं। ये सजावट प्रवेश द्वार को एक उत्तम दर्जे का रूप देते हैं। इसके अलावा, डस्टबिन, जूते के रैक को दरवाजे के सामने रखने से बचें क्योंकि वे घर में बुरी ऊर्जा लाते हैं।

लिविंग रूम आपके घर का पहला प्रवेश द्वार है इसीलिए ये सुनिश्चित करें कि वो अच्छी तरह रोशन हो और आंखों को आकर्षित करे।

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लिविंग रूम मे सोफे कहां रखें?

हमारे घर को सुखदायक माहौल, सकारात्मक परिवेश और सुंदर सजावट होटल से अलग बनाती है। आप अपने घर के किसी भी कोने में सजावट कर सकते हैं। पर ये यह जानना आवश्यक है कि चीजों वास्तु के अनुसार कहां और कैसे रखें। अपने घर के बड़े और भारी फर्नीचर को लिविंग रूम के पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम कोने में रखें।

वास्तु के अनुसार लिविंग रूम के दक्षिण-पूर्व कोने में सोफा न रखें। यह कोना टेलीविजन सेट रखने के लिए उपयुक्त है। आप इस दिशा में इलेक्ट्रॉनिक आइटम जैसे कि कंप्यूटर और प्रिंटर भी रख सकते हैं। वास्तु के अनुसार, लिविंग रूम में डाइनिंग टेबल के लिए, दक्षिण-पूर्व दिशा एकदम सही है।


अपने लिविंग रूम की दीवारों को सजाने के लिए सही कलर का इस्तेमाल करें

घर का लिविंग रूम आपकी लाइफ स्टाइल को दर्शाता है। एक शानदार झलक, आंखों को भाने वाले सामान, और दीवारों पर सही रंग आपके लिविंग रूम को एक प्रभावशाली रूप प्रदान करते हैं। लिविंग रूम के लिए वास्तु का विज्ञान ये कहता है कि लिविंग रूम में किया गया रंग-रोगन, इंटीरियर, आपके घर को स्टाइलिश और आकर्षक बनाता है। वाइब्रेंट रंग वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा पैदा करते हैं और आपको खुश और संतुष्ट महसूस कराते हैं।

लिविंग रूम की दीवारों को सजाने के लिए पेस्टल और लाइट शेड चुनें। हल्का गुलाबी, सफेद, क्रीम, सफेद, कुछ अच्छे रंग हैं जो आपके लिविंग रूम को एक शानदार रूप देंगे। प्रत्येक रंग शुद्धता, पूर्णता, शांति और सुंदरता का प्रतीक है। अपने डाइनिंग एरिया को पीच, पीले, केसरिया और हल्के पीले रंगों के साथ पेंट करें।

आपके लिविंग रूम में शानदार फर्नीचर के साथ जीवंत रंग या पेंटिंग, आपके जीवन मे खुशहाली लाएगी और पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा पैदा करेगी। लिविंग रूम के लिए कुशन और ड्रेप्स के लिए हमेशा सुनहरे रंग या चमकदार गुलाबी रंग चुने, ये रंग घर के माहौल को जीवंत बनाता है।

वास्तु के अनुसार, लिविंग रूम को डिज़ाइन करने से पहले आपको कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। उदाहरण के लिए, लिविंग रूम की दीवारों को पेंट करने के लिए लाल और काले जैसे गहरे रंगों का उपयोग करने से बचें। लिविंग रूम में कोई बीम नहीं होना चाहिए।
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