वास्तु के अनुसार कैसा होना चाहिए ऑफिस का रंग

रंग केवल मकान या कमरे की सुंदरता के लिए ही नहीं होते हैं, इनके अलग मायने हैं। रंग ही होते हैं जो ब्रह्मांड से नकारात्मक या सकारात्मक ऊर्जा को आपकी तरफ लेकर आते हैं। ऐसे में आपके कार्यस्थल या ऑफिस के रंग भी आपकी सफलता या असफलता के लिए महत्वपूर्ण कारक सिद्ध हो सकते हैं। ऑफिस का रंग कैसा है, यह तय करता है कि सफलता कितनी आसानी से मिलेगी और आपको कितनी उपलब्धियां हासिल होंगी।

हर दिशा पर किसी न किसी ग्रह का प्रभाव होता है, उस दिशा के कोई देवता होते हैं और प्रकृति से जुड़ा तत्व होता है। अगर बिना सोचे समझे किसी दिशा में उसके प्रतिकूल कोई रंग करवाया जाता है या किसी तरह का चित्रण करवाया जाता है, तो यह विपरीत असर डाल सकता है। मसलन व्यापार में श्रमिकों से जुड़ी परेशानी पैदा हो सकती है, नुकसान हो सकता है और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति पेश आ सकती हैं। कानून से जुड़े मामले पैदा हो सकते हैं साथ ही और भी बहुत सी परेशानियां आ सकती हैं। ऐसे में कार्यालय के रंग से जुड़े वास्तु टिप्स बता रहे हैं, जो व्यापार को दिन दोगुनी उन्नति की तरफ ले जा सकता है।

जैसा की हमने ऊपर बता दिया है कि रंगों का व्यापार पर बहुत प्रभाव होता है। यह नकारात्मक या सकारात्मक ऊर्जा के संवाहक होते हैं। यही हमारी सफलता या असफलता पर असर डालते हैं।

  • वाइट, ऑफ वाइट या फिर सिल्वर वाइट रंग उत्तर, पूर्व या उत्तर पूर्व और दक्षिण पश्चिम दिशा में करने से वित्तीय स्थायित्व आता है।
  • अगर कोई ऑफिस में हरा रंग करवाना चाहता है तो हल्का हरा रंग उत्तर दिशा की दीवारों पर करवाया जा सकता है। हरे रंग की दूसरी शेड्स दक्षिण पश्चिम दिशा की दीवारों पर की जा सकती है।
  • दक्षिण का स्वामी मंगल होता है, ऐसे में इस तरह की दीवारों पर लाल या भूरे रंग का पेंट किया जा सकता है।

ऑफिस की दीवारों पर रंग रोगन करवाने से पहले वास्तु के टिप्स पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।


ऑफिस कलर के लिए वास्तु टिप्स

  • वास्तु के मुताबिक ऑफिस में रंग रोगन के लिए हमेशा लाइट शेड्स को प्राथमिकता देनी चाहिए। फिर भी यदि आप अलग-अलग रंग अपने ऑफिस में करवाने के इच्छुक हैं तो आपको वास्तु टिप्स का ध्यान रखना होगा।
  • यह ध्यान देने वाली बात है कि अगर ऑफिस के कमरे छोटे हैं तो हल्के रंग कराए जाने चाहिए। हल्के रंगों को अधिक महत्वपूर्ण माना गया है। इससे कमरे में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
  • वास्तु के मुताबिक अगर ऑफिस के कमरे बहुत बड़े हैं तो उसमें अलग-अलग रंगों का प्रयोग किया जा सकता है। लेकिन ये रंग वास्तु के नियमों के मुताबिक होने चाहिए।
  • यहां किसी भी रंग का चयन करने से पहले दिशाओं व अग्नि, पृथ्वी, जल, वायु और आकाश जैसे तत्वों के बीच मौजूद संबंध को समझना जरूरी होता है। हर तत्व के लिए एक खास तरह का रंग तय होता है।
  • ऐसी जगह जहां कर्मचारी अवकाश के समय आराम करते हैं, उस जगह का रंग नीला करवाया जा सकता है। यह शांति व विश्राम का प्रतीक होता है।
  • अगर कोई स्टार्टअप कंपनी है तो उसके ऑफिस में हरा रंग करवाना सही रहता है, यह रंग नए विचारों नए आइडिया का प्रतीक है।
  • अगर ऑफिस में कई कमरे हैं, तो वास्तु के मुताबिक ऑफिस के उत्तरी दिशा के कमरों में हरा रंग किया जाना चाहिए।
  • ऑफिस के दक्षिण व पश्चिम में स्थित कमरों में ग्रे रंग किया जाना चाहिए।
  • पीला या ऑफ वाइट कलर दूसरी दिशाओं में स्थित कमरों में किया जा सकता है।
  • दीवारों की तुलना में छत पर हल्का रंग किया जाना चाहिए।
  • नीला, काला, भूरा या गहरा रंग अच्छा नहीं माना जाता है।

जानिए आपके ऑफिस के लिए कौन सा रंग सबसे अच्छा है
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वास्तु के मुताबिक अलग-अलग विभागों का रंग भी अलग-अलग होना चाहिए।

  • प्रबंध निदेशक का कमरा दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए। इस कमरे के लिए गुलाबी या पीला रंग सबसे बेहतर होता है। गुलाबी रंग सौहार्द को बढ़ाता है और पीला समृद्धि को। लाल, भूरा या हरा रंग करवाने से बचना चाहिए। ये रंग कंपनी के एमडी के पक्ष में काम नहीं करते।
  • मार्केटिंग विभाग उत्तर पश्चिम दिशा में होना चाहिए। उसमें ऑफ वाइट रंग करवाना चाहिए। यह रंग ग्राहकों के साथ अच्छे संबंध स्थापित करता है, इससे कंपनी के विस्तार में सहायता मिलती है।
  • अकाउंट डिपार्टमेंट उत्तर में होना चाहिए। यह कुबेर का स्थान होता है, जो धन के देवता हैं। हल्का हरा रंग किया जाना चाहिए, यह इस दिशा के लिए सबसे अच्छा होता है।
  • कंपनी के जिम्मेदार व्यक्तियों व सीनियर अधिकारियों का कमरा दक्षिण में होना चाहिए। ऐसे लोगों को बिना किसी भावना में बहे बड़े और कड़े फैसले लेने होते हैं। ऐसे लोगों के कमरों को गहरे रंग के शेड्स से सजाया जाना चाहिए। हल्के रंग ऐसे लोगों को आलसी व कमजोर बना सकते हैं।
  • कांफ्रेंस हॉल लाइट, वाइट, क्रीम या पीले रंग से रंगे जाने चाहिए। यह स्थान उत्तर में होना चाहिए।
  • शौचालय दक्षिण पूर्व में होना चाहिए, इनमें पीले रंग का उपयोग किया जाना चाहिए। यह भी एक ऑफिस के लिए जरूरी स्थान हैं।

सामान्य सवाल- FAQs

ऑफिस के लिए कौन सा कलर सबसे बेस्ट है?
नीला: दिमाग
नीला रंग दिमाग को क्रियाशील बनाए रखता है, साथ ही उत्तेजित रखता है और कार्य में दक्षता को बढ़ाता है। नीला रंग उद्यमी को अपने काम के प्रति फोकस्ड बनाए रखता है। बही खातों से जुड़े काम की जगह पर नीला रंग प्रभावित करता है।

लाल: शरीर
लाल रंग आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित करता है। शारीरिक क्षमता वाले कार्यों में ऊर्जा का स्तर बढ़ाता है और सफलता को आसान बनाता है।

पीला: भावना
पीला रंग भावनाओं को प्रदर्शित करता है। रचनात्मक कार्यों की जगह के लिए यह होना बेहद लाभदायक होता है। यह कार्य के लिए प्रेरित करता है और भावनाओं को बनाए रखता है।

हरा: संतुलन
हम हरे रंग को धन का रंग मानते हैं, समृद्धि का रंग मानते हैं। हरा रंग संतुलन, सौम्यता, सुगमता और सांत्वना का प्रतीक होता है। यह रंग कार्यालय में उन्नति और प्रगति को आसान करता है।

ऑफिस के लिए कौन सी फेसिंग सही होती है?
कार्यालय उत्तर, उत्तर पूर्व या उत्तर पश्चिम दिशा में होना चाहिए। उत्तर, उत्तर पूर्व या उत्तर पश्चिम दिशा को व्यापार के लिए अनुकूल और ऊर्जा का संचार करने वाला माना जाता है। यह वास्तु के मुताबिक भी ऑफिस के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसा करना कर्मचारियों को उत्साह से भरा और कंपनी के हित में बनाता है। उत्तर क्षेत्र कुबेर का स्थान माना जाता है।

कौन सा रंग सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है?
ऑफिस में अगर पीला, नारंगी, गुलाबी या लाल रंग हो तो यह बेहद उत्साही रंग माने जाते हैं। यह काम के लिए सदैव प्रेरित करते हैं। यह रंग जितना हल्का और आकर्षक होगा, उम्मीद और खुशी उतनी ही अधिक मिलती रहेगी।


अंतिम शब्द

यहां ध्यान देने वाली अहम बात यह भी है कि रंगों का चयन करना तो महत्वपूर्ण है ही, इसके साथ ही यह बात भी जरूरी है कि आपके ग्राहकों, अपने साझेदारों व अपने कर्मचारियों के साथ कैसे संबंध है। उनके साथ बनाए गए अच्छे संबंध ही आपको सफलता की ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। वास्तु के मुताबिक चयन किए गए रंग उसमें आपकी मदद जरूर करेंगे लेकिन आपके संबंध ही आपको उन्नति की राह पर उत्तरोत्तर आगे बढ़ते ले जाएंगे।