मंगल है क्रोध का मूल, जानें कैसे करें इसकी रोकथाम

गुस्सा या क्रोध एक भावना है। कभी कभार गुस्सा करना अच्छा भी होता है। क्या आप जानते हैं कि आपको बार बार गुस्सा क्यों आता है।

दरअसल यह आपकी कुंडली के दूसरे और बारहवें घर के कारण होता है। वहां कौन सा घर बैठा है यह तय करता है आपका गुस्सा। जब आप भावनात्मक रूप से आहत होते हैं, तो आपको गुस्सा आना स्वभाविक बात हो जाती है।

ऐसे कई ग्रह होते हैं जिनकी प्रकृति ऐसी होती है। जब वे कुंडली में बैठे होते हैं तो गुस्सा आ जाता है। मसलन सूर्य, मंगल, राहु, केतु जैसे ग्रह क्रूर ग्रहों की तौर पर जाने जाते हैं। वहीं धनु, मेष और सिंह एक व्यक्ति को कठोर व्यवहार करने के लिए प्रेरित करते हैं। क्रोध के लिए मंगल भी जिम्मेदार होता है।

हालांकि बेवजह का गुस्सा तनाव और अन्य कई तरह की परेशानी का सबब बन सकता है। परिवार और दोस्तों के बीच इस तरह के व्यक्ति को नापसंद किया जाता है। ज्योतिष में मंगल के क्रोध से बचने के कई उपाय हैं, उन्हें अलग अलग राशियों के लिए अपनाया जा सकता है।

मंत्र जपने के साथ ही कई अन्य उपाय भी होते हैं, जिनसे क्रूर ग्रहों के प्रभाव को कम किया जा सकता है। इनमें अंगूठी या कंगन में रत्न धारण किया जा सकता है। ओम नमो भगवते वासुदेवाय: इस मंत्र का जाप करके भी क्रोध शांत किया जा सकता है। हनुमान चालीसा का जाप भी सहायक सिद्ध होता है। यह आपको शांत और संतुष्ट रखता है।


किस राशि के जातक को जल्दी गुस्सा आता है

चूंकि क्रोध एक भावना है तो अपना तनाव कम करने का सबसे बेहतर विकल्प गुस्सा दिखाना ही माना जाता है। यह आपके रिश्ते को नुकसान पहुंचा सकता है। कुछ लोग होते हैं जो छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा हो जाते हैं। बरसने लगते हैं। चिड़चिड़ापन उनके स्वभाव का हिस्सा बन जाता है। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे होते हैं जो कम गुस्सा होते हैं। वे बातों को संभालने में माहिर हो जाते हैं। हर बात पर क्रोधित नहीं होते हैं।

जो लोग हर बात में गुस्सा होने लगते हैं, तो यह उनके स्वभाव का एक हिस्सा बन जाता है। चाहे अनचाहे उन्हें गुस्सा आने लगता है। वे गुस्से पर काबू नहीं रख पाते हैं।

मंगल क्रूर ग्रह होता है, ऐसे में दूसरी राशि वालों को चाहिए कि इससे जुड़े जातकों को बार – बार उत्तेजित न करें। कई बार गुस्सा हालात को बिल्कुल खराब बना देता है। हम आपको उन पांच राशियों के बारे में बता रहे हैं, जो आसानी से चिड़चिड़े हो जाते हैं। उन्हें जल्दी गुस्सा आ जाता है।

मेष राशि

मेष राशि के लोग विस्फोटक किस्म के होते हैं। वे अपनी भावनाओं को संभाल नहीं पाते हैं। जब कोई उन्हें नाराज करता है तो वे गुस्सा हो जाते हैं। यदि कोई ऐसा काम किया जाता है जो इन्हें नापसंद है तो इनका गुस्सा होना तय है। यह गुस्सा फूट सकता है। ये स्वभाव से जिद्दी और जुनूनी होते हैं। एक बात जरूर है कि ये जितना जल्दी गुस्सा होते हैं, उतना जल्दी ही इनका गुस्सा शांत भी हो जाता है। वे माफ भी कर देते हैं और भूल भी जाते हैं।

वृषभ

वृषभ राशि के लोग मेष राशि के बिल्कुल विपरीत होते हैं। वे अकड़ वाले होते हैं, लडऩा उन्हें पसंद होता है। जब गुस्सा आता है तो ये तेज तेज बोलने लगते हैं। वैसे तो आम तौर पर ये निष्क्रीय से होते हैं, धैर्यवान और शांत स्वभाव के भी होते हैं लेकिन एक बार अगर इन्हें गुस्सा आ जाए तो फिर शांत करना बहुत ही मुश्किल होता है।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातक परफेक्शनिस्ट होते हैं। ये लोगों से बहुत उम्मीद करते हैं, जब ये उम्मीदें पूरी नहीं होती है तो ये गुस्सा हो जाते हैं। ये अपने शब्दों पर नियंत्रण नहीं रख पाते हैं। कई बार गलत शब्द इस्तेमाल कर लेते हैं। इनका गुस्सा एकाएक फटता नहीं है, ये अपने गुस्सों को पहले नियंत्रित रखते हैं, लेकिन एक बार गुस्सा होने के बाद को तो ये किसी की नहीं सुनते। इनसे माफी की उम्मीद नहीं की जा सकती है। अगर आप उनके बहुत ही खास हैं तो ही ये आपको माफ करेंगे अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।

सिंह राशि

सिंह राशि सबसे उग्र राशियों में से एक है। ये मेष की तुलना में अधिक शरारती और चंचल भी है। इनमें सहनशीलता नहीं होती है। तानाशाह टाइप के होते हैं। ये हमेशा तेज-तेज बोलते हैं, गलत शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। वाज-विवाद में हमेशा जीतना चाहते हैं। इनका कठोर व्यवहार रिश्तों को बिगाड़ सकता है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के व्यक्ति स्वभाव से क्रूर, कठोर और सख्त होते हैं। वे जानते हैं कि वे क्या चाहते हैं और उसे कैसे पाना है। ये आम तौर पर अपना गुस्सा जाहिर नहीं करते हैं। अगर आप कुछ गलत करते हैं तो इनके क्रोध का भागी बनना पड़ सकता है। एक बार जब उनका गुस्सा शांत हो जाएगा, तो वे आपके पास आएंगे। वे सिर्फ आपसे आपका समय और अपने लिए सही स्थान चाहते हैं।


कौन सी राशि सबसे अधिक क्रोधित होती है

क्रोध से निपटने का सबका अपना अपना तरीका होता है। जैसे कि कुछ लोग होते हैं जो ज्वालामुखी की तरह एकाएक फट जाते हैं जबकि कुछ लोग शांत रहते हैं, उनके मन में भले ही गुस्सा पल रहा हो, लेकिन वे सहज रहते हैं। वे तब तक कुछ नहीं कहते जब तक की उनके साथ कुछ गलत नहीं किया जाता। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो छोटी छोटी बात पर भड़क जाते हैं।

हममें से भी कुछ लोग ऐसे होते हैं कि जो बिना किसी वजह के परेशान और आक्रामक हो जाते हैं। क्रोध परेशानी पैदा करता है, इसे नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। क्रोध को नियंत्रित करने के लिए बहुत धैर्य और

मानसिक शक्ति की जरूरत होती है। हर राशि की अपनी अलग विशेषताएं होती हैं। व्यवहार के अपने गुण होते हैं। ज्योतिष के मुताबिक तीन राशियां होती हैं, जिन्हें सबसे अधिक गुस्सा आता है। इन्हें सर्वाधिक क्रोधी माना जाता है। मेष, वृश्चिक और कुंभ राशि अपने अप्रत्याशित क्रोध के लिए जानी जाती है। हम आपको बताने जा रहे हैं इन राशि के क्रोध के बारे में और उसे शांत करने के लिए उपायों के बारे में।

मेष राशि

मेष राशि ज्योतिष की दुनिया में सबसे गुस्से वाली राशियों में से एक है। मंगल मेष राशि का स्वामी ग्रह है और यही मेष राशि के कार्यों के लिए जिम्मेदार होता है। इस राशि के लोग अक्सर बिना सोचे-समझे कुछ भी कह देते
हैं। बेमतलब घूमते रहते हैं। मेष राशि वाले जिद्दी और जुनूनी होते हैं। अधीर होते हैं और छोटी-छोटी बातों पर आसानी से चिढ़ जाते हैं।

मंगल के क्रोध प्रबंधन के अनुसार मेष राशि को सबसे क्रोधी और चंचल राशियों में से एक माना जाता है। तनाव और क्रोध के प्रभाव को कम करने के लिए मेष राशि वालों को दौडऩा, टहलना, चलना और वेट लिफ्टिंग जैसे कामों में भाग लेना चाहिए। ये एथलेटिक गतिविधियां उन्हें अपने गुस्से वाले स्वभाव को शांत करने में मदद करती है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक ऐसी दूसरी राशि है जिस पर नियंत्रण नहीं रखा जा सकता है। वृश्चिक का स्वामी ग्रह मंगल और प्लूटो होते हैं। वृश्चिक राशि के लोग उग्र और कठोर होते हैं। यह राशि अपने शत्रुओं का नाश करने में माहिर होती है। आम
तौर पर, वे अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं करते हैं। लेकिन अगर कोई उन्हें चोट पहुंचाता है, तो वे आपके लिए सबसे खतरनाक व्यक्ति साबित हो सकते हैं। अगर एक बार क्रोधित होने के बाद आप उनसे दोबारा जोड़ना चाहते हैं तो केवल तभी जुड़ सकते हैं, जब वे चाहेंगे। मार्शल आर्ट, योग और ध्यान का अभ्यास इनकी ऊर्जा को नियंत्रित करने का सबसे अच्छा तरीका होता है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातक मेष और वृश्चिक राशि वालों से थोड़े अलग होते हैं। आप उनके व्यवहार की कल्पना कभी नहीं कर सकते। कोई भी नहीं बता सकता कि उन्हें गुस्सा क्यों आया। इस राशि के लोग वाद-विवाद और संघर्षों को पसंद नहीं करते हैं। ये अगर क्रोधित होते हैं तो किसी से भी बिना कारण ही संबंध तोड़ भी सकते हैं। इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग इनके बारे में क्या सोचते हैं। यात्रा करना और ध्यान लगाना, इनके लिए बेहतर साबित हो सकता है।


क्रोध के लिए कौन सा ग्रह जिम्मेदार होता है

हम रोज दिन भर में अलग-अलग भावनाओं का अनुभव करते हैं। क्रोध भी उनमें से एक है। अक्सर हम भावनाएं व्यक्त नहीं कर पाते हैं। एक व्यक्ति जहां क्रोध को बुरी तरह व्यक्त करता है तो वहीं दूसरा उसे नियंत्रित कर लेता है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, प्रत्येक राशि का क्रोध को व्यक्त करने का अपना तरीका होता है। यहां हम चर्चा करेंगे कि विभिन्न राशि वाले इस भाव से कैसे निपटने हैं।

मेष राशि में मंगल: क्रोध और व्यावहारिक गुण

मेष राशि में मंगल वाले लोग बहुत ऊर्जावान और क्रोधी स्वभाव के होते हैं। वे जल्द ही शांत भी हो जाते हैं। इनके मन में किसी के प्रति द्वेष या कड़वाहट नहीं होती है। ये त्वरित निर्णय लेते हैं। मंगल क्रोध प्रबंधन के मुताबिक बदली तिथियों के अनुसार मेष राशि वाले अपने गुस्से पर सहजता से काबू पा सकते हैं। सीधे उसका सामना कर सकते हैं।

वे आसानी से चीजों को माफ कर देते हैं और भूल जाते हैं, लेकिन उन्हें कभी इस बात का एहसास नहीं होता है कि उनके कठोर शब्द उनके रिश्तों में मतभेद पैदा कर सकते हैं। मेष राशि के लोग सहज ज्ञान रखने वाले होते हैं और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। इस राशि वाले जहां आवेगी स्वभाव के होते हैं, वहीं सरल व परिवर्तन पसंद करते हैं। वे चुनौतियों का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

वृषभ राशि में मंगल: क्रोध और व्यावहारिक गुण

वृषभ राशि में मंगल वाले लोग मेष राशि वालों से बिल्कुल विपरीत होते हैं। ये आक्रामक होते हैं। इन्हें वाद-विवाद, बहस बिल्कुल पसंद नहीं होती है। ये एकाएक फटते हैं, आक्रामक और हावी हो जाते हैं। वैसे तो सामान्य तौर पर वृषभ के जातक स्वभाव से शांत होते हैं। ये आसानी से चिड़ते नहीं है, वे अपनी भावनाओं को अलग तरीके से व्यक्त करते हैं। वे अपने इच्छित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। ज्योतिष में मंगल क्रोध प्रबंधन में बताया गया है कि मार्च के साथ पैदा हुए लोग बहुत समझदार होते हैं। आप उन्हें आसानी से उत्तेजित नहीं कर सकते। अगर वे एक बार क्रोधित हो जाते हैं तो उनसे पार नहीं पाई जा सकती है।

मिथुन में मंगल: क्रोध और व्यावहारिक गुण

अगर आप मिथुन राशि के जातक हैं तो आपका ध्यान अपने लक्ष्य से जल्द ही भटक सकता है। मिथुन राशि में मंगल वाले लोग धीरे धीरे आगे बढ़ते हैं। वे बिना कुछ किए आसानी से बोर हो जाते हैं। मिथुन राशि को ऊर्जा का पावर हाउस कहा जाता है। मिथुन राशि वाले आसानी से क्रोधित नहीं होते हैं। अगर जब वे क्रोधित होते हैं, तो वे अपनी भावनाओं को छिपा नहीं सकते। वे अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए सही शब्दों का प्रयोग करते हैं। जब कोई उन्हें ठेस पहुंचाता है तो वे अपनी बात को व्यंग्य पूर्ण तरीके कहते हैं। वे स्वभाव से बातूनी होते हैं। नई चीजों के प्रति आकर्षित होते हैं। संवाद स्थापित करने में उनका कोई सानी नहीं होता है। ये वाद-विवाद करना पसंद करते हैं।

कर्क राशि में मंगल: क्रोध और व्यावहारिक गुण

कर्क राशि में मंगल के लोग निष्क्रिय और आक्रामक स्वभाव के होते हैं। वे अपने जीवन में कुछ भी बदले बिना संतुलन स्थापित करना चाहते हैं। वे समस्याओं का सामना करने और बहस करना पसंद नहीं करते हैं। अपने आप को लेकर सुरक्षात्मक रवैया अपनाते हैं। जब भी वे खुद अपने आप को बेहतर करने का प्रयास करते हैं तो थोड़ा गंभीर हो जाते हैं। वे अपनी मनचाही मुराद को पूरा करने के लिए कूटनीति का उपयोग करने से गुरेज नहीं करते हैं। अगर उन्हें लगता है कि वे कहीं फंस गए हैं तो डिफेंसिव मोड में आ जाते हैं।

सिंह राशि में मंगल: क्रोध और व्यावहारिक गुण

सिंह राशि के जातक बहुत महत्वाकांक्षी होते हैं और हमेशा चीजों को अलग तरीके से करने की कोशिश करते हैं। सिंह राशि में मंगल वाले लोग बहुत भावुक होते हैं और अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की तीव्र इच्छा रखते हैं। इन्हें खतरे उठाना पसंद होता है। सिंह उग्र राशियों में से एक हैं और इस राशि के लोग मेष राशि की तुलना में अधिक उग्र व्यक्तित्व वाले होते हैं। वे अपनी भावनाओं को छुपाते नहीं हैं। इस राशि के जातकों के
व्यवहार से अक्सर लोग आहत होते है। हालांकि हमेशा ऐसा नहीं होता कि सिंह राशि के लोग क्रोधित होकर दूसरों को चोट पहुंचाते हैं। उनका गुस्सा भड़कने के तुरंत बाद ही शांत भी हो जाता है।

कन्या राशि में मंगल: क्रोध और व्यावहारिक गुण

कन्या राशि में मंगल का होना किसी के लिए शत्रुता का भाव पैदा नहीं करा है। ये आलोचनात्मक तो होते हैं, लेकिन किसी का नुकसान नहीं करते। ये अपना गुस्सा आसानी से जाहिर नहीं करते हैं। अगर आप उन्हें क्रोधित करते हैं और उनका गुस्सा फूट पड़ता है तो उन्हें संभालना मुश्किल हो जाता है। वे कभी-कभी बहुत संवेदनशील हो जाते हैं और चिंता और बेचैनी के शिकार हो जाते हैं। ये कई बार जिद्दी भी हो जाते हैं। कन्या राशि वालों की सबसे अच्छी बात यह है कि ये अत्यधिक ऊर्जावान और काफी साहसी होते हैं।

तुला राशि में मंगल: क्रोध और व्यावहारिक गुण

तुला राशि में मंगल वाले लोग काफी परिपक्व होते हैं और लड़ाई-झगड़े से बचते हैं। वे विवादों से दूर रहते हैं। आमतौर पर ये स्वभाव से शांतिप्रिय होते हैं और आसानी से अपना गुस्सा नहीं दिखाते। अगर ये किसी से नाराज होते हैं तो उनसे बात करने से बचते हैं।

वृश्चिक राशि में मंगल: क्रोध और व्यावहारिक गुण

वृश्चिक राशि में मंगल के साथ जन्म लेने वाले लोग अत्यधिक महत्वाकांक्षी होते हैं और अपने लक्ष्य में सफल होने तक प्रयास करते रहते हैं। वे अत्यधिक फोकस्ड और दृढ़ हैं। अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। वृश्चिक के जातक स्वभाव से सख्त होते हैं और अपनी भावनाओं, विशेषकर क्रोध को व्यक्त नहीं करते हैं। यदि आप उन्हें चोट पहुंचाते हैं तो ही वे आपको अपना प्रतिद्वंदी मानेंगे। आप यह सोच भी नहीं पाएंगे कि वे बदला किस तरह लेंगे। वृश्चिक राशि वाले चोट पहुंचाने वाले या धोखा देने वालों से दूर रहते हैं।

धनु राशि में मंगल: क्रोध और व्यावहारिक गुण

धनु राशि के लोग अपने व्यंग्यात्मक स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। इसके साथ ही, धनु राशि का एक गुण उग्रता भी होता है। उनका गुस्सा आसानी से भड़क सकता है। वे हमेशा विवादों से दूर रहते हैं। अपने अधीर स्वभाव के कारण इस झगड़ों से परहेज करते हैं। हां, अगर किसी ने उनका भरोसा तोड़ा तो उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं। अन्य राशियों के विपरीत धनु राशि वाले कड़वे शब्दों का प्रयोग कर सकते हैं। अगर गुस्सा तेज हो जाए तो उसे काबू करने में समय लगता है।

मकर राशि में मंगल: क्रोध और व्यावहारिक गुण

मकर राशि वाले काफी परिपक्व होते हैं। उनका अपनी भावनाओं पर बहुत अधिक नियंत्रण होता है। वे अपनी नाराजगी और क्रोध समय आने पर ही दिखाते हैं, जो उन्हें चोट पहुंचाता है, उसे सही समय पर जवाब देते हैं। मकर राशि वाले चीजों को आसानी से जाने नहीं देते हैं। एक बार वे नाराज हो जाएं तो उन्हें अपने सामान्य स्वभाव में वापस आने के लिए काफी समय लगता है। मंगल के साथ मकर राशि में जन्म लेने वाले लोग अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित होते हैं। उनका आत्म-नियंत्रण और दृढ़ इच्छा-शक्ति उन्हें अपने क्रोध को नियंत्रित करने में मदद करती है। वे दिखावे में विश्वास नहीं करते हैं।

कुंभ राशि में मंगल: क्रोध और व्यावहारिक गुण

कुंभ राशि में मंगल के साथ जन्म लेने वाले लोग काफी भावुक होते हैं और अपने गुस्से को छुपा नहीं पाते हैं। वे विवाद से बचने की कोशिश करते हैं। वे आत्म-सुरक्षा को लेकर गंभीर होते हैं। वे अगर किसी से नाराज होते हैं
तो दूरियां बन लेते हैं। इन्हें किसी का नजरअंदाज किया जाना पसंद नहीं आता है। यह उनके गुस्से को भड़का सकता है। ये स्वभाव से बहुत संवेदनशील होते हैं। उन्हें सरप्राइज और मस्ती पसंद आती है। वे आत्मनिर्भर होते हैं और दूसरों की स्वतंत्रता का बहुत सम्मान करते हैं।

मीन राशि में मंगल: क्रोध और व्यावहारिक गुण

मीन राशि में मंगल के साथ जन्म लेने वाले जातक स्वभाव से कोमल, भावुक और आत्मविश्वास से भरे होते हैं। जीवन में अगर कुछ गलत होता है तो ये खुद को दोष देने लगते हैं। इनमें बहुत अधिक निराशा और क्रोध होता है। अक्सर मीन राशि वाले अपने गुस्से का इजहार नहीं कर पाते हैं। वे अपने अंदर अपराध बोध और अवसाद की भावना से ग्रसित हो जाते हैं। लोगों को माफ करना और बातों को भूलना, यही इनका स्वभाव होता है।