दशम भाव में बृहस्पति का आपके जीवन पर प्रभाव


परिचय (Introduction)

बृहस्पति आध्यात्मिक गुरु हैं। लंबे अरसे से वे ऐसा करते आ रहे हैं। जी हां, आपने इसे लेकर बिल्कुल सही अनुमान लगाया है। हमारे जीवन को उन्होंने बड़ा ही सरल और आरामदायक कई तरीकों से बना दिया है। मूल जातकों को बृहस्पति मानसिक रूप से इतना मजबूत बना देता है, जिससे कि उन्हें आगे बढ़ने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं, उनका आध्यात्मिक विकास भी उल्लेखनीय तरीके से हो पाता है। ये जितनी भी चीजें होती हैं, ये इस विशाल ग्रह की अनुकूल स्थिति में होने पर ही हो सकती हैं।

दशम भाव जब बृहस्पति की मेजबानी करता है, तो ऐसे में आपके जीवन का अच्छा वक्त खराब होने लगता है। यह भी हो सकता है कि आपको अपने कॅरियर या फिर पेशे में कामयाबी तुरंत न मिलकर देरी से मिले। इतना ही नहीं, समाज में जो आपकी एक अच्छी छवि बनी हुई है, वह भी यह आपसे छीन सकता है। इसकी वजह से आपकी सामाजिक स्थिति को भी काफी नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है। इन प्रतिकूल चीजों के साथ बहुत ही अनुकूल चीजें भी हैं। मूल जातकों को बृहस्पति से कई सारे लाभ भी मिल सकते हैं। उदाहरण के लिए कठिन समय में खुद को जीवित रखने के लिए ऐसे दिमाग की आवश्यकता होती है, जो कि चीजों का सही तरीके से विश्लेषण कर सके। बृहस्पति इस तरह का न केवल दिमाग प्रदान करता है, बल्कि वह जरूरी ज्ञान और ताकत भी प्रदान करता है। बृहस्पति से जातकों को इस तरह के गुणों की प्राप्ति होती है, जिससे कि उनके लिए अपने जीवन को जीना आसान हो जाता है।


दशम भाव में बृहस्पति का क्या अर्थ है (What Does Jupiter In The 10th House Mean)?

दशम भाव का संबंध जातक के जीवन में उसके कॅरियर से होता है। साथ ही इसका संबंध जातक के पेशे से भी होता है। इस भाव की जो ताकत होती है और इस भाव में जो गोचर करने वाले ग्रह होते हैं, वे जातकों के पेशेवर जीवन को बेहतर तरीके से परिभाषित करने का काम करते हैं। इसे समझना हम आपके लिए और भी सरल बना देते हैं। दसवें भाव में बृहस्पति का मतलब यह होता है कि बृहस्पति पेशे के भाव से गुजर रहा है। यह आपको एक राह बता देता है और उसी पर आगे बढ़ने के लिए आपको निर्देश देता है।

दशम भाव में आपके बृहस्पति का मजबूत होना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। वह इसलिए कि बृहस्पति के मजबूत होने से आपको अपने कॅरियर के लिए सही मार्ग चुनने में मदद मिल सकती है। एक प्रोफेसर, व्यवसायी या फिर न्यायाधीश बनने के आपको बहुत से अवसर इसकी वजह से प्राप्त हो सकते हैं। वहीं, यदि बृहस्पति राहु या केतु से जुड़ा होता है, तो ऐसे में जातकों को बृहस्पति का आशीर्वाद नहीं मिल पाता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि ये अशुभ ग्रह जातकों के मार्ग में बाधा उत्पन्न करने लगते हैं। जिन जातकों के दसवें भाव में बृहस्पति होता है, वे न केवल अपने घर पर नियंत्रण रखते हैं, बल्कि अपने कार्यस्थल पर भी उनकी खूब चलती है। इसकी वजह यह है कि मूल जातकों के आसपास मौजूद लोगों को उनके मूल्यों का एहसास होने लगता है।

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दशम भाव में बृहस्पति द्वारा प्रभावित होने वाले जीवन के क्षेत्र (Areas of Life Affected By Jupiter in the 10th house)

  • दृष्टिकोण
  • पेशेवर जिंदगी
  • स्वयं की छवि
  • ज्ञान

दसवें भाव में बृहस्पति का प्रभाव (Impacts Of Jupiter In The 10th House)

बृहस्पति का दसवें भाव में होना कई तरीके से लाभ पहुंचाने वाला होता है। इसकी वजह यह है कि पीले रंग का यह ग्रह अपने जातकों को नैतिक मूल्यों से भर देता है। साथ ही यह अपने जातकों को जीवन के सिद्धांतों से भी अवगत कराता है। ये नैतिक मूल्य और जीवन सिद्धांत जातकों को गरिमा के साथ जिंदगी बिताने में मदद करते हैं। नीचे यह बताया गया है कि किस तरीके से दशम भाव बृहस्पति जातकों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

सकारात्मक प्रभाव (Positive Impacts)

बृहस्पति जब दसवें भाव में प्रवेश करता है, तो हो सकता है कि जातकों पर सकारात्मक प्रभाव कम पड़े। मुख्य रूप से कॅरियर और पेशे के क्षेत्र में ऐसा होता है। बृहस्पति ग्रह जातकों को अपने जीवन में बड़ी तस्वीर देखने में मदद कर सकता है। इसका मतलब यह हुआ कि जातक किसी चीज के बारे में बहुत दूर तक सोच सकते हैं। इसके अलावा बृहस्पति का दसवें भाव में गोचर होने से आपको अपने व्यवसाय में इतने अवसर मिलते हैं कि आप इसका विस्तार कर सकते हैं। इसी तरीके से अपने कॅरियर में भी आपको आगे बढ़ने के भरपूर मौके मिलते हैं। मूल जातक उन लोगों का आभार मान सकते हैं, जिन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों में उनकी ओर मदद का हाथ बढ़ाया है। वैसे, यह बहुत ही दुर्लभ होने वाला है, क्योंकि उनकी अच्छी छवि की वजह से दूसरों से उन्हें ऐसी मदद मिल सकती है, जिनकी उन्होंने कभी अपेक्षा भी नहीं की होगी।

पेशे के भाव में बृहस्पति का गोचर होने से दशम भाव अपने जातकों को उस क्षेत्र में प्रसिद्धि प्राप्त करने में मदद करता है, जिसमें वे काम कर रहे हैं। उनके कठिन परिश्रम की वजह से उन्हें ख्याति प्राप्त हो सकती है। इसके अलावा अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जातक बड़े ही समर्पित होकर काम कर सकते हैं। मूल जातकों को अपने बड़े ही नजदीकी लोगों से भरपूर समर्थन और विश्वास की भी उम्मीद रहती है। अपने पेशेवर जीवन के अलावा अपनी निजी जिंदगी में भी जातक पहले से बेहतर सामंजस्य होने की उम्मीद कर सकते हैं। अपने दशम भाव में बृहस्पति की वजह से जातक अपने ज्ञान का और विस्तार कर सकते हैं। ऐसे में संभव है कि बहुत से लोग सलाह लेने के लिए उनके पास पहुंचने शुरू हो जाएं। इस वजह से जिन लोगों से जातक का जुड़ाव होता है, उनके लिए वे हीरो बन सकते हैं। दशम भाव में बृहस्पति वाले जातक अपने रिश्ते में आध्यात्मिकता को बढ़ावा देने लगते हैं। साथ ही रिश्ते में जरूरी अन्य चीजों को भी वे पूरा कर सकते हैं।

नकारात्मक प्रभाव (Negative Impacts)

दशम भाव में बृहस्पति के होने की वजह से आपकी जिंदगी पहाड़ियों के शिखर पर हो सकती है। इसका मतलब यह हुआ कि इसके कारण आपके अंदर जो नेतृत्व करने वाले गुण मौजूद हैं, वे छिन सकते हैं। इतना ही नहीं, आपके कॅरियर या फिर आपके व्यवसाय के रास्ते में भी इसकी वजह से बहुत सी बाधाएं पैदा हो सकती हैं। ऐसे में आपको यही सलाह दी जाती है कि अपनी सीमाओं को आप कभी भी लांघने की कोशिश नहीं करें। नहीं तो इस बात का अंदेशा है कि अपने कार्यालय में अपने वरिष्ठ लोगों या फिर अधिकारियों के साथ आपके रिश्ते बिगड़ सकते हैं। अब चूंकि बृहस्पति एक बड़ा ही लाभकारी ग्रह है, ऐसे में ये चीजें दुर्लभ तो हो सकती हैं, मगर फिर भी आपको बड़ी ही सावधानी के साथ आगे बढ़ने की जरूरत होती है।

क्या आपकी कुंडली में बृहस्पति पर किसी अशुभ ग्रह की दृष्टि है?
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दसवें भाव में बृहस्पति के होने से इस बात की भरपूर संभावना रहती है कि आप टीम में एक बहुत ही अच्छे खिलाड़ी के रूप में उभर कर सामने आएं। हालांकि इसके लिए यह बहुत ही जरूरी है कि आप अपनी ओर से ज्यादा से ज्यादा प्रयास करें। हो सकता है कि इस दौरान आपके अंदर जो स्वार्थ मौजूद है, वह भी खत्म हो जाए। यहां यह बहुत ही जरूरी होता है कि जातकों को इस बात का एहसास हो कि उनका लक्ष्य कितना महत्वपूर्ण है। साथ ही उनके लिए यह जानना भी बहुत ही जरूरी है कि उन्हें इसके लिए कितना अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है।


समापन

बृहस्पति के दशम भाव में होने पर इस तरीके से जातक के जीवन में चीजों में बदलाव आ सकता है। पेशे के भाव में बृहस्पति का नियंत्रण हो जाने पर जातकों पर सकारात्मक प्रभाव तो पड़ता ही है, मगर दूसरी ओर जातक ग्रहों के अत्यधिक नकारात्मक प्रभाव का भी सामना कर सकते हैं, जिसकी वजह से उनके जीवन को गंभीर नुकसान पहुंचने की भी आशंका बनी रहती है। इसलिए ज्योतिष विशेषज्ञ यह सुझाव देते हैं कि दूसरों के महत्व पर विचार करने के दौरान जातकों को बहुत ही सावधान रहना चाहिए। नहीं तो उनकी छवि को नुकसान पहुंचने का डर रहता है।

इतना ही नहीं, अपने रिश्ते में भी कोई भी गलत कदम उठाने की कोशिश जातकों को नहीं करनी चाहिए। नहीं तो इसकी वजह से बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। वैसे, इन तमाम बाधाओं के बावजूद जातकों को बृहस्पति की तरफ से मदद मिलती रहेगी, जिससे कि अकेले किसी काम को कर पाने में वे सक्षम होंगे। इसी के साथ हम यह कामना करते हैं कि गुरु बृहस्पति से आपको सीधे तौर पर आशीर्वाद प्राप्त होता रहे।