मिथुन के तीन डेक्कन (gemini decan) (दस दिनों का अंतराल) और ज्योतिष का महत्व

ज्योतिष में राशियों का बड़ा महत्व है। राशियों के आधार पर ही सारी ज्योतिष घूमती है। हर राशि चक्र को कई छोटे भागों में बांटा जाता है। इनके आधार पर ज्योतिष की गणना टिकी होती है। इनमें से एक होता है डेक्कन यानी राशि के लिए दस दिनों का अंतराल।


जेमिनी (मिथुन) क्विक बाइट्स

  • पहला मिथुन डेक्कन – ऐसे लोग जिनका जन्म 21 मई से लेकर 31 मई के बीच जन्म लेने वाला होता है। इसका स्वामी बुध होता है। यह ग्रह उन्हें जिज्ञासा और संवाद करने की कला से परिपूर्ण करता है।
  • दूसरा मिथुन डेक्कन – ऐसे लोग जो 1 जून से 10 जून के बीच जन्म लेते हैं, उनका स्वामी शुक्र होता है। वे सुंदरता से भरपूर होते हैं और करिश्माई व्यक्तित्व के धनी होते हैं।
  • तीसरा मिथुन डेक्कन – वे लोग जो 11 जून से 20 जून के बीच जन्म लेते हैं। शनि व यूरेनस इसके स्वामी होते हैं। इनमें बुद्धि व विकास का कौशल भरपूर होता है।

मिथुन डेक्कन क्या है?

एक डेक्कन आपकी राशि का दस डिग्री का एक टुकड़ा माना जा सकता है। डेक्कन को दस साल का अंतराल भी कहते हैं। भविष्यवाणी के लिहाज से ज्यादा अधिक सटीक होता है। दरअसल, बारह राशियों में हर एक राशि के चक्र लिए तीस डिग्री का भाग दिया गया होता है। हर राशि का तीस डिग्री का ये भाग, दस-दस डिग्री के तीन भागों में बंटा होता है, जिसे डेक्कन कहा जाता है।

आप में से जो लोग मिथुन राशि के जातक हैं, उनका जन्म 21 मई से 21 जून के बीच हुआ है। अगर आपका जन्म इन राशि के बीच हुआ है तो आपकी सूर्य राशि मिथुन है। हम आपको ज्योतिष से जुड़ी और भी गहन जानकारी उपलब्ध करवाने जा रहे हैं। मिथुन को तीन भागों में बांटने पर हमें दस-दस डिग्री के तीन भाग मिलेंगे।

अगर आप मिथुन राशि के जातक है, तो आपका संबंध किस डेक्कन से हम यह हम आपको बता सकते हैं।


पहला डेक्कन : 21 मई से 31 मई

इस तिथियों के बीच में जन्म लेने वाले जातक हैं तो आप बुद्धिमान होंगे। समझदारी आपके पास बहुतायत में होगी। 21 मई से 31 मई के बीच जन्म लेने वाले लोग सामाजिक व विश्वसनीय होते हैं। ऐसे लोग चिंतन तो करते ही हैं बल्कि शब्दों के स्वामी भी होते हैं। इनके पास शब्दों का खजाना होता है। बहुत सोच समझकर बात करते हैं। विचारों से भरपूर होते हैं। अपना ज्ञान दूसरों के साथ साझा करने में विश्वास रखते हैं। वे रचनात्मक कार्यों में सफलता हासिल करते हैं। इनमें डिजाइनिंग, लेखन और पेंटिंग आदि शामिल होते हैं।

इस समय के बीच जन्मे लोग संवाद में बेहतरीन होते हैं। हमेशा सार्थक बातचीत करते हैं। तर्क तलाशते हैं। जानकारी प्राप्त करते रहते हैं। वे कई बार अपने काम को संभालने में इस कदर डूब जाते हैं कि उन्हें पता ही नहीं रहता है। वे एक साथ कई कामों को करने के लिए पहचाने जाते हैं, जो काम हाथ में लेते हैं, उसे पूरी जिम्मेदारी के साथ बेहतरीन तरीके से निभाते हैं। उनका दिमाग पूरी तरह रचनात्मक कार्यों में लगा रहता है, वे अपने काम को पूरी तरह करते हैं और मंजिल हासिल करके ही दम लेते हैं।


बुध का क्या प्रभाव होता है मिथुन का पहले डेक्कन पर

आपको बता देते हैं कि मिथुन राशि के पहले भाग का स्वामी बुध ग्रह होता है। सामान्य तौर इस ग्रह को ज्ञान, संवाद और तर्क पूर्ण वार्तालाप का ग्रह माना जाता है। अगर ये सभी खासियत किसी एक ग्रह में है, तो वह ग्रह है बुध। यह ग्रह बच्चों की तरह एक और गुण देता है वो है जिज्ञासा। मिथुन राशि के इस पहले भाग में जन्में लोग ऐसे सवाल पूछते हैं, जिस तरह के सवाल कोई और नहीं पूछता है। बच्चों की तरह उनकी एक विशेषता और भी है। ये खासियत है उनका लुक्स। वे हमेशा युवा नजर आते हैं। उनके बहुत सारे दोस्त भी होते हैं। वे दोस्तों में बहुत प्रसिद्ध भी होते हैं।

दोस्तों को उनके आइडिया से हमेशा फायदा होता है। कई बार वे कोमल दिल और तेज दिमाग के बीच संतुलन बनाने में परेशानी महसूस करते हैं। दिमाग कुछ और सलाह देता है और दिल कुछ और कहता है। यह स्थिति उनके दिन प्रतिदिन के जीवन में देखने को मिलता है। वे अपने अति आत्मविश्वास के लिए जाने जाते हैं। इनमें धैर्य की थोड़ी कमी होती हैं, वे जल्द से जल्द जीवन में सब कुछ हासिल करना चाहते हैं। वे लोगों के बीच जादूई व्यक्तित्व की तरह होते हैं, लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं और तारीफ भी लूटते हैं।

क्या होगा अगर हम मिथुन राशि के ज्योतिष से जुड़े तत्व, जैसे जन्म स्थान और जन्म समय को साथ में लाते हैं। इससे हमें ग्रहों का अधिक सटीक विश्लेषण हासिल होगा। यह परिणाम जीवन के बारे में अधिक स्पष्ट स्थिति पेश करेगा।

ग्रह आपके जीवन को कैसे प्रभावित करेंगे? जाने निःशुल्क जन्मकुंडली से।


मिथुन दूसरा डेक्कन : 1 जून से 10 जून

इस दौरान जन्म लेने वाले लोग स्वभाव से जासूस होते हैं। जब तक समस्या का हल नहीं तलाश लेते चैन से नहीं बैठते। वे पूरी सच्चाई जानकर ही रहते हैं। इनके लक्ष्य बड़े होते हैं। ये सघन प्रयास करते हैं, कोशिश करते हैं कि अपने पहले प्रयास में ही मंजिल को हासिल कर लें। ये सुलझे हुए विचारों के व्यक्ति होते हैं। ये उन लोगों से गहराई से जुड़ जाते हैं तो उनके प्रति भावनाएं रखते हैं। ये अपने प्यार को इजहार करने के मामले में भी बड़े एक्सपर्ट होते हैं।

इनमें से कुछ लोग ज्यादा बातें करने वाले भी होते हैं। यही वजह है कि ये हमेशा किसी न किसी सामाजिक समारोह में जाने के लिए तैयार रहते हैं। उनकी मेजबानी और भाग लेने में रुचि दिखाते हैं। उनके विचार बिखरे हुए होते हैं। वे अपने लक्ष्य को लेकर पूरी तरह फोकस्ड होते हैं। ये अच्छे दोस्त होते हैं। ये आपको पूरी तरह अच्छा रिस्पांस देते हैं। यात्रा उनके लिए हमेशा अच्छा अनुभव होता है, वे इसके लिए हमेशा तैयार रहते हैं।


शुक्र कैसे करता है प्रभावित मिथुन के दूसरे डेक्कन को

शुक्र प्रेम के देवता हैं। वे सुंदरता और करिश्माई व्यक्तित्व के स्वामी हैं। यही वजह है कि मिथुन राशि के इस भाग के स्वामी वे हैं, तो इसमें जन्मे लोगों का सुंदर और करिश्माई होना लाजमी है। ये लोग रचनात्मक और बेहद आकर्षक होते हैं। वे अपनी भावनाओं को लेकर बेहद सरल होते हैं, छुपाते नहीं है। इनमें कई ऐसे होते हैं जो दोहरा या जुड़वां व्यक्तित्व दिखाते हैं क्योंकि वे मिथुन राशि के जातक होते हैं। ऐसे में यह राशि कई बार भावुकता को प्रदर्शित करने से बचती है।

वे हमेशा दोस्ती की तलाश में रहते हैं, सुंदरता की खोज में लगे रहते हैं। शुक्र ऐसे लोगों को अच्छा कलाकार और मनोरंजक व्यक्ति बनाता है। कई ऐसे युवा होते हैं, जो अपनी गहरी भावनाओं का प्रदर्शन नहीं करते। अगर वह किसी पल में भावुक हो भी जाते हैं तो यह भावुकता बहुत कम समय के लिए होती है। इसके बाद दूर चले जाते हैं, अपने आपको अलग कर लेते हैं।


मिथुन तीसरा डेक्कन : 11 जून से 20 जून

ये सबसे अधिक रचनात्मक और मौलिकता पूर्ण लोग होते हैं। वे बहुत उत्साही होते हैं और आशावादी भी होते हैं। वे धूप की तरह होते हैं। हमेशा रोमांचक अनुभव के लिए तैयार रहते हैं। वे नए विचार और प्रयासों के लिए तैयार रहते हैं। कुल मिलाकर वे कम समय में सब कुछ पा लेना चाहते हैं, पूरा अनुभव कर लेने में विश्वास रखते हैं। आप उन्हें कई गतिविधियों में पूरी तरह सराबोर पाएंगे। ऐसे लोग कई बार अपने कामों को आधा ही छोड़ देते हैं और नया काम शुरू कर देते हैं।

लोगों के साथ ये लोग बहुत खुशनुमा और दोस्ताना व्यवहार वाले होते हैं। दोस्तों के साथ इनके बड़े विवाद नहीं होते। वे दोस्तों को सम्मान देने व सम्मान प्राप्त करने में विश्वास रखते हैं। जो लोग उनकी बातें दोहराते रहते हैं उन्हें लेकर कुछ विवाद जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है। ये दूसरा चांस देने में यकीन नहीं रखते। ये लीडर होते हैं, उनमें क्षमताएं होती हैं जिनके कारण लोग इनका अनुसरण करते हैं।


यूरेनस (अरुण) कैसे प्रभाव डालता है मिथुन के तीसरे डेक्कन को

यूरेनस के साथ ही शनि इस भाग में जन्म लेने वाले लोगों पर प्रभाव डालता है। ये उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाता है। ऐसे लोग बेहद जिम्मेदार होते हैं। ये कई बार अपनी समझ और क्षमताओं से सभी को प्रभावित भी कर देते हैं। क्षमता में अविश्वसनीय बढ़ोतरी भी देखने को मिलती है। शनि के कारण उनकी तर्कशक्ति भी अच्छी होती है, वाद-विवाद में जीत हासिल करते हैं। दोनों ग्रहों का मिलना ऐसे लोगों को शांति और सादगी पसंद बनाता है।

ये लोग ध्यान, एकाग्रता, बुद्धि और तर्क क्षमता से परिपूर्ण रहते हैं। अनुशासित रहना पसंद करते हैं और दूसरों से भी उसी तरह की उम्मीद रखते हैं। वे शांत व न्यायप्रिय नजर आते हैं। अपने सिद्धांतों पर जीवन जीते हैं। ये कुछ अनोखे और सबसे अलग होते हैं, उनकी रूचि भी अलग होती है। वे यात्रा कम करते हैं।

जो लोग सड़क यात्रा कम करते हैं ये उनके लिए संकेत है। अपनी कुंडली में मौजूद राशि व ग्रहों को अपना रास्ता बनाने दें।

ग्रह आपके जीवन को कैसे प्रभावित करेंगे? जाने निःशुल्क जन्मपत्री के साथ।