जन्मकुंडली चार्ट के तत्व और आपके जीवन में इसका महत्व

जन्मपत्रिका या जन्मकुंडली एक ऐसा शब्द है जो हम सभी ने अपने जीवन में कभी न कभी सुना है। इसके बारे में आम आदमी यही जानता है कि यह विभिन्न राशियों, सूर्य और चंद्रमा तथा विभिन्न ग्रहों से मिलकर बनाई जाती है। कुछ हद तक यह बात सही भी है परन्तु इसमें और भी बहुत कुछ होता है, आज हम आपको उसी बारे में विस्तार से बताएंगे।


जन्मपत्रिका या जन्मकुंडली चार्ट क्या हैं? (What are Kundli charts?)

कोई भी जन्मपत्रिका या जन्मकुंडली जीवन में घटने वाली किसी निश्चित घटना जैसे जन्म, विवाह या उत्सव के बारे में ग्रहों की स्थिति के आधार पर पूर्वानुमान लगाने के उपयोग में ली जाती है। कुंडली को आमतौर पर अंग्रेजी में राशिफल कहा जाता है। यह किसी व्यक्ति के जीवन पर ग्रहों, सूर्य और चंद्रमा के प्रभाव का पता लगाने में मदद करता है। कुंडली चार्ट का उपयोग कुछ भी करने के लिए सबसे अच्छा समय निर्धारित करने के लिए किया जाता है, एक त्योहार से लेकर एक अच्छी घटना के उत्सव तक, और किसी व्यक्ति के जीवन में (सरल शब्दों में) अच्छे भाग्य और दुर्भाग्य की भविष्यवाणी करने में भी मदद करता है। सरल शब्दों में कहें तो यह विभिन्न खगोलीय पिंडों की सही स्थिति के आधार पर जीवन की घटनाओं को जानने के काम आती है।

कई समाचार पत्रों और ऑनलाइन ब्लॉग्स में साप्ताहिक या दैनिक प्रकाशित राशिफल होते हैं जो उस दिन या सप्ताह के दौरान सूर्य, सितारों और ग्रहों की स्थिति की व्याख्या करते हैं और बताते हैं किसी विशेष राशि से संबंधित व्यक्ति का वह दिन कैसा बीतेगा। हिंदू धर्म में, कुंडली चार्ट मुख्य रूप से सितारों और चंद्रमा की गति पर आधारित होते हैं, और कोई भी अनुष्ठान या घटना हमेशा इस बात को ध्यान में रखकर की जाती है कि सितारे सही जगह पर हैं या नहीं। कुंडली चार्ट का हिंदू विवाहों में भी बहुत प्रभाव पड़ता है, जहां दूल्हा और दुल्हन दोनों की जन्मकुंडली को मिलाया जाता है, और इस प्रकार यह निर्धारित किया जाता है कि वे एक-दूसरे के लिए उपयुक्त हैं या नहीं, और यदि उनकी जन्मकुंडलियां नहीं मिलती हैं तो उनके विवाह करने को भी टालने का प्रयास किया जाता है।

हिंदू ज्योतिष के अनुसार, जन्म कुंडली, या जन्मपत्रिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है। जन्म कुंडली व्यक्ति के संपूर्ण जीवन को निर्धारित करती है और उसके जीवन की प्रत्येक घटना के बारे में सटीकता से बता सकती है। यदि आप भी अपनी जन्मतिथि के आधार पर जन्मपत्रिका बनवाना चाहते हैं तो हमारे विशेषज्ञ ज्योतिषी से संपर्क करें।

आइए कुछ ऐसे कारणों पर चर्चा करते हैं जो यह बताते हैं कि हमारे जीवन में जन्मकुंडली क्यों महत्वपूर्ण हैं।


कुंडली चार्ट के लाभ (Benefits of the Kundli charts)

हिंदू ज्योतिष प्रणाली में जन्मकुंडली के अलग-अलग चार्ट व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह कहा जा सकता है कि कुंडली चार्ट हिंदू ज्योतिष का आधार है।

आप किसी भी हिंदू परिवार में चले जाएं, आपको वहां एक पंडित की भूमिका अवश्य दिखाई देगी। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह परिवार कितना उन्नत और आधुनिक है, लेकिन आज भी, हर कोई जीवन का कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले उचित पंडित की सलाह के लिए जाता है, चाहे वह शादी हो, घर में एक पारंपरिक अनुष्ठान हो, या एक गृहप्रवेश हो। हिंदू मान्ताओं के अनुसार ये सभी महत्वपूर्ण घटनाएं व्यक्ति की कुंडली चार्ट से जानी जा सकती हैं। वास्तव में, सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की चाल का मनुष्य के जीवन पर सकारात्मक और नकारात्मक रूप से बहुत प्रभाव पड़ता है। किसी व्यक्ति के जीवन में जो कुछ भी होता है वह केवल “कर्म” के कार्यों और प्रतिक्रिया के परिणाम होते हैं, लेकिन ऐसा कोई पैमाना नहीं है जो वास्तव में अच्छे या बुरे कर्म को परिभाषित करता हो; कुंडली हमारे जीवन में होने वाली सभी घटनाओं को दर्शाती है। जो भी हो, हमें अपने पूर्वजों की आस्था का सम्मान करते हुए उनके द्वारा सुझाए गए मार्ग पर चलना चाहिए। अंत में, जो मायने रखता है वह है “खुशी।”

यदि आप मुझसे पूछें, तो कई ऐसे अनुभव हैं जो पिछली पीढ़ियों के सामने आए हैं, और कुंडली के अनुसार सत्य पाए गए हैं, इसलिए यदि आप अपने जीवन की कुछ प्रमुख घटनाओं, जैसे विवाह, नौकरी, व्यवसाय, बच्चे के जन्म का सटीक अनुमान लगाना चाहते हैं तो इसके लिए अपनी जन्मकुंडली के अनुसार ज्योतिषी के निर्देशों का पालन करना हमेशा बेहतर होता है। एक ज्योतिषी की मदद से, हमारे ग्रह की चाल और कुंडली में वर्णित ग्रहों की दशा के आधार पर भविष्य में घटने वाली घटनाओं की जटिलताओं और अनदेखी समस्याओं को या तो हल किया जा सकता है या कुछ हद तक कम किया जा सकता है।

इस तरह हम समझ सकते हैं कि जन्मकुंडली हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आइए उन तत्वों के बारे में भी जानें जिनके आधार पर जन्मकुंडली बनाई जाती है और कुंडली देखते समय जिन बातों का ध्यान रखा जाता है। अपनी जन्मपत्रिका में ग्रहों की स्थिति के आधार पर अपना भविष्य जानिए। हमारे विशेषज्ञों से निशुल्क कुंडली चार्ट प्राप्त करें।


कुंडली चार्ट के तत्व (Elements of the Kundli Chart)

हिंदू ज्योतिष में कई ऐसे तत्व हैं जो अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और जिनके उपयोग किए बिना हम जन्मपत्रिका नहीं बना सकते हैं। ये तत्व बारह (राशि) राशियां, सत्ताईस नक्षत्र, नौ ग्रह, उनकी दशा और महादशा, भाव, गोचर और दृष्टि हैं।

आइए सबसे पहले हम राशियों के बारे में जानने से ही शुरूआत करते हैं।
राशि चक्र (राशि) (Zodiac signs (Rashis)
ज्योतिष में कुल बारह राशियां बताई गई हैं जो निम्न प्रकार हैं
1. मेष (Aries)
2. वृषभ (Taurus)
3. मिथुन (Gemini)
4. कर्क (Cancer)
5. सिंह (Leo)
6. कन्या (Virgo)
7. तुला (Libra)
8. वृश्चिक (Scorpio)
9. धनु (Sagittarius)
10. मकर (Capricorn)
11. कुंभ (Aquarius)
12. मीन (Pisces)

नक्षत्र (Nakshatras)
ज्योतिष शास्त्र में कुल 27 नक्षत्रों को वर्णन किया गया है। वास्तव में नक्षत्र अपने आप में कुछ भी नहीं हैं वरन दृश्य अंतरिक्ष को 27 विभिन्न भागों में विभक्त कर उनकी पहचान की गई है। इनका उपयोग ग्रहों की सटीक स्थिति जानने के लिए किया जाता है।

1. अश्विनी
2. पुष्य
3. हस्त
4. मृगशिरा
5. चित्रा
6. अनुराधा
7. रेवती
8. रोहिणी
9. उत्तरफाल्गुनी
10. उत्तराषाढ़ा
11. उत्तराभाद्र
12. पुनर्वसु
13. स्वाति
14. श्रवण
15. धनिष्ठा
16. शतभिषा
17. आर्द्रा
18. अश्लेषा
19. ज्येष्ठा
20. मूल
21. भरणी
22. माघ
23. पूर्वाफाल्गुनी
24. पूर्वाषाढ़
25. पूर्वाभाद्र
26. कृतिका
27. विशाखा

दशा (Dashas)
जन्मकुंडली में दशा का अर्थ है ग्रहों की स्थिति और समय। जैसा कि हम जानते हैं, प्रत्येक ग्रह किसी व्यक्ति के जीवन को अच्छे या बुरे तरीके से प्रभावित करता है, जो किसी व्यक्ति की कुंडली में स्थान, प्रभुत्व और उनकी उपस्थिति की अवधि पर निर्भर करता है। कुंडली में किस ग्रह की दशा चल रही है, और गोचर में उसकी स्थिति क्या है, इसके आधार पर हम व्यक्ति के भूत, भविष्य और वर्तमान का पूर्वानुमान लगा सकते हैं।

ग्रह (Graha Or Planets)
हिंदू ज्योतिष के अनुसार नौ ग्रह हैं जिनके आधार पर जन्मकुंडली का निर्माण किया जाता है। इन्हें सामूहिक रूप से नवग्रह भी कहा जाता है। ये इस प्रकार हैं-

1. सूर्य (Sun)
2. चंद्रमा (Moon)
3. बुध (Mercury)
4. शुक्र (Venus)
5. मंगल (Mars)
6. बृहस्पति (Jupiter)
7. शनि (Saturn)
8. राहु (Rahu)
9. केतु (Ketu)

भाव (Bhavas)
भाव का अर्थ कुंडली चार्ट में 12 घरों से है। ये हैं लग्न भाव, धन भाव, भ्रात भाव, सुख भाव, पुत्र भाव, शत्रु भाव, काल भाव, आयु भाव, लाभ भाव और व्यय भाव। इन भावों में ग्रह की स्थिति व्यक्ति के जीवन पर उसके सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव को तय करती है।

गोचर (Gochar)
ज्योतिष में गोचर का अर्थ है कि वर्तमान में ग्रहों की स्थिति क्या है। जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति का गोचर से मिलान किया जाता है और उसके बाद दोनों के तुलनात्मक अध्ययन से भविष्यवाणी की जाती है।

दृष्टि (Drishti)
दृष्टि का अर्थ है “की ओर देखना”, ज्योतिष में इसका अर्थ है एक ग्रह की दृष्टि। यह केवल एक ग्रह की स्थिति ही मायने नहीं रखता है, बल्कि जीवन की अप्रत्याशित घटनाओं के सही परिणाम को जानने के लिए एक ग्रह की दृष्टि तथा उस ग्रह पर दूसरे ग्रहों की दृष्टि भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

ये वे तत्व थे जिन्हें किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली अथवा जन्मपत्रिका का विश्लेषण करते समय ध्यान में रखा जाता है। अब आगे हम कुंडली चार्ट के बारे में पूछे जाने वाले कुछ सामान्य प्रश्नों के उत्तर जानेंगे।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)

मैं अपनी कुंडली कैसे जान सकता हूं?
इसके लिए आपको अपने जन्म की सही तारीख, समय तथा जन्मस्थान का पता होना आवश्यक है। इस जानकारी के आधार पर जन्म के समय सभी ग्रहों की स्थिति जान कर एक ज्योतिषी आसानी से आपकी कुंडली चार्ट तैयार कर सकता है।

क्या कुंडली भविष्य बता सकती है?
निश्चित रूप से। यदि जन्मपत्रिका पूर्ण रूप से सही है तो विद्वान ज्योतिष उसके आधार पर आपके भविष्य की सौ फीसदी सटीकता के साथ भविष्यवाणी कर सकते हैं। ऐसे बहुत से उदाहरण भी हमारे सामने हैं जिनमें प्रसिद्ध ज्योतिषियों ने किसी बड़े सेलिब्रिटी के बारे में भविष्यवाणी की और बाद में वह बिल्कुल सही निकली।

क्या शादी के लिए जन्मकुंडली अत्यन्त महत्वपूर्ण है?
आमतौर पर शादी से पहले जन्मपत्रिका मिलान की या जन्मपत्रिका के विश्लेषण की बात की जाती है। जन्मपत्रिका को जानकर आप होने वाले जीवनसाथी के व्यक्तित्व, स्वभाव तथा उसके भविष्य के बारे में काफी हद तक सही अंदाजा लगा सकते हैं। यदि आपको सामने वाले में सभी चीजें अनुकूल लगती हैं तो आप एक विश्वसनीय और भरोसेमंद लाइफ पार्टनर पा सकते हैं, अन्यथा आप किसी और की तलाश में जा सकते हैं।

हमें आशा है कि अब आप जन्मकुंडली या जन्मपत्रिका के बारे में काफी कुछ जान गए हैं कि किस तरह कुंडली चार्ट काम करते हैं, किस तरह उनके जरिए भविष्यवाणी की जा सकती है। हम उम्मीद करते हैं कि आप भी अपने बेहतर भविष्य के लिए अपनी जन्मकुंडली की जांच करवाएंगे और आपका जीवन कामयाबी और सफलता की राह पर जाने लगेगा। ऑल द बेस्ट!